पत्नियाँ और प्रेमिकाएँ

‘Patniyaan Aur Premikaaein’ : Poems by Ekta Nahar

1

पत्नियाँ कर रही होती हैं अपडेट
डिजिटल कैमरे से कराये फ़ोटोशूट
प्रेमिकाएँ चुपके से सहेज रही होती हैं
प्रेमी के साथ आड़ी-तिरछी तस्वीरें।

2

पत्नियों के लॉकर में होते हैं
बहुमूल्य गहने
प्रेमिकाओं की अलमारी में
अनमोल प्रेम-पत्र।

3

पत्नियाँ मछली हैं, अक्वेरियम की
प्रेमिकाएँ चिड़िया हैं, आसमान की

प्रेमिकाएँ पालती हैं ख़्वाब
प्रेमी के घर की मछली हो जाने का,
पत्नियाँ चाहती हैं
प्रेमिकाओं की तरह फिर चिड़िया हो जाना।

4

प्रेमिकाएँ भाग जाती हैं घर से
अपने प्रेमी के लिए,
पत्नियाँ चाह कर भी रोक लेती हैं ख़ुद को
अपने पति के लिए।

5

प्रेमिकाएँ छिपाती हैं अपने ऐब
प्रेमी से पत्नी का दर्जा पाने के लिए,
पत्नियाँ सीखती हैं रिझाने के तरीक़े
पति की प्रेमिका बन जाने के लिए।

6

एक दिन
पत्नी और प्रेमिका रोती हैं गले लगकर
आपस में करती हैं दुलार
एक पुरुष के लिए
वे एक-दूसरे की पूरक बन गयीं।

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Book by Ekta Nahar: