ऐसा हो स्कूल हमारा

जहाँ न बस्ता कंधा तोड़े जहाँ न पटरी माथा फोड़े जहाँ न अक्षर कान उखाड़ें जहाँ न भाषा ज़ख़्म उभारे ऐसा हो स्कूल हमारा! जहाँ अंक सच-सच बतलाएँ जहाँ प्रश्न हल...

कोयल

देखो कोयल काली है पर मीठी है इसकी बोली, इसने ही तो कूक-कूककर आमों में मिश्री घोली। कोयल! कोयल! सच बतलाना क्या संदेसा लायी हो, बहुत दिनों के बाद आज...

तितली और बाबू

यह कहानी यहाँ सुनें: https://youtu.be/62hcInPNDvU बाबू है एक लड़का। छोटा-सा, प्यारा-सा, सुन्दर-सा, होशियार। लेकिन थोड़ा-सा नटखट। बाबू है तीसरी कक्षा में। इस बार दिल लगाकर पढ़ा।...

खिड़की में खड़ी नन्ही लड़की

किताब अंश: 'तोत्तो चान' माँ की चिन्ता का एक कारण था। तोत्तो-चान ने अभी हाल में ही स्कूल जाना शुरू किया था। पर उसे पहली...

लाॅकडाउन के दसवें दिन में

लाॅकडाउन के दसवें दिन में चिंटू लगा नज़ारे गिनने पापा ने दरवाज़ा खोला चिंटू फिर चहक के बोला- 'खिड़की पे चिड़िया थी आयी मैंने उसकी ड्राइंग बनायी देखो पापा कैसी...

सुन्दर लड़की

समुद्र के किनारे एक गाँव था। उसमें एक कलाकार रहता था। वह दिन-भर समुद्र की लहरों से खेलता रहता, जाल डालता और सीपियाँ बटोरता।...

गोरैया

आज गोरैया ने गाना गाया, पोखर में नहायीं जी भर, धूप में बेख़ौफ़ ख़ुद को सुखाया फुदकती फिरी घास पर यूँ ही, सबने मिल चौपाल सजाया, बातों-बातों में किसी से रूठीं, फिर बातों से उन्हें मनाया, आज किसी...

चिड़िया

'Chidiya', by Amandeep Gujral दूर गगन में उड़ती चिड़िया लौट धरा पर मुझ तक आयी, बोली तू भी पँख लगा ले चल सपनों में गोते खा ले । नभ...

भोलू और चंदू

'Bholu Aur Chandu', a story for kids by Nidhi Agarwal मास्टर जी ने कल के क्लास टेस्ट के पेपर्स बाँटे और कहा कि कल के टेस्ट...

वॉकी-टॉकी दादी-पोती

'Walky Talky Dadi Poti', by Bilqis Zafirul Hasan पार्क की पहली धूप से मिलने उँगली से उँगली को थामे सब को हेलो-हेलो करती वॉकी-टॉकी दादी-पोती सहज-सहज चलती हैं दादी आगे-पीछे फिरती...

अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी

'Ab Yeh Chidiya Kahan Rahegi', Bal Kavita by Mahadevi Verma आँधी आयी ज़ोर-शोर से, डालें टूटी हैं झकोर से। उड़ा घोंसला अण्डे फूटे, किससे दुःख की बात कहेगी! अब यह चिड़िया...

कौआ और कोयल

छत के उपर, काँव-काँव कर कौआ शोर मचाता है ढीठ बना वो बैठा रहता कोयल को बहुत सताता है कोयल बोली- कितनी मीठी मेरी बोली सबका मन हर्षाती है तेरी बोली...

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तुम्हारी जात-पाँत की क्षय

हमारे देश को जिन बातों पर अभिमान है, उनमें जात-पाँत भी एक है। दूसरे मुल्कों में जात-पाँत का भेद समझा जाता है भाषा के...
Anujeet Iqbal

उसका होना

उसके नाम की प्रतिध्वनि किसी स्पन्दन की तरह मन की घाटी में गहरी छुपी रही और मैं एक दारुण हिज्र जीती रही वेदना, व्याकुलता के मनोवेगों में त्वरित बिजुरी की...
Do Log - Gulzar

गुलज़ार के उपन्यास ‘दो लोग’ से किताब अंश

गुलज़ार का उपन्यास 'दो लोग' विभाजन की त्रासदी के बारे में है—त्रासदी भी ऐसी कि इधर आज़ादी की बेला आने को है, और उधर...
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जहाँ मैं साँस ले रहा हूँ अभी

जहाँ मैं साँस ले रहा हूँ अभी वहाँ से बहुत कुछ ओझल है ओझल है हत्यारों की माँद ओझल है संसद के नीचे जमा होते किसानों के ख़ून...
Kaynaat

कायनात की कविताएँ

1 इश्क़, तुम मेरी ज़िन्दगी में आओ तो यूँ आओ कि जैसे किसी पिछड़े हुए गाँव में कोई लड़की घण्टों रसोई में खपने के बाद पसीने से भीगी बाहर...
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स्पेनिश कवि उबेरतो स्तबिल की कविताएँ

उबेरतो स्तबिल, स्पेनिश कवि और चर्चित अंतर्राष्ट्रीय स्पेनिश पत्रिका के सम्पादक हैं, उनकी कई किताबें प्रकाशित और अनूदित हो चुकी हैं। अनुवाद: पंखुरी सिन्हा एक पाठक...
Pooja Shah

पूजा शाह की कविताएँ

पाज़ेब पाज़ेब पाँवों में नहीं स्तनों पर पहनने से सार्थक होंगी जब औरतें क़दम रखती हैं पकौड़ियों की थाली लिए आदमियों से भरे कमरे में उनकी गपशप के बीच या जब...
Kailash Gautam

कविता मेरी

आलम्बन, आधार यही है, यही सहारा है कविता मेरी जीवन शैली, जीवन धारा है। यही ओढ़ता, यही बिछाता यही पहनता हूँ सबका है वह दर्द जिसे मैं अपना कहता...
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क़ब्ल-अज़-तारीख़

सुबह से माँ के घुटनों का दर्द तेज़ था। पिछली रात देसी बाम, गरम पानी और तेल का कोई ख़ास असर नहीं हुआ। इधर...
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लुचिल्ला त्रपैज़ो की कविताएँ

लुचिल्ला त्रपैज़ो स्विस इतालवी कवयित्री हैं। उनके चार कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और उनकी रचनाएँ कई भाषाओं में अनूदित भी हो चुकी...
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