Tag: Books

Amar Dalpura

काम, गंगाराम कुम्हार

काम मेरे पास दो हाथ हैं— दोनों काम के अभाव में तन से चिपके निठल्ले लटके रहते हैं!इस देश की स्त्रियों के पास इतने काम हैं— भोर से...
Shalabh Shriram Singh

औरों की तरह नहीं

अपने पिता की तरह कैसे कर सकता हूँ प्यार मैं? अपने भाई की तरह कैसे? कैसे कर सकता हूँ प्यार अपने पुत्र की तरह? मित्र की तरह...
Gulzar

किताबें

किताबें झाँकती हैं बन्द अलमारी के शीशों सेबड़ी हसरत से तकती हैं महीनों अब मुलाक़ातें नहीं होतीं जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं, अब अक्सर गुज़र...
Balraj Komal

लो गर्द और किताबें

सुलगते दिन हैं, तवील तन्हाइयाँ मिरे साथ लेटे-लेटे फ़ज़ा से आँखें लड़ा रही हैंमिरे दरीचे के पास सुनसान रहगुज़र है अभी-अभी एक रेला आया था गर्द का जो...
Book

धार्मिक किताबें

मैं एक अर्ज़ी लगाना चाहता हूँ, किसी सरकारी दफ़्तर में देना चाहता हूँ एक आवेदन, धार्मिक किताबों को अलग रखा जाए किताबों की श्रेणी से, वे किताबें किताबें नहीं होतीं जिनका...
Ekta Nahar

किताबें

'Kitaabein', a poem by Ekta Naharमैं जब पढ़ना सीख रही थी उस रंगबिरंगी किताब में 'ब्यूटीफुल' का विलोम लिखा था 'अगली' और उसके साथ बना था एक लड़की...

किताबें

शेल्फ की वो किताबें आकर एक बार लेकर जाना कुछ पुरानी यादें हैं उनमें गुजरता हूँ उनके पास से तो ठहर जाता है दिन मेरातुम आते वक्त मेरी हँसी ले आना तुम्हारे...
Books

किताबों वाली दोपहर

तपती गर्मी की एक शांत दोपहर, एक पागल सी हवा गलियों से गुज़री दरवाज़े पर आई मेरे, ज़ोर से पीटा खिड़कियों के कांच को, जैसे तलाश रही हो...
Safdar Hashmi

किताबें

किताबें करती हैं बातें बीते ज़मानों की दुनिया की, इंसानों की आज की, कल की एक-एक पल की। ख़ुशियों की, ग़मों की फूलों की, बमों की जीत की, हार की प्यार की,...
Raghuvir Sahay

किताब पढ़कर रोना

रोया हूँ मैं भी किताब पढ़कर के पर अब याद नहीं कौन-सी शायद वह कोई वृत्तांत था पात्र जिसके अनेक बनते थे चारों तरफ से मंडराते हुए आते...
Books

किताबें

कुछ किताबें पढ़कर किसी को कुछ किताबें दी थीं उनके कुछ ही पन्ने पलटे गये हैं मैंने कुछ और अर्थ निकाले उसने कुछ और; जीवन में सब परस्पर नहीं...
The Book of Questions - Pablo Neruda

सवालों की किताब

अनुवाद: पुनीत कुसुमसवालों की किताब - Iसवालों की किताब - IIसवालों की किताब - IIIसवालों की किताब - IV

STAY CONNECTED

42,478FansLike
20,941FollowersFollow
29,164FollowersFollow
2,030SubscribersSubscribe

RECENT POSTS

Chen Chien-wu

चेन च्येन वू की कविताएँ

ताइवान के नांताऊ शहर में सन् 1927 में जन्मे कवि चेन च्येन वू मंदारिन, जापानी और कोरियाई भाषाओं में पारंगत कवि हैं। अपने कई...
Ekaterina Grigorova

बुल्गारियाई कवयित्री एकैटरीना ग्रिगरोवा की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा सामान्यता मुझे बाल्टिक समुद्र का भूरा पानी याद है! 16 डिग्री तापमान की अनंत ऊर्जा का भीतरी अनुशासन!बदसूरत-सी एक चीख़ निकालती है पेट्रा और उड़ जाता है आकाश में बत्तखों...
Naomi Shihab Nye

नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘जो नहीं बदलता, उसे पहचानने की कोशिश’

नेओमी शिहैब नाय (Naomi Shihab Nye) का जन्म सेंट लुइस, मिसौरी में हुआ था। उनके पिता एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी थे और उनकी माँ जर्मन...
Vinita Agrawal

विनीता अग्रवाल की कविताएँ

विनीता अग्रवाल बहुचर्चित कवियित्री और सम्पादक हैं। उसावा लिटरेरी रिव्यू के सम्पादक मण्डल की सदस्य विनीता अग्रवाल के चार काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके...
Gaurav Bharti

कविताएँ: अगस्त 2022

विस्मृति से पहले मेरी हथेली को कैनवास समझ जब बनाती हो तुम उस पर चिड़िया मुझे लगता है तुमने ख़ुद को उकेरा है अपने अनभ्यस्त हाथों से।चारदीवारी और एक...
Nicoleta Crăete

रोमानियाई कवयित्री निकोलेटा क्रेट की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा औंधा पड़ा सपना प्यार दरअसल फाँसी का पुराना तख़्ता है, जहाँ हम सोते हैं! और जहाँ से हमारी नींद, देखना चाह रही होती है चिड़ियों की ओर!मत...
Daisy Rockwell - Geetanjali Shree

डेज़ी रॉकवेल के इंटरव्यू के अंश

लेखक ने अपनी बात कहने के लिए अपनी भाषा रची है, इसलिए इसका अनुवाद करने के लिए आपको भी अपनी भाषा गढ़नी होगी। —डेज़ी...
Kalam Ka Sipahi - Premchand Jeevani - Amrit Rai

पुस्तक अंश: प्रेमचंद : कलम का सिपाही

भारत के महान साहित्यकार, हिन्दी लेखक और उर्दू उपन्यासकार प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। प्रेमचंद ने अपने जीवन काल में कई रचनाएँ...
Priya Sarukkai Chabria

प्रिया सारुकाय छाबड़िया की कविताएँ

प्रिया सारुकाय छाबड़िया एक पुरस्कृत कवयित्री, लेखिका और अनुवादक हैं। इनके चार कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें नवीनतम 'सिंग ऑफ़ लाइफ़ रिवीज़निंग...
aadhe adhoore mohan rakesh

आधे-अधूरे : एक सम्पूर्ण नाटक

आधे-अधूरे: एक सम्पूर्ण नाटक समीक्षा: अनूप कुमार मोहन राकेश (1925-1972) ने तीन नाटकों की रचना की है— 'आषाढ़ का एक दिन' (1958), 'लहरों के राजहंस' (1963)...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;)