nayi kitaab - naye shekhar ki jeevani - avinash mishra

विवरण: शेखर मानता है कि ईश्वर को न मानना एक अवगुण है। उसे उन सारे विचारों से घृणा है जो उससे उसका ईश्वर छीनते हैं। उसका ईश्वर दर्शक-दीर्घा में हँसता हुआ एक त्रासद व्यक्तित्व और एक प्रतिभावान निर्देशक है। इस निर्देशन में शेखर जो कर चुका है, वह एक असफल फ़िल्म है। जहाँ ठहरा हुआ है, वह एक प्रदीर्घ मध्यांतर है। जहाँ जाना चाहता है, वह एक तनावपूर्ण क्लाइमेक्स है।

शेखर के हाथों में चीज़ें कम हैं, पैरों में ज़्यादा।

  • Hardcover: 160 pages
  • Publisher: Vani Prakashan (2018)
  • Language: Hindi
  • ISBN-10: 9387889262
  • ISBN-13: 978-9387889262

इस किताब को खरीदने के लिए ‘नये शेखर की जीवनी’ पर या नीचे दी गयी इमेज पर क्लिक करें!

nayi kitaab - naye shekhar ki jeevani - avinash mishra

Previous articleआहुति
Next articleयुधिष्ठिर
पोषम पा
सहज हिन्दी, नहीं महज़ हिन्दी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here