‘बहुत घुटी-घुटी रहती हो
बस खुलती नहीं हो तुम!’

खुलने के लिए जानते हो
बहुत से साल पीछे जाना होगा
और फिर वहीं से चलना होगा
जहाँ से काँधे पे बस्ता उठाकर
स्कूल जाना शुरू किया था

इस ज़ेहन को बदलकर
कोई नया ज़ेहन लगवाना होगा

और इस सबके बाद जिस रोज़
खुलकर
खिलखिलाकर
ठहाका लगाकर
किसी बात पे जब हँसूँगी
तब पहचानोगे क्या?

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दीप्ति नवल
दीप्ति नवल (जन्म 03 फरवरी, 1952) हिन्दी फिल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं। वह जुनून, 'चश्मे बद्दूर', 'कथा' और 'साथ-साथ' जैसी कलात्मक एवं अर्थपूर्ण फिल्मों में अपने सशक्त अभिनय के लिए जानी जाती हैं। उनका व्यक्तित्व बहुआयामी है! वे कवयित्री और चित्रकार होने के साथ साथ एक कुशल छायाकार भी हैं!

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