तुम्हारे साथ मुझे बँधना है, वो बँधन चाहे जैसा हो

'Tumhare Sath Mujhe Bandhna Hai', Hindi Patr by Rupam Mishra तुम आंशिक रूप से घुल गये हो मेरे व्यक्तित्व में! तुम्हारा श्रेष्ठ चरित्र हमेशा मेरे...

सभ्यता क्या है?

'Sabhyata Kya Hai', a letter from Jawaharlal Nehru to his daughter Indira Gandhi अनुवाद: प्रेमचंद मैं आज तुम्हें पुराने ज़माने की सभ्यता का कुछ हाल बताता...

फिर लौटकर आऊँगी

प्रियतम, सहज नहीं है, तुम्हारे प्रति प्रेम को मात्र शब्दों में परिभाषित करना, जैसे सहज नहीं है तुम्हारे नाम को हृदय की धमनियों के स्पंदन...

जबानों का आपस में रिश्ता

"जो कौमें आज दूर-दूर के मुल्कों में रहती हैं और भिन्न-भिन्न भाषाएँ बोलती हैं, वे सब किसी जमाने में एक ही बड़े खानदान की रही होंगी।"

आदमियों की कौमें और जबानें

"संस्कृत में आर्य शब्द का अर्थ है शरीफ आदमी या ऊँचे कुल का आदमी। संस्कृत आर्यों की एक जबान थी इसलिए इससे मालूम होता है कि वे लोग अपने को बहुत शरीफ और खानदानी समझते थे। ऐसा मालूम होता है कि वे लोग भी आजकल के आदमियों की ही तरह शेखीबाज थे।"

तरह-तरह की कौमें क्योंकर बनीं

"रंग से आदमी की लियाकत, भलमनसी या खूबसूरती पर कोई असर नहीं पड़ता।"

शुरू के आदमी

"मैंने अपने पिछले खत में लिखा था कि आदमी और जानवर में सिर्फ अक्ल का फर्क है। अक्ल ने आदमी को उन बड़े-बड़े जानवरों से ज्यादा चालाक और मजबूत बना दिया जो मामूली तौर पर उसे नष्ट कर डालते।"

द्वारा 56 एपीओ

(सेना की ट्रेनिंग में माँ की लिखी चिट्ठियों से कुछ अंश) आरम्भ मैं कुशल से हूँ तुम्हारा कुशल क़ायम हेतु सदा ईश्वर से मनाया करती हूँ...

आदमी कब पैदा हुआ

"तुमको यह भी मालूम होगा कि ऊँचे दरजे के जानवरों को अपने बच्चों से थोड़ा-बहुत प्रेम होता है। आदमी सबसे ऊँचे दरजे का जानवर है, इसलिए माँ और बाप अपने बच्चों को बहुत प्यार करते और उनकी हिफाजत करते हैं।"

सुभाष चन्द्र बोस का उनके बड़े भाई शरत चन्द्र बोस को...

यह पत्र सुभाष चन्द्र बोस ने अपने बड़े भाई शरत चन्द्र बोस को तब लिखा था जब सुभाष केवल 15 साल के थे और उनके भाई शरत वकालत पढ़ने के लिए इंग्लैंड जाने की तयारी कर रहे थे। यह पत्र पढ़िए और जानिए कि "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा!" जैसा नारा देने वाला राजनेता भी जीवन के उसी पड़ाव से होकर आया था जहाँ बालकपन की हठ भी है, कविताओं से प्रेम भी, प्रकृति-आकर्षण भी और अपनों के प्रति आदरपूर्ण स्नेह भी!

जानवर कब पैदा हुए

"वे अपने को उसी तरह का बना लेते हैं जैसे उनके आसपास की चीजें हों। उनका रंग इसलिए बदल जाता है कि वे अपने को दुश्मनों से बचा सकें, क्योंकि अगर उनका रंग आस-पास की चीजों से मिल जाए तो वे आसानी से दिखाई न देंगे। सर्द मुल्कों में उनकी खाल पर बाल निकल आते हैं जिससे वे गर्म रह सकें। इसीलिए चीते का रंग पीला और धारीदार होता है, उस धूप की तरह, जो दरख्तों से हो कर जंगल में आती है। वह घने जंगल में मुश्किल से दिखाई देता है।"

जानदार चीजें कैसे पैदा हुईं

"तुम पूछोगी कि जमीन पर जानदार चीजों का आना कब शुरू हुआ और पहले कौन-कौन सी चीजें आईं। यह बड़े मजे का सवाल है, पर इसका जवाब देना आसान नहीं है। पहले यह देखो कि जान है क्या चीज। शायद तुम कहोगी कि आदमी और जानवर जानदार हैं। लेकिन दरख्तों और झाड़ियों, फूलों और तरकारियों को क्या कहोगी? यह मानना पड़ेगा कि वे सब भी जानदार हैं। वे पैदा होते हैं, पानी पीते हैं, हवा में साँस लेते हैं और मर जाते हैं। दरख्त और जानवर में खास फर्क यह है कि जानवर चलता-फिरता है, और दरख्त हिल नहीं सकते।"

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