विवरण: सत्य व्यास विगत वर्षों में हिंदी के उदीयमान लेखक के रूप में उभरे हैं। सत्य व्यास ने हिंदी में एक नया पाठक वर्ग तैयार कर इस धारणा को गलत साबित किया है कि हिंदी में पाठकों की कमी है। सत्य व्यास की पिछली दोनों किताबें ‘बनारस टॉकीज’ और ‘दिल्ली दरबार’ दैनिक जागरण-नीलशन बेस्टसेलर रही हैं और जिनपर फ़िल्में निर्माणाधीन हैं। ‘चौरासी’ सत्य व्यास की तीसरी किताब है।

‘चौरासी’ नामक यह उपन्यास सन 1984 के सिख दंगों से प्रभावित एक प्रेम कहानी है। यह कथा नायक ऋषि के एक सिख परिवार को दंगों से बचाते हुए स्वयं दंगाई हो जाने की कहानी है। यह अमानवीय मूल्यों पर मानवीय मूल्यों के विजय की कहानी है। यह टूटती परिस्थियों मे भी प्रेम के जीवित रहने की कहानी है। यह उस शहर की व्यथा भी है जो दंगों के कारण विस्थापन का दर्द सीने में लिए रहती है। यह वक़्त का एक दस्तावेज़ है।

  • Paperback: 160 pages
  • Publisher: Hind Yugm; First edition (19 October 2018)
  • Language: Hindi
  • ISBN-10: 9387464253
  • ISBN-13: 978-9387464254
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पोषम पा
सहज हिन्दी, नहीं महज़ हिन्दी...

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