Tag: hindi quotes

Kasap - Manohar Shyam Joshi

मनोहर श्याम जोशी – ‘कसप’

मनोहर श्याम जोशी के उपन्यास 'कसप' से उद्धरण | Quotes from 'Kasap', a novel by Manohar Shyam Joshi प्रकाशक: राजकमल प्रकाशन चयन: पुनीत कुसुममुझे तो समस्त...
Jaya Ganga - Vijay Singh

विजय सिंह – ‘जया गंगा’

विजय सिंह के उपन्यास 'जया गंगा' से उद्धरण | Quotes from 'Jaya Ganga', a novel by Vijay Singh चयन: पुनीत कुसुम"ज़िन्दगी में कुछ ऐसे कलात्मक...
Chitkobra - Mridula Garg

मृदुला गर्ग – ‘चित्तकोबरा’

मृदुला गर्ग के उपन्यास 'चित्तकोबरा' से उद्धरण | Quotes from 'Chittakobra', a novel by Mridula Garg चयन: विक्रांत (शब्द अंतिम)"जो मन में हो, उसे छिपाना...
Chanchala Chor - Shivendra

शिवेन्द्र – ‘चंचला चोर’

शिवेन्द्र के उपन्यास 'चंचला चोर' से उद्धरण | Quotes from 'Chanchala Chor', a novel by Shivendra चयन: विक्रांत (शब्द अन्तिम)   "अँधेरे में, कुछ न कुछ अब...
Manav Kaul - Antima

मानव कौल – ‘अंतिमा’

'अंतिमा' पर पोषम पा का पॉडकास्ट 'अक्कड़ बक्कड़' यहाँ सुनें: https://youtu.be/mMZ0sX8DLvY मानव कौल के उपन्यास 'अंतिमा' से उद्धरण | Quotes from 'Antima' by Manav Kaul चयन व...
Bolna Hi Hai - Ravish Kumar

रवीश कुमार – ‘बोलना ही है’

रवीश कुमार की किताब 'बोलना ही है' से उद्धरण | Quotes from 'Bolna Hi Hai' (The Free Voice), a book by Ravish Kumar (चयन एवं...
Mannu Bhandari Mahabhoj

मन्नू भण्डारी – ‘महाभोज’

मन्नू भण्डारी के उपन्यास 'महाभोज' से उद्धरण | Quotes from 'Mahabhoj', a novel by Mannu Bhandari चयन व प्रस्तुति: पुनीत कुसुम   "अपने व्यक्तिगत दुख-दर्द, अंतर्द्वंद्व या...
Naukar Ki Kameez - Vinod Kumar Shukla

विनोद कुमार शुक्ल – ‘नौकर की कमीज़’

विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास 'नौकर की कमीज़' से उद्धरण | Quotes from 'Naukar Ki Kameez', a novel by Vinod Kumar Shukla चयन एवं प्रस्तुति:...
Mitro Marjani - Krishna Sobti

कृष्णा सोबती – ‘मित्रो मरजानी’

कृष्णा सोबती के उपन्यास 'मित्रो मरजानी' से उद्धरण | Quotes from 'Mitro Marjani', a Hindi novel by Krishna Sobti   "इस देह से जितना जस-रस ले...
Deewar Mein Ek Khidki Rehti Thi - Vinod Kumar Shukla

विनोद कुमार शुक्ल – ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’

विनोद कुमार शुक्ल के उपन्यास 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' से उद्धरण | Quotes from 'Deewar Mein Ek Khidki Rehti Thi', by Vinod...
Amrita Pritam - Aksharon Ke Saaye

अमृता प्रीतम – ‘अक्षरों के साये’

अमृता प्रीतम की आत्मकथा 'अक्षरों के साये' से उद्धरण | Quotes from 'Aksharon Ke Saaye', by Amrita Pritam  "यह मेरा और साहिर का रिश्ता, रिश्तों...
Poonachi - Perumal Murugan

पेरुमल मुरुगन – ‘पूनाची’

पेरुमल मुरुगन के उपन्यास 'पूनाची' से उद्धरण | Quotes by Perumal Murugan from 'Poonachi'   "मैं इंसानों के बारे में लिखने के प्रति आशंकित रहता हूँ;...

STAY CONNECTED

38,332FansLike
19,561FollowersFollow
27,543FollowersFollow
1,630SubscribersSubscribe

RECENT POSTS

Man lying on footpath, Homeless

तीन चित्र : स्वप्न, इनकार और फ़ुटपाथ पर लेटी दुनिया

1 हम मृत्यु-शैय्या पर लेटे-लेटे स्वप्न में ख़ुद को दौड़ता हुआ देख रहे हैंऔर हमें लगता है हम जी रहे हैं हम अपनी लकड़ियों में आग के...
Fair, Horse Ride, Toy

मेला

1 हर बार उस बड़ी चरखी पर जाता हूँ जो पेट में छुपी हुई मुस्कान चेहरे तक लाती है कई लोग साल-भर में इतना नहीं हँसते जितना खिलखिला लेते हैं...
Man holding train handle

आधुनिकता

मैं इक्कीसवीं सदी की आधुनिक सभ्यता का आदमी हूँ जो बर्बरता और जंगल पीछे छोड़ आया हैमैं सभ्य समाज में बेचता हूँ अपना सस्ता श्रम और दो वक़्त की...
Justyna Bargielska

यूस्टीना बारगिल्स्का की कविताएँ

1977 में जन्मीं, पोलिश कवयित्री व उपन्यासकार यूस्टीना बारगिल्स्का (Justyna Bargielska) के अब तक सात कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं और उन्हें दो...
Saadat Hasan Manto

ख़ुशिया

ख़ुशिया सोच रहा था।बनवारी से काले तम्बाकूवाला पान लेकर वह उसकी दुकान के साथ लगे उस संगीन चबूतरे पर बैठा था जो दिन के...
Naresh Mehta

घर की ओर

वह— जिसकी पीठ हमारी ओर है अपने घर की ओर मुँह किये जा रहा है जाने दो उसे अपने घर।हमारी ओर उसकी पीठ— ठीक ही तो है मुँह यदि होता तो...
Upma Richa

या देवी

1सृष्टि की अतल आँखों में फिर उतरा है शक्ति का अनंत राग धूम्र गंध के आवक स्वप्न रचती फिर लौट आयी है देवी रंग और ध्वनि का निरंजन...
Chen Kun Lun

चेन कुन लुन की कविताएँ

चेन कुन लुन का जन्म दक्षिणी ताइवान के काओशोंग शहर में सन 1952 में हुआ। वह एक सुधी सम्पादक रहे हैं। चेन लिटरेरी ताइवान...
Bharat Ke Pradhanmantri - Rasheed Kidwai

किताब अंश: भारत के प्रधानमंत्री

सुपरिचित पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई की किताब 'भारत के प्रधानमंत्री : देश, दशा, दिशा' भारत के पहले प्रधानमंत्री से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री...
Muktibodh - Premchand

मेरी माँ ने मुझे प्रेमचन्द का भक्त बनाया

एक छाया-चित्र है। प्रेमचन्द और प्रसाद दोनों खड़े हैं। प्रसाद गम्भीर सस्मित। प्रेमचन्द के होंठों पर अस्फुट हास्य। विभिन्न विचित्र प्रकृति के दो धुरन्धर...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;-)