जब जुगनूओं के थक जाने पर
आसमाँ थोड़ा सा बुझ जायेगा,

जब किसी पत्ती में एक नदी
उबासी ले करवट बदलेगी,

जब दुनिया के सारे पक्षी
नेपथ्य में छुप जायेंगे,

मैं तुम्हारी थकान भरी आँखों को
ये बताऊँगा
कि
मेरे और तुम्हारे होठों पर
मुस्कुराहट फूटने में
जो देरी है,
वही हमारे प्रेम का स्थायित्व है
और तुम्हें एकटक तकते रहना
तैयारी है
तुम्हारी प्रतीक्षा को जीने की

मेरा जीवन एक गृह है
अंधकार के अक्षांश
और प्रकाश के देशांतर में बँटा सा
जिसकी धुरी घूमती है
तुम्हारे ऊँगली के पोरों को
चूमने के अनर्गल प्रयास में

मैं चाहता हूँ कि
तुम्हें अपने सारे प्रेमी दिखाई दें
जब-जब तुम मुझे देखो

तुम में घुल जाएँ
मेरी सारी प्रेमिकायें

कभी वर्तमान के
पहलू में बैठकर
अपने पुराने प्रेमों को
याद करने पर,
हम कमज़ोर नहीं,
सम्पूर्ण महसूस करें

किसी के प्रेम में होना
बन जाना है एक नहर
प्रेम नदी के
अतिरिक्त प्रवाह के संचालन के लिये

गुज़रते देखा है मैंने
हर रंग के बादलों को
तुम्हारी प्रेम नदी के किनारे फैले मैदानों से

तुम पी लेना चिहुक कर
इन बादलों की पहली बूँद
और
मैं पीऊँगा तुम्हारे आखिरी आँसू

जब जुगनू सो जायेंगे,
जब नदियाँ करवट ले चुकी होगीं,
जब नेपथ्य में होंगे सारे पक्षी,
आसमान में उड़ते दिखेंगे
हम दोनों
डैने फैलाये हुए
दो
प्रेम पपीहे।

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