Tag: Fear

Mithileshwar

बारिश की रात

आरा शहर। भादों का महीना। कृष्ण पक्ष की अँधेरी रात। ज़ोरों की बारिश। हमेशा की भाँति बिजली का गुल हो जाना। रात के गहराने...
Stone Faced Woman

भय

बेरौनक़ रहता है अब वो चेहरा अक्सर ईश्वर की अक़ीदत में हो जाते थे सुर्ख़ जिसके गाल कभी एक अजीब भय में तब्दील होने लगती हैं उसकी...
Noon Meem Rashid

ज़िन्दगी से डरते हो

ज़िन्दगी से डरते हो! ज़िन्दगी तो तुम भी हो, ज़िन्दगी तो हम भी हैं! ज़िन्दगी से डरते हो? आदमी से डरते हो आदमी तो तुम भी हो, आदमी...
War, Blood, Mob, Riots

निशान, डर

निशान वहाँ से तुम्हारे जाने के बाद, एक घटना दो तरीक़े से घटी। प्रेमियों ने कहा, तुम्हारे द्वारा छोड़े गए निशान तुम्हारे पाँवों के हैं गिरमिटियों ने कहा, तुम्हारे जूतों के...
Ekta Prakash

एकता प्रकाश की कविताएँ

Poems: Ekta Prakash डर जब आप किसी अपने को खोने से डरते हैं भय आपको खाता है, ख़ामोशी आकर चुपके-से ओठों को सील जाती है, गूँगा बनना आपके लिए उस वक़्त बेहतर...
Shahbaz Rizvi

डर लगता है

'Dar Lagta Hai', a nazm by Shahbaz Rizvi जागती आँखें नींद से बोझल ख़्वाब की जुम्बिश सर्द हवाएँ काली रातें डर लगता था... डर लगता है! सुबह की किरणें रेंगते बादल ओस के...
Stay Away, Fear, Phobia

फ़ोबिया

'Phobia', a poem by Mukesh Kumar Sinha जब भी उछालो सिक्का तो दिखने वाला हेड या टेल ही होता है विजयी नहीं नजर आ पाता छिपा हुआ...

भराव

भय इतना व्याप्त हो गया है कि आदमी शरण लेने के लिए तलाशता है ऐसा कोई गुप्त स्थान जहाँ नहीं पहुँच पाती कोई रोशनी। आदमी पहुँच जाता है एक...

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Sahir Ludhianvi

ये दुनिया दो-रंगी है

ये दुनिया दो-रंगी है एक तरफ़ से रेशम ओढ़े, एक तरफ़ से नंगी है एक तरफ़ अंधी दौलत की पागल ऐश-परस्ती एक तरफ़ जिस्मों की क़ीमत रोटी...
Harry Potter - Voldemort

सपने में वॉल्डेमॉर्ट

आप जानते हैं रॉल्फ़ फ़ाइंस को? "तुम जानते हो कौन... वो, जिसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए!" हाँ वही, जो वॉल्डेमॉर्ट बने थे हैरी पॉटर में जिसे देख काँप उठती थी बच्चों...
Bolna Hi Hai - Ravish Kumar

रवीश कुमार – ‘बोलना ही है’

रवीश कुमार की किताब 'बोलना ही है' से उद्धरण | Quotes from 'Bolna Hi Hai' (The Free Voice), a book by Ravish Kumar (चयन एवं...
Rahul Boyal

मैं शब्द खो दूँगा एक दिन

मैं शब्द खो दूँगा एक दिन एक दिन भाषा भी चुक जाएगी मेरी मैं बस सुना करूँगा तुम्हें कहूँगा कुछ नहीं जबकि याद आएगी तुम्हारी हो जाऊँगा बरी अपने आप से तुम भी...
Abstract painting, Woman

मैं अंततः वहीं मुड़ जाऊँगी

अभी किसी नाम से न पुकारना तुम मुझे पलटकर देखूँगी नहीं, हर नाम की एक पहचान है पहचान का एक इतिहास और हर इतिहास कहीं न कहीं रक्त...
Arun Prakash

नहान

मैं जब उस मकान में नया पड़ोसी बना तो मकान मालिक ने हिदायत दी थी—"बस तुम नहान से बचकर रहना। उसके मुँह नहीं लगना।...
Suhag Ke Nupur - Amritlal Nagar

किताब अंश: ‘सुहाग के नुपूर’ – अमृतलाल नागर

हिन्दी के मशहूर साहित्यकार अमृतलाल नागर का जन्म 17 अगस्त 1916 को हुआ था। उन्होंने नाटक, रेडियोनाटक, रिपोर्ताज, निबन्ध, संस्मरण, अनुवाद, बाल साहित्य आदि...
Rajesh Joshi

अन्धेरे के बारे में कुछ वाक्य

अन्धेरे में सबसे बड़ी दिक़्क़त यह थी कि वह किताब पढ़ना नामुमकिन बना देता था। पता नहीं शरारतन ऐसा करता था या किताब से डरता था उसके मन...
Abstract, Love, Couple

कितनी कम जगहें हैं प्रेम के लिए

कितना तो सहज होता है मौसम का यूँ ही मीठा हो जाना शेफालियों का अनायास झर जाना बारिशों का सोंधा हो जाना भर जाना आकाश का सम्भावनाओं से और...
Naseer Turabi

मिलने की तरह मुझसे वो पल भर नहीं मिलता

मिलने की तरह मुझसे वो पल भर नहीं मिलता दिल उससे मिला जिससे मुक़द्दर नहीं मिलता ये राह-ए-तमन्ना है, यहाँ देख के चलना इस राह में सर...
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