Tag: Housewife

Pallavi Mukherjee

कविताएँ: अगस्त 2020

सुनो मछुआरे सुनो मछुआरे जितने जुगनू तुम्हारी आँखों में चमक रहे हैं न टिम-टिम तारों के जैसे, वे क्या हमेशा चमकते रहते हैं इसी तरह?सुनो मछुआरे जब तुम जाल फेंकते हो सागर में, तुम्हारी बाँहों की मछलियाँ मचल-मचल...
Chandrakant Devtale

घर में अकेली औरत के लिए

तुम्हें भूल जाना होगा समुद्र की मित्रता और जाड़े के दिनों को जिन्हें छल्ले की तरह अँगुली में पहनकर तुमने हवा और आकाश में उछाला था, पंखों में बसन्त...
Poonam Sonchhatra

आत्मसंतुष्टि

और फिर एक समय के पश्चात इच्छाओं का रक्तबीज स्वयं करने लगता है अवसाद की उल्टियाँसफलता का महिषासुर पैरों तले रौंद दिया जाता है परिवार, प्यार, समाज, उत्तरदायित्व, लोक-लज्जा, संशय, उपेक्षा...
Mamta Kalia

बोलनेवाली औरत

"कल छोले बनेंगे?""जी छोले बनेंगे।""पाजामों के नाड़े बदले जाने चाहिए।""हाँ जी, पाजामों के नाड़े बदले जाने चाहिए।"

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Nurit Zarchi

नूइत ज़ारकी की कविता ‘विचित्रता’

नूइत ज़ारकी इज़राइली कवयित्री हैं जो विभिन्न साहित्य-सम्बन्धी पुरस्कारों से सम्मानित हैं। प्रस्तुत कविता उनकी हीब्रू कविता के तैल गोल्डफ़ाइन द्वारा किए गए अंग्रेज़ी...
Sunset

कितने प्रस्थान

सूरज अधूरी आत्महत्या में उड़ेल आया दिन-भर का चढ़ना उतरते हुए दृश्य को सूर्यास्त कह देना कितना तर्कसंगत है यह संदेहयुक्त है अस्त होने की परिभाषा में कितना अस्त हो जाना दोबारा...
Naresh Mehta

कवच

मैं जानता हूँ तुम्हारा यह डर जो कि स्वाभाविक ही है, कि अगर तुम घर के बाहर पैर निकालोगे तो कहीं वैराट्य का सामना न हो जाए, तुम्हें...
Vishesh Chandra Naman

मैं

मैं एक तीर था जिसे सबने अपने तरकश में शामिल किया किसी ने चलाया नहींमैं एक फूल था टूटने को बेताब सबने मुझे देखा, मेरे रंगों की तारीफ़ की और मैं...
Gaurav Bharti

कविताएँ: नवम्बर 2021

यात्री भ्रम कितना ख़ूबसूरत हो सकता है? इसका एक ही जवाब है मेरे पास कि तुम्हारे होने के भ्रम ने मुझे ज़िन्दा रखातुम्हारे होने के भ्रम में मैंने शहर...
God, Abstract Human

कौन ईश्वर

नहीं है तुम्हारी देह में यह रुधिर जिसके वर्ण में अब ढल रही है दिवा और अँधेरा सालता हैरोज़ थोड़ी मर रही आबादियों में रोज़ थोड़ी बढ़ रही...
Haruki Murakami

हारुकी मुराकामी की कहानी ‘सातवाँ आदमी’

कहानी: 'सातवाँ आदमी' लेखक: हारुकी मुराकामी जापानी से अनुवाद: क्रिस्टोफ़र एलिशन हिन्दी अनुवाद: श्रीविलास सिंह"वह मेरी उम्र के दसवें वर्ष के दौरान सितम्बर का एक अपराह्न था...
Aashika Shivangi Singh

आशिका शिवांगी सिंह की कविताएँ

माँ-पिता प्रेमी-प्रेमिका नहीं बन सके मेरी माँ जब भी कहती है— "प्रेम विवाह ज़्यादा दिन नहीं चलते, टूट जाते हैं" तब अकस्मात ही मुझे याद आने लगते...
Lee Min Yung

कविता सरहदों के पार, हक़ीक़त के बीच दरार और कुछ बेतरतीब विचार

वरिष्ठ ताइवानी कवि एवं आलोचक ली मिन-युंग की कविताओं के हिन्दी अनुवाद का संकलन 'हक़ीक़त के बीच दरार' जुलाई में पाठकों तक पहुँचा। साहित्यिक...
Thaharti Sanson Ke Sirhane Se - Ananya Mukherjee

दुःख, दर्द और उम्मीद का मौसम (अनन्य मुखर्जी की कैंसर डायरी)

'ठहरती साँसों के सिरहाने से' अनन्या मुखर्जी की डायरी है जो उन्होंने 18 नवम्बर, 2018 को स्तन कैंसर से लड़ाई हार जाने से पहले...
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