Tag: बातें

Rituraj

पिछली बातें

शान्त समय के और शान्त हो जाने पर पानी में सपाट बादल के बीच अनेक मुस्कानें खिलती हैं, ये कभी स्त्रियाँ थीं जिन्हें तैरना पसन्द था मेरी माँ...
Amrita Pritam

बातें

आ साजन, आज बातें कर लेंतेरे दिल के बाग़ों में हरी चाय की पत्ती-जैसी जो बात जब भी उगी, तूने वही बात तोड़ लीहर इक...
Poonam Sonchhatra

बातों का प्रेम

अनेक स्तर थे प्रेम के और उतने ही रूपमैंने समय के साथ यह जाना कि पति, परमेश्वर नहीं होता वह एक साथी होता है सबसे प्यारा, सबसे महत्त्वपूर्ण...
Naresh Saxena

अजीब बात

जगहें ख़त्म हो जाती हैं जब हमारी वहाँ जाने की इच्छाएँ ख़त्म हो जाती हैं लेकिन जिनकी इच्छाएँ ख़त्म हो जाती हैं वे ऐसी जगहों में बदल जाते हैं जहाँ कोई...
Fist, Protest, Dissent

उस सदी की बात

कवि- अज्ञातयह उस सदी की बात है जब कविता लिखना पढ़ना, सुनना और सुनाना संगीन अपराध थाराज्य के निरंकुश राजा ने ख़ुद को निर्वस्त्र कर पहन ली फ़रेब की...
Moon, Moonlight

चंद्रदेव से मेरी बातें

भगवान चंद्रदेव! आपके कमलवत् कोमल चरणों में इस दासी का अनेक बार प्रणाम। आज मैं आपसे दो चार बातें करने की इच्छा रखती हूँ।...
Open Door

बातें जो कही नहीं जाती

जो बातें 'कही' नहीं जातीं वो 'कहीं' नहीं जातीं कितना भी तिरस्कार करो धिक्कार दो खड़ी रहती हैं लज्जाहीन बनके मन की देहरी पर और खटखटाती रहती हैं सदियों से बन्द मन के किवाड़... जो बातें कही...
Couple

साथ की बात

तुम अक्सर मेरे सपने सुनने मेरे पास बैठी होती हो सपने सच हैं हमारा साथ बैठा होना झूठतुम्हारे झूठ मूठ के साथ बैठे होने से मैं दुःखी नहीं हूँ क्योंकि...
Zehra Nigah

आज की बात

आज की बात, नई बात नहीं है ऐसी जब कभी दिल से कोई गुज़रा है, याद आई है सिर्फ़ दिल ही ने नहीं गोद में ख़ामोशी...
Akhtar Sheerani

यारो कू-ए-यार की बातें करें

यारो कू-ए-यार की बातें करें फिर गुल ओ गुलज़ार की बातें करें चाँदनी में ऐ दिल इक इक फूल से अपने गुल-रुख़्सार की बातें करें आँखों आँखों में...
Suraj Pal Chauhan

परिवर्तन की बात

“हाँ भैया, गाय और अपनी माता में कोई फर्क नहीं होता।” “तो तुम इसका माँ की तरह दाह-संस्कार क्यों नहीं करते?” “साले खाल खींचा, यदि एक भी शब्द और आगे कहा तो पूरी लाठिया मुँह में घुसेड़ दूँगा।”“तुम्हीं तो मरे जानवर उठाने का काम करते आए हो। तुम नहीं करोगे, तो कौन करेगा इस काम को?” “कोई भी करे, अब हम नहीं करेंगे।”
Man Silhouette

याद में कोई बात

मैं उतना खाली हूँ जितना तुम भरी होमैं उसी अंतराल के बीच खड़ा हूँ जहाँ तुमने देखा ही नहींतुम आओगी इसलिए आओगी जैसे कि दो खाली बेंच सिर्फ हमारे...

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टी. एस. ईलियट के प्रति

पढ़ रहा था कल तुम्हारे काव्य कोऔर मेरे बिस्तरे के पास नीरव टिमटिमाते दीप के नीचे अँधेरे में घिरे भोले अँधेरे में घिरे सारे सुझाव, गहनतम संकेत! जाने...
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