गुणवान बहुत
गणतंत्र हमारा
जनमंत्रों से
अभिमंत्रित है.

विश्वगुरु हम
थे सदियों
फिर गुरू विश्व के
हों सदियों.

***
© मनोज मीक

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मनोज मीक
〽️ मनोज मीक भोपाल के मशहूर शहरी विकास शोधकर्ता, लेखक, कवि व कॉलमनिस्ट हैं.

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