Tag: स्त्री विमर्श

Woman in front of a door

सुबह

कितना सुन्दर है सुबह का काँच के शीशों से झाँकना इसी ललछौंहे अनछुए स्पर्श से जागती रही हूँ मैं बचपन का अभ्यास इतना सध गया है कि आँखें खुल ही जाती...
Woman india

अभीष्ट

अकारण तो नहीं साउद्देश्य ही था व्यवस्था के पन्नों पर कुछ लिखित, कुछ अलिखित प्रथम-दृष्टया तो अबूझ रहा चेतना के उत्तरोत्तर क्रम के बाद जाना कि उछाले गए सिक्के के चित...
Women sitting

वे सब मेरी ही जाति से थीं

मुझे तुम न समझाओ अपनी जाति को चीन्हना श्रीमान बात हमारी है, हमें भी कहने दो तुम ये जो कूद-कूदकर अपनी सहूलियत से मर्दवाद का बहकाऊ...
Woman Abstract

अपर्याप्त

क्रोध का हलाहल इतना व्याप्त था कि उसका सम्पूर्ण अस्तित्व हो गया था विषमय मेरे पास थी सिर्फ़ एक बूँद मिठास चाहा था उसे सागर में घोलना उसे मीठा करना पर...
Mangalesh Dabral

प्रेम करती स्त्री

प्रेम करती स्त्री देखती है एक सपना रोज़ जागने पर सोचती है क्या था वह निकालने बैठती है अर्थ दिखती हैं उसे आमफ़हम चीज़ें कोई रेतीली जगह लगातार बहता नल उसका...
Traditional Woman leaning on wall

ब्रह्म-मुहूर्त

एक वे थीं कि जाग रहीं सदियों से उनकी नींदों में घुला था तारा भोर का आद्रा नक्षत्र की बाँह थामे दिन आरम्भ होता उनके अभ्यस्त हाथों से फिर...
Woman, River

नदी और स्त्री

स्त्री होना या होना नदी! क्या फ़र्क़ पड़ता है? दोनों ही उठतीं, गिरतीं बहतीं, रुकतीं एक बदलती धारा एक बदलती नियति। एक सोच एक धार मिल जाती है किसी न किसी सागर से और हो जाती है एकाकार सागर में अपने...
Naked Lady, Crouching Nude, Woman, Abstract

सच्ची कविता के लिए

वह जो अपने ही माँस की टोकरी सिर पर उठाए जा रही है और वह जो पिटने के बाद ही खुल पाती है अन्धकार की तरफ़ एक दरवाज़े-सी जैसे...
Mamta Kalia

लोग कहते हैं

लोग कहते हैं मैं अपना ग़ुस्सा कम करूँ समझदार औरतों की तरह सहूँ और चुप रहूँ। ग़ुस्सा कैसे कम किया जाता है? क्या यह चाट के ऊपर पड़ने...
Taslima Nasrin

और मत रखो अँधेरे में, देखने दो मुझे

मेरी इच्छा है कि सुबह से दोपहर, दोपहर से रात तक अकेली घूमती रहूँ। नदी के किनारे, गाँव के मैदान में, रोशनी में, शहर...
Maya Angelou

माया एंजेलो की कविता ‘मैं फिर भी उठती हूँ’

तुम मेरा इतिहास लिख सकते हो अपने कड़वे, मुड़े-तुड़े झूठों से तुम मुझे गंदगी में कुचल सकते हो फिर भी, धूल की तरह, मैं उठूँगी। क्या मेरी उन्मुक्तता...
Maya Angelou

माया एंजेलो की कविता ‘उदित हूँ मैं’

माया एंजेलो की कविता 'And Still I Rise' का अनुवाद कड़वे छली मृषा से इतिहास में तुम्हारे तुम्हारी लेखनी से मैं न्यूनतम दिखूँगी धूल-धूसरित भी कर सकते...

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Woman in front of a door

सुबह

कितना सुन्दर है सुबह का काँच के शीशों से झाँकना इसी ललछौंहे अनछुए स्पर्श से जागती रही हूँ मैं बचपन का अभ्यास इतना सध गया है कि आँखें खुल ही जाती...
Rohit Thakur

सोलेस इन मे

कौन आएगा मई में सांत्वना देने कोई नहीं आएगा समय ने मृत्यु का स्वांग रचा है अगर कोई न आए तो बारिश तुम आना आँसुओं की तरह दो-चार बूँदों की...
Fist, Protest, Dissent

एक छोटी-सी लड़ाई

मुझे लड़नी है एक छोटी-सी लड़ाई एक झूठी लड़ाई में मैं इतना थक गया हूँ कि किसी बड़ी लड़ाई के क़ाबिल नहीं रहा। मुझे लड़ना नहीं अब— किसी...
Saadat Hasan Manto

मंटो

मंटो के मुताल्लिक़ अब तक बहुत कुछ लिखा और कहा जा चुका है। उसके हक़ में कम और ‎ख़िलाफ़ ज़्यादा। ये तहरीरें अगर पेश-ए-नज़र...
Sahir Ludhianvi

ख़ून फिर ख़ून है

ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाता है ख़ून फिर ख़ून है, टपकेगा तो जम जाएगा ख़ाक-ए-सहरा पे जमे या कफ़-ए-क़ातिल पे जमे फ़र्क़-ए-इंसाफ़ पे...
Rahul Boyal

इन स्मृतियों को सहेज लो

"इन स्मृतियों को सहेज लो, एक दिन ये कहीं अधिक दीप्त होंगी" इतना ही कहा था तुमने और मुझे वक़्त की बेरहमी का अंदाज़ा हो गया इसलिए जितना...
Woman, Abstract

भरोसा

उन्होंने ही किया सर्वाधिक दोहन भरोसे का जिनकी शिराओं में सभ्यताओं की रसोई का नमक घुला था पुरखों की कही ये सूक्ति स्मरण करती हूँ बार-बार पर...
Mahtem Shiferraw

मेहतम शिफ़ेरा की कविता ‘धूल एवं अस्थियाँ’

मेहतम शिफ़ेरा (Mahtem Shiferraw) इथियोपिया और इरिट्रिया की एक लेखक और दृश्य कलाकार हैं। वह Your Body Is War (यूनिवर्सिटी ऑफ़ नेब्रास्का, 2019) और...
Algoze Ki Dhun Par - Divya Vijay

‘अलगोज़े की धुन पर’ : प्रेम के परिपक्व रंगों की कहानियाँ

किताब: 'अलगोज़े की धुन पर' लेखिका: दिव्या विजय टिप्पणी: देवेश पथ सारिया अभी किण्डल पर दिव्या विजय का पहला कहानी संग्रह 'अलगोज़े की धुन पर' पढ़कर समाप्त...
Naveen Sagar

हो सकता था

इतनी बड़ी दुनिया में कहीं जा नहीं रहा हूँ भीतर और बाहर जगहें छोड़ता शून्‍य से हटता हूँ। किसी की ओर बढ़ता हुआ मैं हो सकता था बहुत...
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