Tag: Beauty

Kahlil Gibran

खलील जिब्रान – ‘नास्तिक’

"सत्य सितारे होते हैं जिन्हें तुम केवल रात के अँधेरे में ही देख सकते हो।" "सत्य सृष्टि की उन तमाम ख़ूबसूरत चीज़ों की तरह है,...
Trilochan

तुम्हें जब मैंने देखा

पहले पहल तुम्हें जब मैंने देखा सोचा था इससे पहले ही सबसे पहले क्यों न तुम्हीं को देखा! अब तक दृष्टि खोजती क्या थी, कौन रूप, क्या रंग देखने को उड़ती थी ज्योति-पंख...
Yashpal

चित्र का शीर्षक

जयराज जाना-माना चित्रकार था। वह उस वर्ष अपने चित्रों को प्रकृति और जीवन के यथार्थ से सजीव बना सकने के लिए, अप्रैल के आरम्भ...
Ram Manohar Lohia

सुन्दरता और त्वचा का रंग

"सौंदर्यशास्त्र राजनीति से प्रभावित होता है; शक्ति सुंदर दिखाई देती है विशेषकर गैरबराबर शक्ति।"
Article on Beauty, Women, Different Faces

मिट्टी के साथ बदल जाते हैं, सौन्दर्य के मानक

शांत साधक जैसे नयनों में खिंची काजल की एक महीन लकीर, माथे पर खिलखिलाती बड़ी-सी टिकुली, लज्जा से आरक्त मुख और सद्यःस्नाता देह की...
Kedarnath Singh

चट्टान को तोड़ो, वह सुन्दर हो जाएगी

चट्टान को तोड़ो वह सुन्दर हो जाएगी उसे तोड़ो वह और, और सुन्दर होती जाएगी अब उसे उठा लो रख लो कन्धे पर ले जाओ शहर या क़स्बे में डाल दो...
Woman, Beauty

सबसे सुन्दर स्त्रियाँ

एक सौंदर्य प्रतियोगिता में पूछा गया एक प्रश्न— आपके लिए सफलता का मतलब क्या है? और जैसा कि होता है नक़ली मुस्कराहट ओढ़े उस सुन्दरी ने दिया एक...
Kaushal Kishore

दुनिया की सबसे सुन्दर कविता

कैसी है वह कितनी सुन्दर? इसे किसी प्रमेय की तरह मुझे नहीं सिद्ध करना है वह देखने में कितनी दुबली-पुतली क्षीण काया पर इसके अन्तर में है विशाल हृदय मैं क्या, सारी...
Ahmad Faraz

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं

सुना है लोग उसे आँख भर के देखते हैं सो उसके शहर में कुछ दिन ठहर के देखते हैं सुना है रब्त है उस को ख़राब-हालों...
Vishnu Prabhakar

सुन्दर लड़की

समुद्र के किनारे एक गाँव था। उसमें एक कलाकार रहता था। वह दिन-भर समुद्र की लहरों से खेलता रहता, जाल डालता और सीपियाँ बटोरता।...
Saadat Hasan Manto

बदसूरती

साजिदा और हामिदा दो बहनें थीं। साजिदा छोटी और हामिदा बड़ी। साजिदा ख़ुश-शक्ल थी। उनके माँ-बाप को यह मुश्किल दर पेश थी कि साजिदा...
Mask, Woman, Imagination

सुन्दर और अच्छी

'Sundar Aur Achchhi', a poem by Ritika Srivastava दिनों के बाद जैसे ही मैंने घर पर क़दम रक्खा माँ संग मेरी बातें शुरू हुईं इससे पहले कि वो...

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Rahul Sankrityayan

तुम्हारी जात-पाँत की क्षय

हमारे देश को जिन बातों पर अभिमान है, उनमें जात-पाँत भी एक है। दूसरे मुल्कों में जात-पाँत का भेद समझा जाता है भाषा के...
Anujeet Iqbal

उसका होना

उसके नाम की प्रतिध्वनि किसी स्पन्दन की तरह मन की घाटी में गहरी छुपी रही और मैं एक दारुण हिज्र जीती रही वेदना, व्याकुलता के मनोवेगों में त्वरित बिजुरी की...
Do Log - Gulzar

गुलज़ार के उपन्यास ‘दो लोग’ से किताब अंश

गुलज़ार का उपन्यास 'दो लोग' विभाजन की त्रासदी के बारे में है—त्रासदी भी ऐसी कि इधर आज़ादी की बेला आने को है, और उधर...
Neelabh

जहाँ मैं साँस ले रहा हूँ अभी

जहाँ मैं साँस ले रहा हूँ अभी वहाँ से बहुत कुछ ओझल है ओझल है हत्यारों की माँद ओझल है संसद के नीचे जमा होते किसानों के ख़ून...
Kaynaat

कायनात की कविताएँ

1 इश्क़, तुम मेरी ज़िन्दगी में आओ तो यूँ आओ कि जैसे किसी पिछड़े हुए गाँव में कोई लड़की घण्टों रसोई में खपने के बाद पसीने से भीगी बाहर...
Uberto Stabile

स्पेनिश कवि उबेरतो स्तबिल की कविताएँ

उबेरतो स्तबिल, स्पेनिश कवि और चर्चित अंतर्राष्ट्रीय स्पेनिश पत्रिका के सम्पादक हैं, उनकी कई किताबें प्रकाशित और अनूदित हो चुकी हैं। अनुवाद: पंखुरी सिन्हा एक पाठक...
Pooja Shah

पूजा शाह की कविताएँ

पाज़ेब पाज़ेब पाँवों में नहीं स्तनों पर पहनने से सार्थक होंगी जब औरतें क़दम रखती हैं पकौड़ियों की थाली लिए आदमियों से भरे कमरे में उनकी गपशप के बीच या जब...
Kailash Gautam

कविता मेरी

आलम्बन, आधार यही है, यही सहारा है कविता मेरी जीवन शैली, जीवन धारा है। यही ओढ़ता, यही बिछाता यही पहनता हूँ सबका है वह दर्द जिसे मैं अपना कहता...
Vijay Sharma

क़ब्ल-अज़-तारीख़

सुबह से माँ के घुटनों का दर्द तेज़ था। पिछली रात देसी बाम, गरम पानी और तेल का कोई ख़ास असर नहीं हुआ। इधर...
Lucilla Trappazzo

लुचिल्ला त्रपैज़ो की कविताएँ

लुचिल्ला त्रपैज़ो स्विस इतालवी कवयित्री हैं। उनके चार कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और उनकी रचनाएँ कई भाषाओं में अनूदित भी हो चुकी...
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