अंतरंगता सुंदर और न्यायसंगत लग सके
इसलिए उसे हमेशा ‘मैं तुम्हारे प्रेम में हूँ’ का
अल्पकालिक वस्त्र पहनाया गया

ताली एक हाथ से नहीं बज सकती
इस तथ्य का किया जाता है बेज़ा इस्तेमाल
और खटाक से खींच लिया जाता है एक ज़रूरी हाथ

सच्चे चुम्बन दोबारा नहीं हो पाते
प्रेम के संयत अभिनय में

अधरों पर अचानक उग आता है एक दिमाग़
नज़दीकियाँ कर आती हैं दुनियादारी की यात्रा

ताकि मुखर साँसों के प्रेम गीत सुने न जा सकें
रोक ली जाती है रक्त की आवाजाही

अभिव्यक्ति असभ्यता मान ली जाती है
पास बने रहने के सारे प्रयास
दिमाग़ी अस्थिरता लगने लगते हैं

प्रेमी प्रेम के गंभीर हो जाने के अलावा
किसी और शै से नहीं डरते।

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अनुराग तिवारी
अनुराग तिवारी ने ऐग्रिकल्चरल एंजिनीरिंग की पढ़ाई की, लगभग 11 साल विभिन्न संस्थाओं में काम किया और उसके बाद ख़ुद का व्यवसाय भोपाल में रहकर करते हैं। बीते 10 सालों में नृत्य, नाट्य, संगीत और विभिन्न कलाओं से दर्शक के तौर पर इनका गहरा रिश्ता बना और लेखन में इन्होंने अपनी अभिव्यक्ति को पाया। अनुराग 'विहान' नाट्य समूह से जुड़े रहे हैं और उनके कई नाटकों के संगीत वृंद का हिस्सा रहे हैं। हाल ही में इनका पहला कविता संग्रह 'अभी जिया नहीं' बोधि प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है।