शमशेर बहादुर सिंह के नाम पत्र

शमशेर बहादुर सिंह को मुक्तिबोध का पत्र घर न० 86, विष्णु दाजी गली, नई शुक्रवारी, सरकल न० 2 नागपुर प्रिय शमशेर,कुछ दिन पूर्व श्री प्रभाकर पुराणिक को लिखे...

अख़बारों की आज़ादी

बंगाल की प्रांतीय कांग्रेस कमेटी की कार्य-समिति के 'युगान्तर' पत्र के बहिष्कार का प्रस्ताव पास करने तथा बंगाल सरकार द्वारा कई पत्रों से जमानत...

सरग़ना राजा हो गया

‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’ से – जवाहरलाल नेहरू के ख़त, इंदिरा गाँधी को अनुवाद: प्रेमचंदबूढ़े सरग़ना ने हमारा बहुत-सा वक़्त ले लिया। लेकिन हम उससे...

सरग़ना का इख़्तियार कैसे बढ़ा

'पिता के पत्र पुत्री के नाम' से - जवाहरलाल नेहरू के ख़त, इंदिरा गाँधी कोअनुवाद: प्रेमचंदमुझे उम्मीद है कि पुरानी जातियों और उनके बुज़ुर्गों...

अब्राहिम लिंकन का पत्र मेरी ऑवेंस के नाम

यह पत्र लिंकन ने राष्ट्रपति बनने से बहुत पूर्व अपनी युवावस्था में लिखा था। स्प्रिंग-फ़ील्ड, 7 मई, 1837 मित्र मेरी,प्रस्तुत पत्र से पहले मैंने दो चिट्ठियाँ लिखनी आरम्भ...

ख़ानदान का सरग़ना कैसे बना

अनुवाद: प्रेमचंदमुझे भय है कि मेरे ख़त कुछ पेचीदा होते जा रहे हैं। लेकिन अब ज़िन्दगी भी तो पेचीदा हो गई है। पुराने ज़माने...

खेती से पैदा हुई तब्दीलियाँ

अनुवाद: प्रेमचंदअपने पिछले ख़त में मैंने कामों के अलग-अलग किए जाने का कुछ हाल बतलाया था। बिल्कुल शुरू में जब आदमी सिर्फ़ शिकार पर...

उपेन्द्रनाथ अश्क का राजकमल चौधरी को पत्र

5, ख़ुसरोबाग़ रोड इलाहाबाद, 21-11-61 प्रिय राजकमल,तुम्हारा पत्र मिला। उपन्यास (नदी बहती है) की प्रतियाँ भी मिलीं। मैं उपन्यास पढ़ भी गया। रात ही मैंने उसे...

सफ़िया का पत्र जाँ निसार अख़्तर के नाम

भोपाल, 15 जनवरी, 1951 अख़्तर मेरे,पिछले हफ़्ते तुम्हारे तीन ख़त मिले, और शनीचर को मनीआर्डर भी वसूल हुआ। तुमने तो पूरी तनख़्वाह ही मुझे भेज दी... तुम्हें...

एक ख़त स्वयंसिद्धाओं के नाम

एक ख़त हर उस लड़की के नाम जिसे अपनी ज़िन्दगी ख़ुद बनानी है...अभी तो धूप गुनगुनी है, बीतते समय के साथ ये चटख होती...

मज़हब की शुरुआत और काम का बँटवारा

अनुवाद: प्रेमचंदपिछले ख़त में मैंने तुम्हें बतलाया था कि पुराने ज़माने में आदमी हर एक चीज़ से डरता था और ख़याल करता था कि...

जातियों का बनना

'Jaatiyon Ka Banana', a letter from Jawaharlal Nehru to his daughter Indira Gandhiअनुवाद: प्रेमचंदमैंने पिछले ख़तों में तुम्हें बतलाया है कि शुरू में जब...

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1सृष्टि की अतल आँखों में फिर उतरा है शक्ति का अनंत राग धूम्र गंध के आवक स्वप्न रचती फिर लौट आयी है देवी रंग और ध्वनि का निरंजन...
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चेन कुन लुन की कविताएँ

चेन कुन लुन का जन्म दक्षिणी ताइवान के काओशोंग शहर में सन 1952 में हुआ। वह एक सुधी सम्पादक रहे हैं। चेन लिटरेरी ताइवान...
Bharat Ke Pradhanmantri - Rasheed Kidwai

किताब अंश: भारत के प्रधानमंत्री

सुपरिचित पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई की किताब 'भारत के प्रधानमंत्री : देश, दशा, दिशा' भारत के पहले प्रधानमंत्री से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री...
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एक छाया-चित्र है। प्रेमचन्द और प्रसाद दोनों खड़े हैं। प्रसाद गम्भीर सस्मित। प्रेमचन्द के होंठों पर अस्फुट हास्य। विभिन्न विचित्र प्रकृति के दो धुरन्धर...
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अठन्नी, चवन्नी और क्रमशः

इस बार उन्हें नहीं था मोह स्वर्ण-मृग का फिर भी खींची गई थीं लक्ष्मण रेखाएँवे पढ़ीं, आगे बढ़ीं लक्ष्मण रेखाएँ लाँघकर रावण से जा भिड़ींगूँजते आए थे स्वर नेपथ्य...
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