Tag: Hope

Woman

निर्जला उपवास

वे सब 'सौभाग्यवती हो' का आशीष पाना चाहती हैं मन पर पड़ी गाँठों को रेशमी कपड़ों से सजा रही हैं और रेशमी कपड़े अपना सौभाग्य बता...
Kids

आशा अमरधन

समन्दर गहरा कि आशा गहरी। धरती भारी कि आशा भारी। पहाड़ अविचल कि आशा अविचल। फूल हलका कि आशा हलकी। हवा सत्वर कि आशा...
Akhileshwar Pandey

उम्मीद

'Ummeed', a poem by Akhileshwar Pandey रेत नदी की सहचर है जो पत्ते चट्टानों पर गिरकर सूख रहे होते हैं उन्हें अकेलेपन का नहीं, हरेपन से बिछुड़ने का दुःख सता...
Nirmal Gupt

एक शहर का आशावाद

'Ek Shehar Ka Ashavad', a poem by Nirmal Gupt मैं हमेशा उस महानगर में जाकर रास्ते भूल जाता हूँ जिसके बारे में यह कहा जाता है कि वह...
Manjula Bist

उम्मीद बाक़ी है

होश सम्भालते ही धरा के हर हिस्से के बाबत मुझे यही ताकीद किया गया कि "हर रोज़ सूरज के डूबने का अर्थ, घर लौट आना है उसके बाद किसी...
Paritosh Kumar Piyush

उम्मीद

'Ummeed', a poem by Paritosh Kumar Piyush (एक) तुम्हारी यादों को ओढ़ता हूँ तुम्हारी यादों को बिछाता हूँ अपने लिहाफ़ में छोड़ रखता हूँ तुम्हारे हिस्से की पूरी जगह तुम्हारी चुप्पी...
School Kids

मैं नहीं चाहता

'Main Nahi Chahta', a poem by Amar Dalpura मैं नहीं चाहता सूरज निकलते ही दुनिया के शोर में चिड़ियों की चहक मर जाए। सभी पक्षी सुबह का स्वागत करते...
Girl, Woman

उम्मीद अब भी बाकी है

"तुम्हारी माँ उतनी बुरी नहीं है", बाबा ने उस दिन शाम में कहा, "अभी भी वह हमसे उतना ही प्यार करती है, दो-चार रुपये के लिए उस पंजाबी से सम्बन्ध बनाया हो, यह अलग बात है।"
Balmukund Gupt

आशा का अन्त

"माई लार्ड! अबके आपके भाषण ने नशा किरकिरा कर दिया। संसार के सब दुःखों और समस्त चिन्ताओं को जो शिवशम्भु शर्मा दो चुल्लू बूटी पीकर भुला देता था, आज उसका उस प्यारी विजया पर भी मन नहीं है।"
ishwar nahi neend chahiye_featured-image

सद्दाम हुसैन हमारी आखिरी उम्मीद था

लिखित लिख रहे थे प्रयोग बनते जा रहे थे अंकों और श्रेणियों में ढल रहे थे रोजगार बस मिलने ही वाले थे कि हम प्रेम हार गए अब सद्दाम...

STAY CONNECTED

35,734FansLike
15,378FollowersFollow
22,311FollowersFollow
925SubscribersSubscribe

RECENT POSTS

Manav Kaul - Antima

मानव कौल – ‘अंतिमा’

मानव कौल के उपन्यास 'अंतिमा' से उद्धरण | Quotes from 'Antima' by Manav Kaul चयन व प्रस्तुति: पुनीत कुसुम   "बहुत वक़्त तक मैं मेरे भीतर की...
Alok Kumar Mishra

‘क’ से ‘कमल’, ‘क’ से ‘कश्मीर’

'क' से 'कमल' वाले इस देश में 'क' से 'कश्मीर' भी हो सकता है पर उसके लिए आँखों को थोड़ा सजल करना होगा हृदय में उतरना होगा दिमाग़ की परतों...
Kaun Hain Bharat Mata - Purushottam Agrawal

किताब अंश: ‘कौन हैं भारत माता?’ – पुरुषोत्तम अग्रवाल

राष्ट्र और राष्ट्रवाद को लेकर देश में लगातार चल रही बहसों के बीच राजकमल प्रकाशन ने 'कौन हैं भारत माता' पुस्तक प्रकाशित की है।...
Tasneef

हसनैन जमाल के नाम एक ख़त (अपनी शायरी के हवाले से)

भाई हसनैन! आपने कई बार ग़ज़लें माँगीं और मैं हर बार शर्मिंदा हुआ कि क्या भेजूँ? ऐसा नहीं है कि पुराने शेरी मजमूए के बाद...
Gorakh Pandey

फूल

फूल हैं गोया मिट्टी के दिल हैं धड़कते हुए बादलों के ग़लीचों पे रंगीन बच्चे मचलते हुए प्यार के काँपते होंठ हैं मौत पर खिलखिलाती हुई चम्पई ज़िन्दगी जो कभी मात...
Balli Singh Cheema

तय करो किस ओर हो तुम

तय करो किस ओर हो तुम, तय करो किस ओर हो आदमी के पक्ष में हो या कि आदमख़ोर हो। ख़ुद को पसीने में भिगोना ही...
Sahir Ludhianvi

ये दुनिया दो-रंगी है

ये दुनिया दो-रंगी है एक तरफ़ से रेशम ओढ़े, एक तरफ़ से नंगी है एक तरफ़ अंधी दौलत की पागल ऐश-परस्ती एक तरफ़ जिस्मों की क़ीमत रोटी...
Harry Potter - Voldemort

सपने में वॉल्डेमॉर्ट

आप जानते हैं रॉल्फ़ फ़ाइंस को? "तुम जानते हो कौन... वो, जिसका नाम नहीं लिया जाना चाहिए!" हाँ वही, जो वॉल्डेमॉर्ट बने थे हैरी पॉटर में जिसे देख काँप उठती थी बच्चों...
Bolna Hi Hai - Ravish Kumar

रवीश कुमार – ‘बोलना ही है’

रवीश कुमार की किताब 'बोलना ही है' से उद्धरण | Quotes from 'Bolna Hi Hai' (The Free Voice), a book by Ravish Kumar (चयन एवं...
Rahul Boyal

मैं शब्द खो दूँगा एक दिन

मैं शब्द खो दूँगा एक दिन एक दिन भाषा भी चुक जाएगी मेरी मैं बस सुना करूँगा तुम्हें कहूँगा कुछ नहीं जबकि याद आएगी तुम्हारी हो जाऊँगा बरी अपने आप से तुम भी...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;-)