Tag: Hands

Ashok Vajpeyi

हाथ

1यह सुख भी असह्य हो जाएगा यह पूरे संसार का जैसे एक फूल में सिमटकर हाथ में आ जाना यह एक तिनके का उड़ना घोंसले का सपना बनकर आकाश मेंयह...
Natasha

दुनिया और हाथ

1एक कवि ने कहा- 'दुनिया को हाथ की तरह गर्म और सुन्दर होना चाहिए'* यह बात दुनिया और हाथ दोनों के लिए अच्छी थीफिर एक दिन दुनिया की...
Vinod Kumar Shukla

हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था

हताशा से एक व्यक्ति बैठ गया था व्यक्ति को मैं नहीं जानता था हताशा को जानता था इसलिए मैं उस व्यक्ति के पास गयामैंने हाथ बढ़ाया मेरा हाथ...
Azra Abbas

हाथ खोल दिए जाएँ

मेरे हाथ खोल दिए जाएँ तो मैं इस दुनिया की दीवारों को अपने ख़्वाबों की लकीरों से सियाह कर दूँ और क़हर की बारिश बरसाऊँ और इस दुनिया को अपनी...
Mani Mohan

ख़ाली हाथ, कविता ने

कविता संग्रह 'भेड़ियों ने कहा शुभरात्रि' से ख़ाली हाथ समुद्र के किनारे रेत पर लिखता हूँ कविता... लहरें आती हैं और बहाकर ले जाती हैं मेरे शब्द... लौटता हूँ घर ख़ाली हाथ रोज़ बरोज़... रोज़...
Bhawani Prasad Mishra

लाओ अपना हाथ

लाओ अपना हाथ मेरे हाथ में दो नये क्षितिजों तक चलेंगेहाथ में हाथ डालकर सूरज से मिलेंगे।इसके पहले भी चला हूँ लेकर हाथ में हाथ मगर वे हाथ किरनों के...
Daagh Dehlvi

भवें तनती हैं, ख़ंजर हाथ में है, तन के बैठे हैं

भवें तनती हैं, ख़ंजर हाथ में है, तन के बैठे हैं किसी से आज बिगड़ी है कि वो यूँ बन के बैठे हैं दिलों पर सैकड़ों...
Matchstick, Hands, Light, Fire

रोशन हाथों की दस्तकें

प्राची की साँझ और पश्चिम की रात इनकी वयःसंधि का जश्न है आजमज़ारों पर चिराग बालने वाले हाथ (जो शायद किसी रुह के ही हों) ठहर जाएँ।नदियों पर दिये बहाने...
Amir Khusrow

रैनी चढ़ी रसूल की सो रंग मौला के हाथ

रैनी चढ़ी रसूल की सो रंग मौला के हाथ। जिसके कपरे रंग दिए सो धन-धन वाके भाग॥ खुसरो बाजी प्रेम की मैं खेलूँ पी के संग। जीत...
Ibrahim Zauq

हाथ सीने पे मिरे रख के किधर देखते हो

हाथ सीने पे मिरे रख के किधर देखते हो इक नज़र दिल से इधर देख लो गर देखते हो है दम-ए-बाज़-पसीं देख लो गर देखते हो आईना...

STAY CONNECTED

38,332FansLike
19,561FollowersFollow
27,467FollowersFollow
1,610SubscribersSubscribe

RECENT POSTS

Upma Richa

या देवी

1सृष्टि की अतल आँखों में फिर उतरा है शक्ति का अनंत राग धूम्र गंध के आवक स्वप्न रचती फिर लौट आयी है देवी रंग और ध्वनि का निरंजन...
Chen Kun Lun

चेन कुन लुन की कविताएँ

चेन कुन लुन का जन्म दक्षिणी ताइवान के काओशोंग शहर में सन 1952 में हुआ। वह एक सुधी सम्पादक रहे हैं। चेन लिटरेरी ताइवान...
Bharat Ke Pradhanmantri - Rasheed Kidwai

किताब अंश: भारत के प्रधानमंत्री

सुपरिचित पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई की किताब 'भारत के प्रधानमंत्री : देश, दशा, दिशा' भारत के पहले प्रधानमंत्री से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री...
Muktibodh - Premchand

मेरी माँ ने मुझे प्रेमचन्द का भक्त बनाया

एक छाया-चित्र है। प्रेमचन्द और प्रसाद दोनों खड़े हैं। प्रसाद गम्भीर सस्मित। प्रेमचन्द के होंठों पर अस्फुट हास्य। विभिन्न विचित्र प्रकृति के दो धुरन्धर...
Manish Kumar Yadav

लगभग विशेषण हो चुका शासक

किसी अटपटी भाषा में दिए जा रहे हैं हत्याओं के लिए तर्क'एक अहिंसा है जिसका सिक्का लिए गांधीजी हर शहर में खड़े हैं लेकिन जब भी सिक्का उछालते...
Village, Farmer

किसान को कौन जानता है?

हवा को जितना जानता है पानी कोई नहीं जानतापानी को जितना जानती है आग कोई नहीं जानताआग को जितना जानते हैं पेड़ कोई नहीं जानतापेड़ को जितना...
premchand

सवा सेर गेहूँ

किसी गाँव में शंकर नाम का एक कुरमी किसान रहता था। सीधा-सादा ग़रीब आदमी था, अपने काम-से-काम, न किसी के लेने में, न किसी...
Unsocial Network - Dilip Mandal, Geeta Yadav

वे आपके बारे में बहुत ज़्यादा जानते हैं (किताब अंश: अनसोशल नेटवर्क)

'अनसोशल नेटवर्क' किताब भारत के विशिष्ट सन्दर्भों में सोशल मीडिया का सम्यक् आकलन प्रस्तुत करती है। जनसंचार का नया माध्यम होने के बावजूद, सोशल...
Prayers, Joined Hands

अनुत्तरित प्रार्थना

'परिवर्तन प्रकृति का नियम है' यह पढ़ते-पढ़ाते वक़्त मैंने पूरी शिद्दत के साथ अपने रिश्तों में की स्थिरता की कामनाप्रकृति हर असहज कार्य भी पूरी सहजता के...
Women sitting

अठन्नी, चवन्नी और क्रमशः

इस बार उन्हें नहीं था मोह स्वर्ण-मृग का फिर भी खींची गई थीं लक्ष्मण रेखाएँवे पढ़ीं, आगे बढ़ीं लक्ष्मण रेखाएँ लाँघकर रावण से जा भिड़ींगूँजते आए थे स्वर नेपथ्य...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;-)