Tag: Hasrat Mohani

Hasrat Mohani

चुपके-चुपके रात-दिन आँसू बहाना याद है

चुपके-चुपके रात-दिन आँसू बहाना याद है हमको अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद हैबा-हज़ाराँ इज़्तिराब ओ सद-हज़ाराँ इश्तियाक़ तुझसे वो पहले-पहल दिल का लगाना याद...
Hasrat Mohani

न सही गर उन्हें ख़याल नहीं

न सही गर उन्हें ख़याल नहीं कि हमारा भी अब वो हाल नहीं याद उन्हें वादा-ए-विसाल नहीं कब किया था यही ख़याल नहीं ऐसे बिगड़े वो सुन के...
Hasrat Mohani

देखना भी तो उन्हें दूर से देखा करना

देखना भी तो उन्हें दूर से देखा करना शेवा-ए-इश्क़ नहीं हुस्न को रुस्वा करना इक नज़र भी तेरी काफ़ी थी प-ए-राहत-ए-जाँ कुछ भी दुश्वार न था मुझको...
Hasrat Mohani

आप ने क़द्र कुछ न की दिल की

'Aapne Qadr Kuchh Na Ki Dil Ki' a ghazal by Hasrat Mohani आप ने क़द्र कुछ न की दिल की उड़ गई मुफ़्त में हँसी दिल की ख़ू...
Hasrat Mohani

हर हाल में रहा जो तिरा आसरा मुझे

हर हाल में रहा जो तिरा आसरा मुझे मायूस कर सका न हुजूम-ए-बला मुझे हर नग़्मे ने उन्हीं की तलब का दिया पयाम हर साज़ ने उन्हीं...
Hasrat Mohani

वो चुप हो गए मुझसे क्या कहते-कहते

वो चुप हो गए मुझसे क्या कहते-कहते कि दिल रह गया मुद्दआ कहते-कहते मेरा इश्क़ भी ख़ुदग़रज़ हो चला है तेरे हुस्न को बेवफ़ा कहते-कहते शब-ए-ग़म किस आराम...
Hasrat Mohani

कृष्ण

मथुरा कि नगर है आशिक़ी का दम भरती है आरज़ू इसी का हर ज़र्रा-ए-सर-ज़मीन-ए-गोकुल दारा है जमाल-ए-दिलबरी का बरसाना-ओ-नंद-गाँव में भी देख आए हैं जल्वा हम किसी का पैग़ाम-ए-हयात-ए-जावेदाँ था हर...

STAY CONNECTED

42,142FansLike
20,941FollowersFollow
29,074FollowersFollow
1,840SubscribersSubscribe

RECENT POSTS

Magnus Grehn

स्वीडिश कवि मैगनस ग्रेन की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा आंधी के बाद सेंट फ़ेगंस जाने की राह में एम 4 पर हमारी गाड़ी दौड़ गई वेल्स के बीचों-बीच सेंट फ़ेगंस की ओर आंधी के बाद...
Naomi Shihab Nye

नेओमी शिहैब नाय की कविता ‘प्रसिद्ध’

नेओमी शिहैब नाय (Naomi Shihab Nye) का जन्म सेंट लुइस, मिसौरी में हुआ था। उनके पिता एक फ़िलिस्तीनी शरणार्थी थे और उनकी माँ जर्मन...
Shehar Se Dus Kilometer - Nilesh Raghuwanshi

किताब अंश: ‘शहर से दस किलोमीटर’ – नीलेश रघुवंशी

'शहर से दस किलोमीटर' ही वह दुनिया बसती है जो शहरों की न कल्पना का हिस्सा है, न सपनों का। वह अपने दुखों, अपने...
Shri Vilas Singh

श्रीविलास सिंह की कविताएँ

सड़कें कहीं नहीं जातीं सड़कें कहीं नहीं जातीं वे बस करती हैं दूरियों के बीच सेतु का काम, दो बिंदुओं को जोड़तीं रेखाओं की तरह, फिर भी वे पहुँचा देती...
Ret Samadhi - Geetanjali Shree

गीतांजलि श्री – ‘रेत समाधि’

गीतांजलि श्री का उपन्यास 'रेत समाधि' हाल ही में इस साल के लिए दिए जाने वाले बुकर प्राइज़ के लिए चयनित अन्तिम छः किताबों...
Tom Phillips

टॉम फ़िलिप्स की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा युद्ध के बाद ज़िन्दगी कुछ चीज़ें कभी नहीं बदलतीं बग़ीचे की झाड़ियाँ हिलाती हैं अपनी दाढ़ियाँ बहस करते दार्शनिकों की तरह जबकि पैशन फ़्रूट की नारंगी मुठ्ठियाँ जा...
Javed Alam Khan

जावेद आलम ख़ान की कविताएँ

तुम देखना चांद तुम देखना चांद एक दिन कविताओं से उठा ज्वार अपने साथ बहा ले जाएगा दुनिया का तमाम बारूद सड़कों पर क़दमताल करते बच्चे हथियारों को दफ़न...
Shyam Bihari Shyamal - Sangita Paul - Kantha

श्यामबिहारी श्यामल जी के साथ संगीता पॉल की बातचीत

जयशंकर प्रसाद के जीवन पर केंद्रित उपन्यास 'कंथा' का साहित्यिक-जगत में व्यापक स्वागत हुआ है। लेखक श्यामबिहारी श्यामल से उपन्यास की रचना-प्रकिया, प्रसाद जी...
Shaheen Bagh - Bhasha Singh

किताब अंश: शाहीन बाग़ – लोकतंत्र की नई करवट

भाषा सिंह की किताब 'शाहीन बाग़ : लोकतंत्र की नई करवट' उस अनूठे आन्दोलन का दस्तावेज़ है जो राजधानी दिल्ली के गुमनाम-से इलाक़े से...
Woman with dupatta

सहेजने की आनुवांशिकता में

कहीं न पहुँचने की निरर्थकता में हम हमेशा स्वयं को चलते हुए पाते हैं जानते हुए कि चलना एक भ्रम है और कहीं न पहुँचना यथार्थदिशाओं के...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;)