Tag: विरोध

Kahlil Gibran

खलील जिब्रान – ‘नास्तिक’

"सत्य सितारे होते हैं जिन्हें तुम केवल रात के अँधेरे में ही देख सकते हो।""सत्य सृष्टि की उन तमाम ख़ूबसूरत चीज़ों की तरह है,...
Bow Down

ख़ुदा होने के लिए

किस जाति या भाषा का मंसूबा तुम हो ठीक है पर इतनी बड़ी देह में कहीं रोयाँ भर वह जगह है जिस पर उँगली रख तुम...
Woman playing with kids

तब वे कवि हो जाते हैं

जब बच्चे लम्बी साँस लेकर मारते हैं किलकारियाँ तब गौरैया की तरह उड़ता है माँ का मनजब बच्चों की कोमल हथेलियाँ छूती हैं मिट्टी तब बन जाते हैं...
Fist, Protest, Dissent

एक छोटी-सी लड़ाई

मुझे लड़नी है एक छोटी-सी लड़ाई एक झूठी लड़ाई में मैं इतना थक गया हूँ कि किसी बड़ी लड़ाई के क़ाबिल नहीं रहा।मुझे लड़ना नहीं अब— किसी...
Sahir Ludhianvi

ख़ून फिर ख़ून है

ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाता है ख़ून फिर ख़ून है, टपकेगा तो जम जाएगाख़ाक-ए-सहरा पे जमे या कफ़-ए-क़ातिल पे जमे फ़र्क़-ए-इंसाफ़ पे...
Vidrohi

ग़ुलामी की अन्तिम हदों तक लड़ेंगे

इस ज़माने में जिनका ज़माना है भाई उन्हीं के ज़माने में रहते हैं हम उन्हीं की हैं सहते, उन्हीं की हैं कहते उन्हीं की ख़ातिर दिन-रात बहते...
Gorakh Pandey

मेहनतकशों का गीत

किसकी मेहनत और मशक़्क़त किसके मीठे-मीठे फल हैं? अपनी मेहनत और मशक़्क़त उनके मीठे-मीठे फल हैं!किसने ईंट-ईंट जोड़ी हैं किसके आलीशान महल हैं? हमने ईंट-ईंट जोड़ी हैं उनके आलीशान महल...
Paash

लोहा

आप लोहे की कार का आनन्द लेते हो मेरे पास लोहे की बन्दूक़ हैमैंने लोहा खाया है आप लोहे की बात करते हो लोहा जब पिघलता है तो भाप नहीं...
Gorakh Pandey

इंक़लाब का गीत

हमारी ख़्वाहिशों का नाम इंक़लाब है! हमारी ख़्वाहिशों का सर्वनाम इंक़लाब है! हमारी कोशिशों का एक नाम इंक़लाब है! हमारा आज एकमात्र काम इंक़लाब है!ख़तम हो लूट...
Kedarnath Agarwal

धिक्कार है

आँख मूँद जो राज चलावै अंधरसट्ट जो काज चलावै कहे-सुने पर बाज न आवै सब का चूसै—लाज न लावै ऐसे अँधरा को धिक्कार! राम-राम है बारम्बार!!कानों में जो रुई...
Habib Jalib

अपनी जंग रहेगी

जब तक चंद लुटेरे इस धरती को घेरे हैं अपनी जंग रहेगी अहल-ए-हवस ने जब तक अपने दाम बिखेरे हैं अपनी जंग रहेगीमग़रिब के चेहरे पर यारो...
Fist, Protest, Dissent

नया मोर्चा

फिर अपने जूतों के फीते कसने लगे हैं—लोग चील की छाया—गिद्ध बने उसके पहले ही भीतर का भय पोंछ ट्राम-बसों में सफ़र करते—ख़ामोश होंठ फिर हिलने लगे हैं।हवा के...

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Couple in front of the ocean

एक दिन करेंगे बात केवल प्यार की

एक दिन करेंगे बात केवल प्यार की!तुम कहोगे—रुको तो मैं नहीं दिलाऊँगी याद कि आठ बज गये हैं चाँद चढ़ गया है लौट जाओ घर तुम कि तुम्हारे होने...
Nirmala Putul

आख़िर कहें तो किससे कहें

वे कौन लोग थे सिद्धो-कान्हू जो अँधेरे में सियार की तरह आए और उठा ले गए तुम्हारे हाथों से तीर-धनुष तुम्हारी मूर्ति तोड़ी वे कौन लोग थे, तुम...
Lee Min-yung - Haqeeqat ke beech daraar

ली मिन-युंग की कविताएँ

वरिष्ठ ताइवानी कवि ली मिन-युंग की कविताओं के हिन्दी अनुवाद का संकलन 'हक़ीक़त के बीच दरार' पिछले दिनों प्रकाशित हुआ। अनुवाद देवेश पथ सारिया...
Dunya Mikhail

दुन्या मिखाइल की कविता ‘दी इराक़ी नाइट्स’ के दो अंश

इराक़ी-अमेरिकी कवयित्री दुन्या मिखाइल का जन्म बग़दाद में हुआ था और उन्होंने बग़दाद विश्वविधालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। सद्दाम हुसैन के शत्रुओं...
Dunya Mikhail

दुन्या मिखाइल की कविता ‘मैं जल्दी में थी’

इराक़ी-अमेरिकी कवयित्री दुन्या मिखाइल का जन्म बग़दाद में हुआ था और उन्होंने बग़दाद विश्वविधालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। सद्दाम हुसैन के शत्रुओं...
Muktibodh

मलय के नाम मुक्तिबोध का पत्र

राजनाँद गाँव 30 अक्टूबर प्रिय मलयजीआपका पत्र यथासमय मिल गया था। पत्रों द्वारा आपके काव्य का विवेचन करना सम्भव होते हुए भी मेरे लिए स्वाभाविक नहीं...
People, Society, Faces

वे लोकतंत्र को कम जानते थे

वे बहुत पढ़ी-लिखी नहीं थीं ताइवान में काम मिलने की ख़बर उन्हें सुना उनके पैर छू रहा था जब मैं मुझे आशीर्वाद देते हुए उन्होंने कहा— "बेटा सम्भलकर...
Dwarka Bharti

द्वारका भारती की कविताएँ

द्वारका भारती पंजाबी भाषा के सुपरिचित कवि, लेखक व उपन्यासकार हैं और पिछले कई सालों से पंजाबी दलित साहित्य आन्दोलन का नेतृत्व कर रहे...
Hetu Bhardwaj

छिपाने को छिपा जाता

कल रात मेरे कॉलेज के छात्रों ने मुझे पीट दिया। यों मेरी पिटाई तो ज़्यादा नहीं हुई, लेकिन ज़्यादा हो जाती, शौहरत तब भी...
Yogesh Dhyani

साँझ होती है ठीक उसी की तरह सुन्दर

अँधेरे को कुचलते हुए उदय होता है सूर्य, अँधेरा होता है अस्त सूरज को कोसते हुएदोपहर हमारी खिड़कियों से हमारे भीतर दाख़िल होने की कोशिश में रहती हैधूप...
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