Tag: feminism

Rashid Jahan

मर्द और औरत

मर्द - औरत का पहला कर्तव्य बच्चों की परवरिश है! औरत - मर्द का पहला कर्तव्य बच्चों का हकदार होना है! मर्द - क्या मतलब? औरत - मतलब यह कि औरत को बच्चे पालने का हुक्म लगा दिया लेकिन बच्चे होते किसकी मिलकियत हैं! मर्द - बाप की! औरत - तो फिर मैं उनको क्यूँ पालूँ! जिसकी मिलकियत हैं वह स्वयं पाले!
Bulbbul - a comment

सीता और काली की बाइनरी से अछूती नहीं है ‘बुलबुल’

मनोरंजन के 'तीसरे' परदे के रूप में उभरे नेटफ़्लिक्स पर आयी फ़िल्म 'बुलबुल' इन दिनों ख़ूब चर्चा में है। चर्चा का मुख्य विषय है...
Woman, Painted Face, Angry

बातचीत: ‘मिसॉजिनि क्या है?’

पढ़िए तसनीफ़ और शिवा की मिसॉजिनि (Misogyny (शाब्दिक अर्थ: स्त्री द्वेष)) पर एक विस्तृत बातचीत। तसनीफ़ उर्दू शायरी करते रहे हैं, उन्होंने एक नॉविल...
Sara Shagufta

औरत और नमक

इज़्ज़त की बहुत-सी क़िस्में हैं घूँघट, थप्पड़, गन्दुम इज़्ज़त के ताबूत में क़ैद की मेख़ें ठोंकी गई हैं घर से लेकर फ़ुटपाथ तक हमारा नहीं इज़्ज़त हमारे गुज़ारे...
Rajendra Yadav

होना/सोना एक ख़ूबसूरत दुश्मन के साथ

(परम पावन पूज्यपाद नामवराचार्य के श्री चरणों में) इन औरतों ने तो मार मुसीबत खड़ी कर रखी है। प्राण ले लिए। न जाने कहाँ-कहाँ से...

क्षणिकाएँ

नक़्शे भूगोल की कक्षा में अव्वल आई लड़की, बनाती है नक़्शे कई देशों के और उन्हें तवे पर सेक देती है। चाहतें औरत ढूँढ रही है साथ देने वाला आदमी उस समाज में जहाँ आदमी सिर्फ़...
Ekta Nahar

पत्नियाँ और प्रेमिकाएँ

'Patniyaan Aur Premikaaein' : Poems by Ekta Nahar 1 पत्नियाँ कर रही होती हैं अपडेट डिजिटल कैमरे से कराये फ़ोटोशूट प्रेमिकाएँ चुपके से सहेज रही होती हैं प्रेमी के साथ...
Fahmida Riaz

कब तक

कब तक मुझ से प्यार करोगे कब तक? जब तक मेरे रहम से बच्चे की तख़्लीक़ का ख़ून बहेगा जब तक मेरा रंग है ताज़ा जब तक मेरा...
Malti Joshi

सन्नाटा

"पत्नी की गौरव-गाथा निस्पृह भाव से सुनने की सामर्थ्य उनमें कहाँ है। तभी न बुखार हो आया है।"
Girl Power, Girl, No

सुनो लड़की

सुनो लड़की! शक्लें छिपाए और आँखें गड़ाए हुए गिद्ध जैसे निशाना साधे बैठे हैं कई लोग यहाँ। तुम छुपना मत आँखें नीची मत करना, दुपट्टा कहीं खिसका तो नहीं, इसकी भी परवाह...
Woman reading newspaper

पढ़ी लिखी लड़कियाँ

लड़कियाँ पढ़-लिख गई तमाम सरकारी योजनाओं ने सफलता पाई गैरसरकारी संस्थाओं के आँकड़े चमके पिताओं ने पुण्य कमाया और भाईयों ने बराबरी का दर्जा देने की सन्तुष्टि हासिल की पढ़ी...
Woman

अँधेरे से उजाले की ओर

मुँह अँधेरे उठकर घर के काम निपटा कर विद्यालय जाती बच्चियाँ विद्यालय जिसके दरवाज़े पर लिखा है 'अँधेरे से उजाले की ओर' घर से पिट कर आई शिक्षिका सूजे हुए...

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Vijay Sharma

घोष बाबू और उनकी माँ

"हम यहाँ से निकलकर कहाँ जाएँगे?" — शिल्पा ने अनिमेष के कंधे पर सिर रक्खे कहा। "जहाँ क़िस्मत ले जाए!" — अनिमेष की आवाज़ में...
Ahmad Faraz

ले उड़ा फिर कोई ख़याल हमें

ले उड़ा फिर कोई ख़याल हमें साक़िया साक़िया सम्भाल हमें रो रहे हैं कि एक आदत है वर्ना इतना नहीं मलाल हमें ख़ल्वती हैं तेरे जमाल के हम आइने...
Ghumakkad Shastra

राहुल सांकृत्यायन – ‘घुमक्कड़ शास्त्र’

राहुल सांकृत्यायन की किताब 'घुमक्कड़ शास्त्र' से उद्धरण | Quotes from Ghumakkad Shastra, a book by Rahul Sankrityayan चयन: पुनीत कुसुम "वैसे तो गीता को बहुत...
Rahul Sankrityayan

स्‍मृतियाँ

घुमक्कड़ असंग और निर्लेप रहता है, यद्यपि मानव के प्रति उसके हृदय में अपार स्‍नेह है। यही अपार स्‍नेह उसके हृदय में अनंत प्रकार...
Yehuda Amichai

और हम उत्साहित नहीं होंगे

Poem: And We Shall Not Get Excited Poet: Yehuda Amichai Translated from the Hebrew by Barbara and Benjamin Harshav अंग्रेज़ी से अनुवाद: सृष्टि ठाकुर और हम उत्साहित नहीं...
Hands. Separation

कभी न लौटने के लिए मत जाना

सुनो! जब जाना तो इस तरह मत जाना कि कभी लौट न सको उन्हीं रास्तों पर वापस जाते हुए गिराते जाना रास्ते में ख़त का पुर्ज़ा, कोई...
Rabindranath Tagore

साहित्य की सामग्री

राधाकृष्ण प्रकाशन से प्रकाशित 'साहित्य विधाओं की प्रकृति' से  अनुवाद : वंशीधर विद्यालंकार केवल अपने लिए लिखने को साहित्य नहीं कहते हैं—जैसे पक्षी अपने आनंद के...
Faiz Ahmad Faiz

इस वक़्त तो यूँ लगता है

इस वक़्त तो यूँ लगता है, अब कुछ भी नहीं है महताब न सूरज, न अँधेरा न सवेरा आँखों के दरीचों पे किसी हुस्न की चिलमन और...
Bheedtantra - Asghar Wajahat

‘भीड़तंत्र’ से दो लघु कहानियाँ

राजपाल एण्ड सन्ज़ से प्रकाशित असग़र वजाहत की किताब 'भीड़तंत्र' से साभार स्वार्थ का फाटक —“हिंसा का रास्ता कहाँ से शुरू होता है?” —“जहाँ से बातचीत का...
Pratibha Sharma

लाल रिबन

मेरे गाँव में सफ़ेद संगमरमर से बनी दीवारें लोहे के भालों की तरह उगी हुई हैं जिनकी नुकीली नोकों में नीला ज़हर रंगा हुआ है खेजड़ी के ईंट-चूने...
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