नाक तो बहरहाल नाक ही है

'Naak Toh Beharhaal Naak Hi Hai', Vyangya in Hindi by Nirmal Gupt मेरे चेहरे पर एक अदद नाक है। होगी ही। होनी ही है। अभी...

उस देश का यारो क्या कहना!

उस देश का यारो क्‍या कहना? और क्‍यों कहना? कहने से बात बेकार बढ़ती है। इसीलिए उस देश का बड़ा वज़ीर तो कुछ कहता...

फ़ेसबुक, आधार और मौज़-मस्ती

हाल में दो बड़ी बातें हुईं। अलग-अलग आकार-प्रकार की दो उदास सूचनाएँ मिलीं। एक ख़बर तो यह रही कि छोटी बचत पर ब्याज दर...

दिमाग़ वालों सावधान!

आदमी मज़बूत मगर मजबूर प्राणी है। कई नमूने हैं उसके। कुछ दिमाग़ वाले, कुछ बिना दिमाग़ के, कुछ पौन दिमाग़ के, कुछ पाव दिमाग़...

इश्क़ की बीमारी में गिरफ़्त

अभी पिछली बीमारी से 'मुक्ति' पाया ही था कि एक नई बीमारी ने आकर मुझे घेर लिया। यह 'इश्क़ की बीमारी' है। अतः इस...

हमारा प्राचीन साहित्य

अपने प्राचीन साहित्‍य से मेरा अभिप्राय अपने उस साहित्‍य से है जो कि प्राचीन है। हमारा प्राचीन साहित्‍य मुख्‍यतः संस्‍कृत में है और उसे...

तीसरे दर्जे के श्रद्धेय

"लड़कियाँ बैठी थीं, जिनकी शादी बिना दहेज के नहीं होने वाली थी। और लड़के बैठे थे, जिन्हें डिग्री लेने के बाद सिर्फ सिनेमा-घर पर पत्थर फेंकने का काम मिलने वाला है।"

अकबरी लोटा

"अपनी पत्‍नी का वे अदब मानते थे। मानना ही चाहिए। इसी को सभ्‍यता कहते हैं। जो पति अपनी पत्‍नी की पत्‍नी नहीं हुआ वह पति कैसा!" "किसी जमाने में न्‍यूटन नाम के किसी खुराफाती ने पृथ्‍वी की आकर्षण शक्ति नाम की एक चीज ईजाद की थी। कहना न होगा कि यह सारी शक्ति इस लोटे के पक्ष में थी।"

सिनेमा का इश्क़

अगर आपके दोस्त आपको मूवी में लेट करवा देते हैं तो यह ज़रूर पढ़िए, हाल इधर भी कुछ ऐसा ही है! ;)

इंस्पेक्टर मातादीन चाँद पर

"हनुमान सुग्रीव के यहाँ स्पेशल ब्रांच में थे। उन्होंने सीता माता का पता लगाया था। ’एबडक्शन’ का मामला था- दफा 362।"

जुमलों की डकार

बातों और जुमलों का भोजन करो तो कई दिनों तक डकार आती है। मियां - "क्या बात है भई मशगूल, आज बड़ी डकार आ रही...

आ तारीख़

आ तारीख़ गले लगा लूँ धड़कन की तड़पन समझा दूँ प्यार का पारा बारह पर है दो डिग्री और पार करा दूँ प्रेम विनय व प्रणय प्रतिज्ञा वचन कथन...

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