1

एक देवी की प्रतिमा है – निर्वसन
पहन लिया है मास्क मुख पर
जबकि बग़ल में पड़ा है बुरखा
देवताओं ने अवसान की घड़ी में भी
जारी रखी है धर्म की लड़ाई।

2

बन्द है मस्जिद का दरवाज़ा
मुअज़्ज़िन देता तो है अज़ान
मगर पुकार नहीं रहा
“ह़य्य अलस्सलाह” कहकर (आओ इबादत की ओर)
न ही इतनी ज़ुर्रत रही कि बोले
“अस्‍सलातु खैरूं मिनन नउम”
(नमाज़ नींद से बेहतर है)
क्योंकि
अल्लाह सो रहा है चैन से।

3

वह दौड़कर आया
और छीनकर भाग लिया तेज़ी से
मेरे हाथ से कुछ नोट…
कुछ दूरी पर
उसने कुछ पाव डाले अपनी ज़ेब में
और सारे नोट ठूँस दिए
दुकान के भीतर खड़ी लाश के मुँह में।

4

उन्हें सन्देह है मर्ज़ पर
कि वह मौत से पूरी तरह निभाएगा याराना
लेकिन उनको यक़ीन है
भूख उन्हें किसी क़ीमत पर नहीं छोड़ेगी

छत की तलाश खींच लायी थी कभी
शहर की तरफ़
अब, अपनों के बीच मरने की आरज़ू ने
उठवा दिए हैं क़दम घर की तरफ़

तक़दीरों का गुनाह देखिए
कि आज उन्हें रास्ते भी सुकून से
मयस्सर नहीं हुए।

5

आदमी का सीना
कभी फ़ौलाद का ना हो
कि मधुमक्खी डंक मारे
और उसे पता ही न चले

न ही इतने कमज़ोर हों उसके कंधे
कि तितली आकर बैठे
और वह डर जाए।

6

अर्द्धमूर्च्छित औलाद को काँधों पर टिकाए
भूख को अपने पेट से चिपकाए
सर से पाँव तक
थकान से भरा हुआ आदमी
घर पहुँचने से पहले ही
हो गया ज़िन्दगी से ख़ाली।
ईश्वर! तुम कहाँ हो?

7

भूख से बिलखते मज़दूरों की टोली
पैदल ही चल पड़ी है
कोसों दूर सूने आशियानों की ओर,
डण्डे और दुत्कार खाकर भी
नहीं कर रहा कोई गुहार
किसी देवता या आदम की जात से,
उनको यक़ीन हो चला है
कि मर चुका है ईश्वर।
अब वो नहीं देखते आसमान की ओर।

8

जो लौट रहे हैं
घर की ओर
चल रहे हैं उनके पाँव
और जो प्रतीक्षा में हैं
राजमार्गों की ओर
दौड़ रही हैं उनकी आँखें

बात मिलने की हो
या फिर मरने की
घर से बेहतर जगह नहीं होती।

9

तेज़ धूप में
झक्क सफ़ेद हो चला है आसमान
जैसे कोई कफ़न,
उचक-उचककर
ऊपर देख रही है धरती
निगाह की राह में,
नहीं है उम्मीद का एक भी बादल
हर एक निरीह देख रहा है
ऊपर देखती हुई धरती को
सूखे में डूबते हुए।

राहुल बोयल
जन्म दिनांक- 23.06.1985; जन्म स्थान- जयपहाड़ी, जिला-झुन्झुनूं( राजस्थान) सम्प्रति- राजस्व विभाग में कार्यरत पुस्तक- समय की नदी पर पुल नहीं होता (कविता - संग्रह) नष्ट नहीं होगा प्रेम ( कविता - संग्रह) मैं चाबियों से नहीं खुलता (काव्य संग्रह) ज़र्रे-ज़र्रे की ख़्वाहिश (ग़ज़ल संग्रह) मोबाइल नम्बर- 7726060287, 7062601038 ई मेल पता- rahulzia23@gmail.com