Tag: Hindi Poem for Kids

Rose, Flower, Hand

फूल और शूल

एक दिन जो बाग में जाना हुआ, दूर से ही महकती आई हवा! खिल रहे थे फूल रँगा-रंग के केसरी थे और गुलाबी थे कहीं, चंपई की बात...
Lollipop, Food

बड़ा मजा आता

रसगुल्लों की खेती होती, बड़ा मज़ा आता। चीनी सारी रेती होती, बड़ा मज़ा आता। बाग़ लगे चमचम के होते, बड़ा मज़ा आता। शरबत के सब बहते सोते, बड़ा मज़ा आता। चरागाह हलवे का होता, बड़ा...
Prabhakar Machwe

चूहा सब जान गया है

बिल्ली आँखें मींचे बैठी, होंठ जरा से भींचे बैठी, दुबली-सी वह पीछे बैठी, साँस मजे़ से खींचे बैठी, पर चूहा सब जान गया है, दुश्मन को पहचान गया है, चाल...
Ramnaresh Tripathi

तिल्लीसिंह

पहने धोती कुरता झिल्ली, गमछे से लटकाए किल्ली, कस कर अपनी घोड़ी लिल्ली, तिल्लीसिंह जा पहुँचे दिल्ली! पहले मिले शेख जी चिल्ली, उनकी बहुत उड़ाई खिल्ली, चिल्ली ने पाली थी...
Dwarika Prasad Maheshwari

चंदा मामा, आ!

चंदा मामा, आ जाना, साथ मुझे कल ले जाना कल से मेरी छुट्टी है ना आये तो कुट्टी है। चंदा मामा खाते लड्डू, आसमान की थाली...

कोकिल

"इसमें एक और गुण भाई, जिससे यह सबके मन भाई। यह खेतों के कीड़े सारे, खा जाती है बिना बिचारे।"
Sun, Kid, Cape

हम बनेंगे सुपरमैन

नागराज और पीटर पैन हम बनेंगे सुपर मैन! हवा में उड़ के आयेंगे दुनिया को बचायेंगे केप गले में बांध के अपनी पावर तुम्हें दिखायेंगे कल के सुपर हीरो हम...
Maithili Sharan Gupt

सरकस

होकर कौतूहल के बस में, गया एक दिन मैं सरकस में। भय-विस्मय के खेल अनोखे, देखे बहु व्यायाम अनोखे। एक बड़ा-सा बंदर आया, उसने झटपट लैम्प जलाया। डट कुर्सी पर...
Naani Ka Sandook

नानी का संदूक

नानी का संदूक निराला, हुआ धुएँ से बेहद काला। पीछे से वह खुल जाता है, आगे लटका रहता ताला! चंदन चौकी देखी उसमें, सूखी लौकी देखी उसमें, बाली जौ की...
Baba Ji Ki Chheenk - Ramapati Shukla

बाबा जी की छींक

घर-घर को चौंकाने वाली, बाबा जी की छींक निराली! लगता यहीं-कहीं बम फूटा, या कि तोप से गोला छूटा! या छूटी बंदूक दुनाली, बाबा जी की छींक निराली! सोया बच्चा...
Billu Ka Basta

मेले की सैर

मिलके चलेंगे मेले भाई जाना नहीं अकेले भाई धेले की पालिश मंगवाओ कटा फटा जूता चमकाओ बाइसिकल रस्सी से बाँधो टोपी पर तमग़ा चिपकाओ मुँह को बस पानी से चुपड़ो साबुन...
Hariaudh

जागो प्यारे

उठो लाल अब आँखें खोलो, पानी लायी हूँ, मुँह धो लो बीती रात कमल दल फूले, उनके ऊपर भँवरे डोले चिड़िया चहक उठी पेड़ पर, बहने लगी हवा अति सुन्दर नभ में...

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