Tag: history

Thumb, Revolution, History, Red, Blood

इतिहास

वक़्त की रेशमी रस्सी मेरे हाथ से फिसल रही थी इतिहास का घोड़ा उसे विपरीत दिशा में खींच रहा था तुम्हें यह कितना बड़ा मज़ाक़ लगता था जब मैं उसे अपनी तरफ़ खींचता था रस्सी...
Sunshine Painting Horizon

एक उमड़ता सैलाब

हममें ही डूबा है वह क्षितिज जहाँ से उदित होता है सबका आकाश फेंकता ऊषाएँ ऋतुएँ, वर्ष, संवत्सर उछालता व्यर्थ है प्रतीक्षा उन अश्वों के टापों की जो दो गहरे लम्बे सन्नाटों के...
Silent, Silence

इतिहास की कालहीन कसौटी

बन्‍द अगर होगा मन आग बन जाएगा, रोका हुआ हर शब्‍द चिराग़ बन जाएगा। सत्ता के मन में जब-जब पाप भर जाएगा झूठ और सच का सब अन्‍तर मिट जाएगा न्‍याय...
Doodhnath Singh

एक आँख वाला इतिहास

मैंने कठैती हड्डियों वाला एक हाथ देखा— रंग में काला और धुन में कठोर। मैंने उस हाथ की आत्मा देखी— साँवली और कोमल और कथा-कहानियों से भरपूर! मैंने पत्थरों...
Nirmal Gupt

इतिहास और विदूषक

'Itihas Aur Vidooshak', a poem by Nirmal Gupt उनकी घिसी हुई पतलून इधर-उधर से उधड़ी टीशर्ट देखकर कोई अनुमान मत लगाओ उनके उजड़े हुए बाल और बिना धुले चेहरों...
Jawaharlal Nehru

शुरू का इतिहास कैसे लिखा गया

संसार को जानना और उसके रहस्यों को खंगालना एक बालक मन के लिए वह खेल है जो वास्तव में उनकी समझ को विकसित करने का एक माध्यम भी बनता है। इसी माध्यम के महत्त्व को पहचानते हुए जवाहरलाल नेहरू ने अपनी बेटी को कुछ पत्र लिखे जिनमें उन्होंने संसार के प्राचीनतम रूप और उस रूप में मानवों के दखल के बारे में बातें की हैं! ये पत्र बच्चों से एक बुनियादी स्तर पर जाकर बातें करते हैं, जिसे हमारी शिक्षा प्रणाली कहीं भूल चुकी है.. पढ़िए और अपने आसपास के बच्चों को पढ़ाइये!
Raji Seth

किसका इतिहास

"...कौम कौन-सी चिड़िया का नाम है?... वह नाम लड़ने के लिए होता है- कौम का नाम।... सहने के लिए होता है आदमी- निपट नंगा, बेबस आदमी..."
Radha Krishna

राधा-कृष्ण

Radha Krishna, a poem by Shiva and Puneet Kusum चित्र श्रेय: Shiva कृष्ण हे राधे, हे राधे हे राधे, हे राधे हे राधे, हे राधे कान्हा ढूँढ रहा तुझे राधे ऊपर...

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RECENT POSTS

Corona, Covid

उसकी आँखें खुली रहनी चाहिए थीं

(कोरोना से गुज़र गई एक अपरिचित की फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल से गुज़रते हुए) 8 मई, 2021 सत्ता है मछली की आँख और दोनों कर्ता-धर्ता अर्जुन और 'ठाकुर' बने थे चूक...
Usha Priyamvada

छुट्टी का दिन

पड़ोस के फ़्लैट में छोटे बच्चे के चीख़-चीख़कर रोने से माया की नींद टूट गई। उसने अलसाई पलकें खोलकर घड़ी देखी, पौने छह बजे...
Sudha Arora

अकेली औरत का हँसना

अकेली औरत ख़ुद से ख़ुद को छिपाती है। होंठों के बीच क़ैद पड़ी हँसी को खींचकर जबरन हँसती है और हँसी बीच रास्ते ही टूट जाती है... अकेली औरत...
Shamsher Bahadur Singh

चुका भी हूँ मैं नहीं

चुका भी हूँ मैं नहीं कहाँ किया मैनें प्रेम अभी। जब करूँगा प्रेम पिघल उठेंगे युगों के भूधर उफन उठेंगे सात सागर। किन्तु मैं हूँ मौन आज कहाँ सजे मैनें साज अभी। सरल से भी...
Franz Kafka, Milena Jesenska

मिलेना को लिखे काफ़्का के पत्रों के कुछ अंश

किताब अंश: 'लेटर्स टू मिलेना' अनुवाद: लाखन सिंह प्रिय मिलेना, काश! ऐसा हो कि दुनिया कल ख़त्म हो जाए। तब मैं अगली ही ट्रेन पकड़, वियना में...
Woman in front of a door

सुबह

कितना सुन्दर है सुबह का काँच के शीशों से झाँकना इसी ललछौंहे अनछुए स्पर्श से जागती रही हूँ मैं बचपन का अभ्यास इतना सध गया है कि आँखें खुल ही जाती...
Rohit Thakur

सोलेस इन मे

कौन आएगा मई में सांत्वना देने कोई नहीं आएगा समय ने मृत्यु का स्वांग रचा है अगर कोई न आए तो बारिश तुम आना आँसुओं की तरह दो-चार बूँदों की...
Fist, Protest, Dissent

एक छोटी-सी लड़ाई

मुझे लड़नी है एक छोटी-सी लड़ाई एक झूठी लड़ाई में मैं इतना थक गया हूँ कि किसी बड़ी लड़ाई के क़ाबिल नहीं रहा। मुझे लड़ना नहीं अब— किसी...
Saadat Hasan Manto

मंटो

मंटो के मुताल्लिक़ अब तक बहुत कुछ लिखा और कहा जा चुका है। उसके हक़ में कम और ‎ख़िलाफ़ ज़्यादा। ये तहरीरें अगर पेश-ए-नज़र...
Sahir Ludhianvi

ख़ून फिर ख़ून है

ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाता है ख़ून फिर ख़ून है, टपकेगा तो जम जाएगा ख़ाक-ए-सहरा पे जमे या कफ़-ए-क़ातिल पे जमे फ़र्क़-ए-इंसाफ़ पे...
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