खलील जिब्रान – ‘नास्तिक’

"सत्य सितारे होते हैं जिन्हें तुम केवल रात के अँधेरे में ही देख सकते हो।""सत्य सृष्टि की उन तमाम ख़ूबसूरत चीज़ों की तरह है,...

मानव कौल – ‘अंतिमा’

'अंतिमा' पर पोषम पा का पॉडकास्ट 'अक्कड़ बक्कड़' यहाँ सुनें: https://youtu.be/mMZ0sX8DLvY मानव कौल के उपन्यास 'अंतिमा' से उद्धरण | Quotes from 'Antima' by Manav Kaul चयन व...

रवीश कुमार – ‘बोलना ही है’

रवीश कुमार की किताब 'बोलना ही है' से उद्धरण | Quotes from 'Bolna Hi Hai' (The Free Voice), a book by Ravish Kumar (चयन एवं...

मन्नू भण्डारी – ‘महाभोज’

मन्नू भण्डारी के उपन्यास 'महाभोज' से उद्धरण | Quotes from 'Mahabhoj', a novel by Mannu Bhandari चयन व प्रस्तुति: पुनीत कुसुम   "अपने व्यक्तिगत दुख-दर्द, अंतर्द्वंद्व या...

विनोद कुमार शुक्ल – ‘नौकर की कमीज़’

विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास 'नौकर की कमीज़' से उद्धरण | Quotes from 'Naukar Ki Kameez', a novel by Vinod Kumar Shukla चयन एवं प्रस्तुति:...

कृष्णा सोबती – ‘मित्रो मरजानी’

कृष्णा सोबती के उपन्यास 'मित्रो मरजानी' से उद्धरण | Quotes from 'Mitro Marjani', a Hindi novel by Krishna Sobti   "इस देह से जितना जस-रस ले...

विनोद कुमार शुक्ल – ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’

विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' से उद्धरण | Quotes from 'Deewar Mein Ek Khidki Rehti Thi', by Vinod...

अमृता प्रीतम – ‘अक्षरों के साये’

अमृता प्रीतम की आत्मकथा 'अक्षरों के साये' से उद्धरण | Quotes from 'Aksharon Ke Saaye', by Amrita Pritam  "यह मेरा और साहिर का रिश्ता, रिश्तों...

पेरुमल मुरुगन – ‘पूनाची’

पेरुमल मुरुगन के उपन्यास 'पूनाची' से उद्धरण | Quotes by Perumal Murugan from 'Poonachi'   "मैं इंसानों के बारे में लिखने के प्रति आशंकित रहता हूँ;...

ए. पी. जे. अब्दुल कलाम

ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के उद्धरण | APJ Abdul Kalam Quotes in Hindi   "आप किस रूप में याद रखे जाना चाहेंगे? आपको अपने जीवन को कैसा...

रेनर मारिया रिल्के – ‘एक युवा कवि को पत्र’ (Letters to...

रेनर मारिया रिल्के के पत्र-संकलन 'एक युवा कवि को पत्र' से उद्धरण | Quotes from 'Letters to a Young Poet', letters by Rainer Maria...

प्रियम्वद – ‘धर्मस्थल’

प्रियम्वद की किताब 'धर्मस्थल' से उद्धरण | Hindi Quotes by 'Dharmasthal', a book by Priyamvad संकलन: विजय शर्मा   "रचना के संसार में जब तुम कुछ नया...

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एक दिन करेंगे बात केवल प्यार की

एक दिन करेंगे बात केवल प्यार की!तुम कहोगे—रुको तो मैं नहीं दिलाऊँगी याद कि आठ बज गये हैं चाँद चढ़ गया है लौट जाओ घर तुम कि तुम्हारे होने...
Nirmala Putul

आख़िर कहें तो किससे कहें

वे कौन लोग थे सिद्धो-कान्हू जो अँधेरे में सियार की तरह आए और उठा ले गए तुम्हारे हाथों से तीर-धनुष तुम्हारी मूर्ति तोड़ी वे कौन लोग थे, तुम...
Lee Min-yung - Haqeeqat ke beech daraar

ली मिन-युंग की कविताएँ

वरिष्ठ ताइवानी कवि ली मिन-युंग की कविताओं के हिन्दी अनुवाद का संकलन 'हक़ीक़त के बीच दरार' पिछले दिनों प्रकाशित हुआ। अनुवाद देवेश पथ सारिया...
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दुन्या मिखाइल की कविता ‘दी इराक़ी नाइट्स’ के दो अंश

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दुन्या मिखाइल की कविता ‘मैं जल्दी में थी’

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राजनाँद गाँव 30 अक्टूबर प्रिय मलयजीआपका पत्र यथासमय मिल गया था। पत्रों द्वारा आपके काव्य का विवेचन करना सम्भव होते हुए भी मेरे लिए स्वाभाविक नहीं...
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वे बहुत पढ़ी-लिखी नहीं थीं ताइवान में काम मिलने की ख़बर उन्हें सुना उनके पैर छू रहा था जब मैं मुझे आशीर्वाद देते हुए उन्होंने कहा— "बेटा सम्भलकर...
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द्वारका भारती की कविताएँ

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अँधेरे को कुचलते हुए उदय होता है सूर्य, अँधेरा होता है अस्त सूरज को कोसते हुएदोपहर हमारी खिड़कियों से हमारे भीतर दाख़िल होने की कोशिश में रहती हैधूप...
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