Tag: Forest

Venu Gopal

काले भेड़िए के ख़िलाफ़

देखो कि जंगल आज भी उतना ही ख़ूबसूरत है। अपने आशावान हरेपन के साथ बरसात में झूमता हुआ। उस काले भेड़िए के बावजूद जो शिकार की टोह में झाड़ियों से निकलकर...
Kailash Vajpeyi

जंगल की कविता

मैंने तो पहले ही कहा था जंगल में नहीं जाना जंगल तुम झेल नहीं पाओगेतुम नामवालों की दुनिया में उपजे हो जंगल में सब कुछ निर्नाम है पत्र...
Jainendra Kumar

तत्सत्

एक गहन वन में दो शिकारी पहुँचे। वे पुराने शिकारी थे। शिकार की टोह में दूर-दूर घूम रहे थे, लेकिन ऐसा घना जंगल उन्हें...
Venu Gopal

कौन बचता है

जहाँ इस वक़्त कवि है कविता है, वहाँ जंगल है और अँधेरा है और हैं धोखेबाज़ दिशाएँ।दुश्मन सेनाओं से बचने की कोशिश में भटकते-भटकते वे यहाँ आ फँसे हैं, जहाँ से इस वक़्त न...
Bird

खोया हुआ जंगल

खिड़की के बाहर जंगल था खिड़की पर चिड़िया बैठी थी मैंने यह पूछा चिड़िया से— "चिड़िया-चिड़िया, कितना जंगल?"चिड़िया ने तब आँख नचायी चिड़िया ने तब पंख फुलाए मेरी तरफ़...
Palash Ke Phool

पलाश के फूल

'Palash Ke Phool', a poem by Prita Arvindजंगल में पलाश के पेड़ पर फूल लग गए हैं, यह किसी को बताना नहीं पड़ता क्यूंकि पलाश के फूल...

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चेन च्येन वू की कविताएँ

ताइवान के नांताऊ शहर में सन् 1927 में जन्मे कवि चेन च्येन वू मंदारिन, जापानी और कोरियाई भाषाओं में पारंगत कवि हैं। अपने कई...
Ekaterina Grigorova

बुल्गारियाई कवयित्री एकैटरीना ग्रिगरोवा की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा सामान्यता मुझे बाल्टिक समुद्र का भूरा पानी याद है! 16 डिग्री तापमान की अनंत ऊर्जा का भीतरी अनुशासन!बदसूरत-सी एक चीख़ निकालती है पेट्रा और उड़ जाता है आकाश में बत्तखों...
Naomi Shihab Nye

नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘जो नहीं बदलता, उसे पहचानने की कोशिश’

नेओमी शिहैब नाय (Naomi Shihab Nye) का जन्म सेंट लुइस, मिसौरी में हुआ था। उनके पिता एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी थे और उनकी माँ जर्मन...
Vinita Agrawal

विनीता अग्रवाल की कविताएँ

विनीता अग्रवाल बहुचर्चित कवियित्री और सम्पादक हैं। उसावा लिटरेरी रिव्यू के सम्पादक मण्डल की सदस्य विनीता अग्रवाल के चार काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके...
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कविताएँ: अगस्त 2022

विस्मृति से पहले मेरी हथेली को कैनवास समझ जब बनाती हो तुम उस पर चिड़िया मुझे लगता है तुमने ख़ुद को उकेरा है अपने अनभ्यस्त हाथों से।चारदीवारी और एक...
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Daisy Rockwell - Geetanjali Shree

डेज़ी रॉकवेल के इंटरव्यू के अंश

लेखक ने अपनी बात कहने के लिए अपनी भाषा रची है, इसलिए इसका अनुवाद करने के लिए आपको भी अपनी भाषा गढ़नी होगी। —डेज़ी...
Kalam Ka Sipahi - Premchand Jeevani - Amrit Rai

पुस्तक अंश: प्रेमचंद : कलम का सिपाही

भारत के महान साहित्यकार, हिन्दी लेखक और उर्दू उपन्यासकार प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। प्रेमचंद ने अपने जीवन काल में कई रचनाएँ...
Priya Sarukkai Chabria

प्रिया सारुकाय छाबड़िया की कविताएँ

प्रिया सारुकाय छाबड़िया एक पुरस्कृत कवयित्री, लेखिका और अनुवादक हैं। इनके चार कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें नवीनतम 'सिंग ऑफ़ लाइफ़ रिवीज़निंग...
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आधे-अधूरे: एक सम्पूर्ण नाटक समीक्षा: अनूप कुमार मोहन राकेश (1925-1972) ने तीन नाटकों की रचना की है— 'आषाढ़ का एक दिन' (1958), 'लहरों के राजहंस' (1963)...
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