स्त्री से बात करने के लिए
निश्चित तौर पर
तुम में सलीक़ा होना चाहिए

फिर सीखो
उसे सुनते जाना
उसकी चुप्पी के आयाम तक
सीखो ख़ुद भी बातें बनाना
कभी चुप हो जाना

कभी-कभी
स्त्रियाँ परखती हैं
सिरे तोड़कर
मध्य की सुदृढ़ता
तो तुम्हें आना चाहिए
समुद्री यात्रा में
तारे पहचान रास्ता निकालना

जैसे एक दिन
अच्छी-ख़ासी आत्मीय बतकही के बाद
वह कहे
कि उसे अब चलानी है कार, स्कूटी या साइकिल
या जाना है कहीं पैदल या पंखों पर सवार
तो तुम अलविदा कहकर चुप रहोगे
कुछ दिन
या ख़ूब दिन

जब फिर करनी हो बात
तो शुरुआत कर सकते हो
यह पूछने से
कि उस दिन से अब तलक
कैसा रहा सफ़र!

देवेश पथ सारिया की कविता 'ईश्वर (?) को नसीहत'

Recommended Book:

Previous articleइंसाफ़ का तराज़ू जो हाथ में उठाए
Next articleवही तो नहीं रहने देगा
देवेश पथ सारिया
कवि होना प्राथमिक परिचय। अन्य लेखन रुचियाँ: कथेतर गद्य और कविताओं का अनुवाद। ताइवान में स्टार क्लस्टर्स और एक्सट्रासोलर प्लैनेट्स पर शोधरत। मूल रूप से राजस्थान के राजगढ़ (अलवर) से सम्बन्ध। पुस्तकें: प्रथम कविता संकलन एवं ताइवान के अनुभवों पर आधारित गद्य की पुस्तक शीघ्र प्रकाश्य। वरिष्ठ ताइवानी कवि ली मिन-युंग की कविताओं के अनुवाद की पुस्तक 'हक़ीक़त के बीच दरार' प्रकाशित। साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशन: हंस, नया ज्ञानोदय, वागर्थ, कथादेश, कथाक्रम, परिकथा, पाखी, आजकल, बनास जन, मधुमती, कादंबिनी, समयांतर, समावर्तन, जनपथ, नया पथ, कथा, साखी, अकार, आधारशिला, बया, उद्भावना, दोआबा, बहुमत, परिंदे, प्रगतिशील वसुधा, शुक्रवार साहित्यिक वार्षिकी, कविता बिहान, गाँव के लोग, ककसाड़, अक्षर पर्व, निकट, मंतव्य, मुक्तांचल, उम्मीद, कविकुम्भ, विश्वगाथा, गगनांचल, रेतपथ, कृति ओर, अनुगूँज, प्राची, कला समय, पुष्पगंधा आदि । समाचार पत्रों में प्रकाशन: राजस्थान पत्रिका, दैनिक भास्कर, प्रभात ख़बर, दि सन्डे पोस्ट। वेब प्रकाशन: सदानीरा, जानकीपुल, हिंदवी, कविता कोश, पोषम पा, हिन्दीनेस्ट, इंद्रधनुष, अनुनाद, बिजूका, पहली बार, समकालीन जनमत, मीमांसा, शब्दांकन, कारवां, हमारा मोर्चा, साहित्यिकी, द साहित्यग्राम, लिटरेचर पॉइंट, अथाई, हिन्दीनामा। विशिष्ट: कविताओं का अनुवाद अंग्रेज़ी, स्पेनिश, मंदारिन चायनीज़, पंजाबी, बांग्ला और राजस्थानी भाषा-बोलियों में हो चुका है।