औरत ज़ात

महाराजा ग से रेस कोर्स पर अशोक की मुलाक़ात हुई। इसके बाद दोनों बेतकल्लुफ़ दोस्त बन गए। महाराजा ग को रेस के घोड़े पालने का...

वो खाना बनाने वाली

"ये क्या, आज भी तुमने रात के खाने में एक ही सब्ज़ी बनायी! क्या हो गया है तुम्हें!" "देखो, जो बन जा रहा है, वही...

फाँस

रात बहुत नहीं हुई थी, पर पूस की अँधियारी गाँव के ऊपर लटक आयी थी... निचली तह में जमे हुए धुएँ की नीली-नीली चादर।...

ख़ाली बोतलें, ख़ाली डिब्बे

यह बात आज भी मुझे हैरत में डालती है कि ख़ासतौर पर ख़ाली बोतलों और ख़ाली डिब्बों से कुँवारे मर्दों को इतनी दिलचस्पी क्यों...

बौड़म

प्रेमचंद की कहानी 'बौड़म' | 'Baudam', a story by Premchand मुझे देवीपुर गये पाँच दिन हो चुके थे, पर ऐसा एक दिन भी न होगा...

गाँव-देश

'Gaon Desh', a story by Amit Tiwary जब से रामा बाबा फ़ौज से रिटायर हुए थे, यानि कि लगभग बीस साल पहले, तब से गाँव...

मोज़ील

सआदत हसन मंटो की कहानी 'मोज़ील' | 'Mozeel', a story by Saadat Hasan Manto त्रिलोचन ने पहली बार, चार वर्षों में पहली बार, रात को...

अपाहिज

'Apaahij', a story by Lucky Rajeev मँझली दीदी के यहाँ आए तीन दिन हो गए थे। सुख-सुविधाओं से भरपूर जीवन, शानदार बंगला, लेकिन हर जगह...

कवच

'Kawach', a story by Urmila Pawar अनुवाद: कौशल्या बैसंत्री सवेरे, अँधेरे में उठते ही इन्दिरा का मुँह चूड़ियों की तरह बजने लगा। रुक-रुककर वह गौन्या को...

मेंढकी का ब्याह

वृंदावनलाल वर्मा की कहानी 'मेंढकी का ब्याह' | 'Mendhaki Ka Byah', a story by Vrindavan Lal Verma उन ज़िलों में त्राहि-त्राहि मच रही थी। आषाढ़ चला...

तमाशा

सआदत हसन मंटो की कहानी 'तमाशा' | 'Tamasha', a story by Saadat Hasan Manto दो-तीन रोज़ से हवाई जहाज़ स्याह उकाबों की तरह पर फैलाए...

मिस कॉल

राधेश्याम सोनी की कहानी 'मिस कॉल' | 'Miss Call', a story by Radheshyam Soni ट्रिन-ट्रिन... ट्रिन-ट्रिन..., टेलीफ़ोन की घण्टी दो बार बज चुकी थी। रामजी...

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