रोग लगा मोहे, चड्ढण दे
नींद न आवे, जग्गण दे

माना तू ना है छलिया
दिल में रहने सज्जण दे

मोहे बदळ ना बेरी तू
जैसी हूँ ज्यूँ रहवण दे

इशक किताबां बाँछुँ हूँ
पन्ना रह-रह उलटण दे

नाच रही मैं बावळी हो
पायल बाजे, बज्जण दे

नैना ताके तो ताके
नैना-नैना उलझण दे

बाँह कलेजा काटे हो
काटे हो तो कट्टण दे

यूँ तो उमराँ कढ़ जा सी
एँ ही उमराँ कढ्ढ़ण दे

एसी ठंडी मौत जो हो
मिल जाए तो मर्र्ण दे!

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