मनोहर श्याम जोशी के उद्धरण | Manohar Shyam Joshi Quotes

 

“प्यार होता है तो पहली ही नज़र में पूरी तरह हो जाता है। दूसरी नज़र में तो आलोचना हो सकती है, पुनर्विचार हो सकता है।”

 

“ज़िन्दगी की घास खोदने में जुटे हम जब कभी चौंककर घास, घाम और खुरपा तीनों को भुला देते हैं, तभी प्यार का जन्म होता है!”

 

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मनोहर श्याम जोशी
मनोहर श्याम जोशी (9 अगस्त, 1933 - 30 मार्च, 2006) आधुनिक हिन्दी साहित्य के श्रेष्ट गद्यकार, उपन्यासकार, व्यंग्यकार, पत्रकार, दूरदर्शन धारावाहिक लेखक, जनवादी-विचारक, फिल्म पट-कथा लेखक, उच्च कोटि के संपादक, कुशल प्रवक्ता तथा स्तंभ-लेखक थे। दूरदर्शन के प्रसिद्ध और लोकप्रिय धारावाहिकों- 'बुनियाद', 'नेताजी कहिन', 'मुंगेरी लाल के हसीं सपने', 'हम लोग' आदि के कारण वे भारत के घर-घर में प्रसिद्ध हो गए थे। वे रंग-कर्म के भी अच्छे जानकार थे। उन्होंने धारावाहिक और फिल्म लेखन से संबंधित 'पटकथा-लेखन' नामक पुस्तक की रचना की है। 'दिनमान' और 'साप्ताहिक हिन्दुस्तान' के संपादक भी रहे।