‘Mujhse Chand Kaha Karta Hai’, a poem by Harivanshrai Bachchan

मुझसे चाँद कहा करता है।

चोट कड़ी है काल प्रबल की,
उसकी मुस्कानों से हल्की,
राजमहल कितने सपनों का पल में नित्य ढहा करता है।
मुझसे चाँद कहा करता है।

तू तो है लघु मानव केवल,
पृथ्वी-तल का वासी निर्बल,
तारों का असमर्थ अश्रु भी नभ से नित्य बहा करता है।
मुझसे चाँद कहा करता है।

तू अपने दुःख में चिल्लाता,
आँखों देखी बात बताता,
तेरे दुःख से कहीं कठिन दुःख यह जग मौन सहा करता है।
मुझसे चाँद कहा करता है।

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Book by Harivanshrai Bachchan:

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हरिवंशराय बच्चन
हरिवंश राय श्रीवास्तव "बच्चन" (27 नवम्बर 1907 – 18 जनवरी 2003) हिन्दी भाषा के एक कवि और लेखक थे। इलाहाबाद के प्रवर्तक बच्चन हिन्दी कविता के उत्तर छायावाद काल के प्रमुख कवियों मे से एक हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति मधुशाला है। बच्चन जी की गिनती हिन्दी के सर्वाधिक लोकप्रिय कवियों में होती है।