चलती गाड़ी रोक ली गई। जो दूसरे मजहब के थे, उनको निकाल-निकालकर तलवारों और गोलियों से हलाक कर दिया गया।

इससे फारिग होकर गाड़ी के बाकी मुसाफिरों की हलवे, दूध और फलों से तवाजो की गई।

गाड़ी चलने से पहले तवाजो करने वालों के मुंतजिम ने मुसाफिरों को मुखातिब करके कहा- “भाइयो और बहनो, हमें गाड़ी की आमद की इत्तिला बहुत देर में मिली; यही वजह है कि हम जिस तरह चाहते थे, उस तरह आपकी खिदमत न कर सके…!”

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सआदत हसन मंटो
सआदत हसन मंटो (11 मई 1912 – 18 जनवरी 1955) उर्दू लेखक थे, जो अपनी लघु कथाओं, बू, खोल दो, ठंडा गोश्त और चर्चित टोबा टेकसिंह के लिए प्रसिद्ध हुए। कहानीकार होने के साथ-साथ वे फिल्म और रेडिया पटकथा लेखक और पत्रकार भी थे। अपने छोटे से जीवनकाल में उन्होंने बाइस लघु कथा संग्रह, एक उपन्यास, रेडियो नाटक के पांच संग्रह, रचनाओं के तीन संग्रह और व्यक्तिगत रेखाचित्र के दो संग्रह प्रकाशित किए।

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