अनुवाद: पंखुरी सिन्हा

सामान्यता

मुझे बाल्टिक समुद्र का
भूरा पानी याद है!
16 डिग्री तापमान की
अनंत ऊर्जा का
भीतरी अनुशासन!

बदसूरत-सी एक चीख़
निकालती है पेट्रा और उड़
जाता है आकाश में
बत्तखों का एक झुंड!
हम सब चिल्लाते हैं
ज़ोर से, जंगलियों की तरह
उठाकर अपनी कोहनी
जैसे किसी काँटेदार
पौधे से! हमारे पैर धँसते हैं
सामने की सी-वीड में
उछालकर उसके सिरे!

आहिस्ता, वो हमारे आगे कर
देते हैं, हमारी ख़ूबसूरत
मेज़बान को! जैसे किसी तट पर!
उन्होंने गूँथ दी हैं
उसकी बाहें
रस्सियों की तरह!
वे ले गए उसे पानी में
और जबकि गर्मियाँ
सिमटी रहीं भूरी घास के
आसपास, और जबकि
हमारे ऊपर के बादल
ग़ायब हो गए बिना कुछ कहे
उसके चेहरे में छिप गई
एक आह! एक लम्बी साँस
भीतर की ओर खींची हुई
एक सामान्य सोच से
ज़्यादा गहरी!

एक छोटा-सा हॉलीवुड गीत

पेड़ गीले और मुलायम
बारिश की बूँदें बरसाता हाथ
प्रार्थना रहती है हमेशा साथ
और तुम मेरे प्रिय
मेरे प्रियतम युवक लड़के
और बहुत ज़्यादा कुछ नहीं चाहिए
तुम्हें सुन्दरता का वादा करने के लिए!

ऑक्टाविओ पॉज़ के लिए

क्या वह सब कुछ को
गले लगा लेने वाली
हवा थी जो उड़ा ले गई
इतने सारे प्रतिबिम्ब
ख़ुशियों और दुर्भाग्यपूर्ण
घटनाओं के?
मेरी आँखों के सामने
हमेशा रहेगी
वह मारक ईमानदार तस्वीर
कहती हुई कि हर कुछ
खोया है सब कुछ डुबा देने वाले
कार्ड के तिकोने पत्ते में!
और यहाँ है सड़क, झोपड़ियाँ
बस्ती, और चित्र खींचने लायक़
छोटे खेत, गाय का थन
जैसे किसी मंदिर की बग़ल वाली खिड़की पर
रबड़ का दस्ताने-सा हाथ, एक भयानक
ख़तरनाक शांति की देता चेतावनी!
धूल से भरा एक बोरा
और प्यार जो क़ायम रहा
बारिश के बाद भी!

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