मैंने उससे कहा कि मुझे
इश्क़ है
मैं प्रेम करता हूँ तुमसे
उसने कहा कि तुम्हें
इश्क़ कैसे हो सकता है
तुम तो कॉमरेड हो
क्रांतिकारी हो
मैंने उसकी आँखें देखी
और कहने लगा कि
प्रेम में क्या है
देखो रक्त लाल है
गुलाब की पत्तियां भी लाल
फिर प्रेम का रंग भी लाल है
तो बताओ मैं प्रेम कैसे न करूँ
जब मेरा प्रतीक लाल है
ओर हर क्रांतिकारी
पहले प्रेमी होता है
चाहे वो देश प्रेमी हो
या केवल प्रेमी
पर उसमें प्रेम होता है
स्पर्श करने की क्षमता होती है
वो किसी की भी देह का हृदय लांघ सकता है
वो देर रात जाग सकता है
वो चाँद पर घण्टो बैठकर तुम्हें नज्म सुना सकता है
अब बताओ तुम कि
मैं प्रेमी कैसे नहीं हूँ
और क्यूँ न प्रेम करूँ
वो निरुत्तर थी
उसे प्रेम की छांव की तलाश थी
पर यहाँ उसे पूरा वट वृक्ष मिला
लाल रंग के फूलों से लदा हुआ..

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अजनबी राजा
राजस्थान के जोधपुर जिले से , अभी स्नातकोत्तर इतिहास विषय मे अध्यनरत हूँ ।

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