Poem: ‘I Can’t Tell’ – Orhan Veli Kanik
Translation from Original (Turkish): Talât Sait Halman

अंग्रेज़ी से अनुवाद: देवेश पथ सारिया

अगर रोता हूँ मैं
क्या तुम कविता में सुन पाओगे
मेरी आवाज़,
क्या तुम अपने हाथ से छुओगे
मेरे आँसू

मैं अनभिज्ञ था गीतों की सुन्दरता
और शब्दों की दुर्बलता से
इस मुसीबत के आने से पहले

मैं जानता हूँ कि एक जगह है
जहाँ कुछ भी कहा जा सकना सम्भव है
मैं क़रीब बहुत हूँ उस जगह के

बस,
मैं समझा नहीं सकता।

देवेश पथ सारिया
कवि-लेखक एवं अनुवादक। पुरस्कार— भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार (2023) प्रकाशित पुस्तकें— कविता संग्रह: नूह की नाव : साहित्य अकादेमी, दिल्ली से; A Toast to Winter Solstice. कथेतर गद्य: छोटी आँखों की पुतलियों में (ताइवान डायरी)। अनुवाद: हक़ीक़त के बीच दरार : ली मिन-युंग की कविताएँ; यातना शिविर में साथिनें : जाॅन गुज़लाॅव्स्की की कविताएँ। अन्य भाषाओं में अनुवाद/प्रकाशन: कविताओं का अनुवाद अंग्रेज़ी, मंदारिन चायनीज़, रूसी, स्पेनिश, बांग्ला, मराठी, पंजाबी और राजस्थानी भाषा-बोलियों में हो चुका है। इन अनुवादों का प्रकाशन लिबर्टी टाइम्स, लिटरेरी ताइवान, ली पोएट्री, यूनाइटेड डेली न्यूज़, स्पिल वर्ड्स, बैटर दैन स्टारबक्स, गुलमोहर क्वार्टरली, बाँग्ला कोबिता, इराबोती, कथेसर, सेतु अंग्रेज़ी, प्रतिमान पंजाबी और भरत वाक्य मराठी पत्र-पत्रिकाओं में हुआ है। हिंदी की लगभग सभी महत्वपूर्ण पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का निरंतर प्रकाशन।