मदहोशी

चलते चलते मुझे लगा कि
मैं गलत आ गया हूँ
एक व्यक्ति से रास्ता पूछा
उसने कोई तवज्जो नहीं दी
पास में ही शराब की दुकान थी
एक सज्जन वहां से निकले और
मैंने कहा भाई साहब अमुक जगह
का रास्ता बता दीजिए
वह व्यक्ति बड़े प्यार से मेरे पास आया, उसने शराब पी रखी थी, लेकिन हाथ से इशारा कर कहने लगा- इतनी दूर सीधे जाकर बाएं मुड़ेंगे तो सामने आपकी मंजिल मिल जाएगी। इतने प्यार से उसने बताया कि ये खयाल आया-

गर जहां सारा शराबी हो जाये
तो दुनिया कितनी खूबसूरत हो जाये
रहे ना जात और धर्म के झगड़े
मयखाना ही मंदिर ओ काबा हो जाये
रहे ना आपसी दुश्मनी कोई
प्यार ही प्यार बाकी रह जाये।