विवरण: जम्मू-कश्मीर भारत के नक्शे पर जितना ही सुंदर दिखता है, यथार्थ के धरातल पर वहाँ के नागरिकों को उतनी ही सघन विद्रूपताओं का सामना करना पड़ता है। हिंदी कविता के मानचित्र के संबंध में बात करें, तो इस संदर्भ में भी लगभग यही स्थिति है। हिंदी की मुख्यधारा की कविता ने भी जम्मू-कश्मीर के कवि कर्म को हाशिये पर ढकेल देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। पर जम्मू-कश्मीर में हिन्दी कविता की जड़ें इतनी गहरी और मज़बूत हैं कि तमाम प्रतिकूलताओं के बावजूद वहाँ बेहतरीन कविताएं लिखी जा रही हैं। वहाँ के कवि किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं, पर हिन्दी कविता के मुख्यधारा के प्रति उनका क्लेम लगातार अनसुना किया जा रहा है। वक्त आ गया है कि वे अब और इंतज़ार नहीं कर सकते, उन्हें भी उनका आई. डी. कार्ड मिलना ही चाहिए। जमू-कश्मीर के चुनिंदा समकालीन कवियों की चुनी हुई कविताओं का बेमिसाल संग्रह।

  • Format: Paperback
  • Publisher: Rashmi prakashan pvt. ltd. (2018)
  • ISBN-10: 9387773272
  • ISBN-13: 978-9387773271
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पोषम पा
सहज हिन्दी, नहीं महज़ हिन्दी...

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