‘The Prophet: Marriage’ : : Kahlil Gibran
अंग्रेज़ी से अनुवाद: गौरव अदीब

और तब अलमित्रा ने दोबारा पूछा, “शादी के बारे में आप क्या कहेंगे?”

उन्होंने जवाब दिया :
तुम दोनों एक साथ इस दुनिया में आये हो और रहोगे भी।
तुम तब तक साथ रहोगे जब तक मृत्यु तुम्हें अलग नहीं कर देती।
तुम दोनों हमेशा एक साथ ईश्वर की स्मृति में रहोगे।
लेकिन ज़रूरी है कि तुम दोनों में एक आवश्यक दूरी बनी रहे,
इतनी कि तुम्हारे बीच स्वर्ग की हवा नृत्य कर सके।
एक दूसरे को प्रेम करो लेकिन प्रेम के बंधन में बाँधो नहीं।
तुम दोनों अपनी आत्माओं के तटों के बीच एक समुद्र को बहने दो।
एक दूसरे के प्यालों को भरो लेकिन एक प्याले से पियो नहीं।
अपनी रोटी दूसरे को दे दो मगर एक रोटी से खाओ नहीं।
साथ नाचो, गाओ और ख़ुश रहो लेकिन एक दूसरे को एकांत का सुख जीने दो।
वीणा के तार अलग-अलग होते हुए भी एक-सा संगीत उपजाते हैं।

तुम दोनों एक दूसरे को अपने दिल दो लेकिन एक दूसरे के स्वामित्व में नहीं।
क्योंकि तुम्हारे दिलों पर स्वामित्व तो केवल उस परम शक्ति का हो सकता है।
साथ होने के लिए हमेशा पास खड़े होने की ज़रूरत नहीं होती।
मंदिर के स्तम्भ एक दूसरे से एक तय दूरी पर ही होते हैं,
शाह बलूत और साईप्रस के पेड़ एक दूसरे की छाँव से अलग ही उगते हैं, छाँव में नहीं।

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