Tag: स्त्री

Yasmeen Hameed

क्या करूँ

क्या करूँ मैं आसमां को अपनी मुट्ठी में पकड़ लूँ या समुन्दर पर चलूँ पेड़ के पत्ते गिनूँ या टहनियों में जज़्ब होते ओस के क़तरे चुनूँ डूबते सूरज को उंगली...

एक जीवी, एक रत्नी, एक सपना

'हाय री स्त्री, डूबने के लिए भी तैयार है, यदि तेरा प्रिय एक सागर हो!''फिर उस लड़की का भी वही अंजाम हुआ, जो उससे पहले कई और लड़कियों का हो चुका था और उसके बाद कई और लड़कियों का होना था। वह लड़की बम्बई पहुँचकर कला की मूर्ती नहीं, कला की कब्र बन गई, और मैं सोच रही थी, यह रत्नी.. यह रत्नी क्या बनेगी?'
Gouri Chugh

सिंड्रेला

सुनो लड़की! इस बार कोयले की राख को पेशानी पर रगड़ लेना हालात की सौतेली बहनों से समझौता तुम कर लेना नहीं आएगी परी कोई तुम्हारा मुस्तक़बिल...
Gulnaz Kausar

ये वो धरती नहीं है

नहीं ये वो धरती नहीं है नहीं ये वो धरती नहीं है जहाँ मेरा बचपन मेरा तितलीयों, फूलों, रंगों से लबरेज़ बचपन किसी शाहज़ादी की रंगीं कहानी...
Kishwar Naheed

क़ैद में रक़्स

सब के लिए ना-पसंदीदा उड़ती मक्खी कितनी आज़ादी से मेरे मुँह और मेरे हाथों पर बैठती है और इस रोज़-मर्रा से आज़ाद है जिस में मैं...
Maya Angelou

हर औरत को पता होना चाहिए

'Things Every Woman Should Have And Should Know', a poem By Pamela Redmond Satran अनुवाद: पुनीत कुसुमएक औरत के पास होना चाहिए पर्याप्त धन, अपने घर...
Silent, Quiet, Silence, Woman, Shut, Do not speak, Taboo

सैक्स फंड

'सैक्स फंड' - सुषमा गुप्ता"आंटी जी चंदा इकठ्ठा कर रहें हैं। आप भी कुछ अपनी इच्छा से दे दीजिए।""अरे लड़कियों, ये काॅलेज छोड़ कर...
lihaaf - ismat chughtai

लिहाफ

जब मैं जाड़ों में लिहाफ ओढ़ती हूँ तो पास की दीवार पर उसकी परछाई हाथी की तरह झूमती हुई मालूम होती है। और एकदम...
Little Girl

अंकल, आई एम तिलोत्तमा!

'पहचान और परवरिश' कौन है ये? मेरी बिटिया है, इनकी भतीजी है, मट्टू की बहन है, वी पी साहब की वाइफ हैं, शर्मा जी की बहू है।अपने बारे में भी...
Traditional Woman leaning on wall

सती

प्रेम माने क्या है पता है मित्र?मात्र मेरे होंठ, कटि सहलाकर रमना नहीं मात्र बातों का महल बना उसमें दफ़ना देना नहीं।आओ कम-से-कम एक बार भीगो मेरे आँसुओं...
Pooja Shah

मैं समर अवशेष हूँ

'कुरुक्षेत्र' कविता और 'अँधा युग' व् 'ताम्बे के कीड़े' जैसे नाटक जिस बात को अलग-अलग शैलियों और शब्दों में दोहराते हैं, वहीं एक दोस्त...
Girl, Closed Eyes, Beauty, Calmness

स्वयं हेतु

अनुवाद: पुनीत कुसुमएक मैं अपनी डायरी में कुछ बेतरतीब शब्द लिखती हूँ और कहती हूँ उसे बाइबिल जिसमें 'प्रेम' अन्तिम शब्द हैदो 'यकीन' जैसे शब्दों के नीचे मैं...

STAY CONNECTED

42,502FansLike
20,941FollowersFollow
29,116FollowersFollow
1,950SubscribersSubscribe

RECENT POSTS

Ekaterina Grigorova

बुल्गारियाई कवयित्री एकैटरीना ग्रिगरोवा की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा सामान्यता मुझे बाल्टिक समुद्र का भूरा पानी याद है! 16 डिग्री तापमान की अनंत ऊर्जा का भीतरी अनुशासन!बदसूरत-सी एक चीख़ निकालती है पेट्रा और उड़ जाता है आकाश में बत्तखों...
Naomi Shihab Nye

नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘जो नहीं बदलता, उसे पहचानने की कोशिश’

नेओमी शिहैब नाय (Naomi Shihab Nye) का जन्म सेंट लुइस, मिसौरी में हुआ था। उनके पिता एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी थे और उनकी माँ जर्मन...
Vinita Agrawal

विनीता अग्रवाल की कविताएँ

विनीता अग्रवाल बहुचर्चित कवियित्री और सम्पादक हैं। उसावा लिटरेरी रिव्यू के सम्पादक मण्डल की सदस्य विनीता अग्रवाल के चार काव्य संग्रह प्रकाशित हो चुके...
Gaurav Bharti

कविताएँ: अगस्त 2022

विस्मृति से पहले मेरी हथेली को कैनवास समझ जब बनाती हो तुम उस पर चिड़िया मुझे लगता है तुमने ख़ुद को उकेरा है अपने अनभ्यस्त हाथों से।चारदीवारी और एक...
Nicoleta Crăete

रोमानियाई कवयित्री निकोलेटा क्रेट की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा औंधा पड़ा सपना प्यार दरअसल फाँसी का पुराना तख़्ता है, जहाँ हम सोते हैं! और जहाँ से हमारी नींद, देखना चाह रही होती है चिड़ियों की ओर!मत...
Daisy Rockwell - Geetanjali Shree

डेज़ी रॉकवेल के इंटरव्यू के अंश

लेखक ने अपनी बात कहने के लिए अपनी भाषा रची है, इसलिए इसका अनुवाद करने के लिए आपको भी अपनी भाषा गढ़नी होगी। —डेज़ी...
Kalam Ka Sipahi - Premchand Jeevani - Amrit Rai

पुस्तक अंश: प्रेमचंद : कलम का सिपाही

भारत के महान साहित्यकार, हिन्दी लेखक और उर्दू उपन्यासकार प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। प्रेमचंद ने अपने जीवन काल में कई रचनाएँ...
Priya Sarukkai Chabria

प्रिया सारुकाय छाबड़िया की कविताएँ

प्रिया सारुकाय छाबड़िया एक पुरस्कृत कवयित्री, लेखिका और अनुवादक हैं। इनके चार कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें नवीनतम 'सिंग ऑफ़ लाइफ़ रिवीज़निंग...
aadhe adhoore mohan rakesh

आधे-अधूरे : एक सम्पूर्ण नाटक

आधे-अधूरे: एक सम्पूर्ण नाटक समीक्षा: अनूप कुमार मोहन राकेश (1925-1972) ने तीन नाटकों की रचना की है— 'आषाढ़ का एक दिन' (1958), 'लहरों के राजहंस' (1963)...
Kavita Mein Banaras

‘कविता में बनारस’ से कविताएँ

'कविता में बनारस' संग्रह में उन कविताओं को इकट्ठा किया गया है, जो अलग-अलग भाषाओं के कवियों ने अपने-अपने समय के बनारस को देख...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;)