Tag: interview

Khwaja Ahmad Abbas - Krishan Chander

‘अब्बास : व्यक्तित्व और कला’ — ख़्वाजा अहमद अब्बास से कृश्न चन्दर की बातचीत

ख़्वाजा अहमद अब्बास से कृश्न चन्दर की बातचीत 'मुझे कुछ कहना है' से साभारकृश्न—अपनी जन्म-तिथि याद है? मेरा मतलब साहित्यिक जन्म-तिथि से है।अब्बास—यों तो मैं...
Raghuvir Sahay

रास्ता इधर से है

वह एक वाहियात दिन था। सब कुछ शांत था—यहाँ, इस कमरे में जहाँ किसी के चलने की भी आवाज़ नहीं सुनायी पड़ सकती थी,...
Amrita Pritam - Khushwant Singh

अमृता प्रीतम के खुशवंत सिंह से सात सवाल

अमृता: खुशवंत जी, सारी ज़िन्दगी आपका सम्बन्ध सरमायेदार श्रेणी से रहा है, पर उस श्रेणी का ग़ुरूर आपको छू नहीं सका। सारी ज़िन्दगी आपने...
Sharad Joshi

एक भूतपूर्व मंत्री से मुलाक़ात

मंत्री थे तब उनके दरवाज़े कार बँधी रहती थी। आजकल क्वार्टर में रहते हैं और दरवाज़े भैंस बँधी रहती है। मैं जब उनके यहाँ...
Harivanshrai Bachchan

प्रश्न मेरे, उत्तर बच्चन के

साक्षात्कार: हरिवंशराय बच्चन (बच्चन रचनावली खंड 9 से) साक्षात्कारकर्ता: कुमारी विभा सक्सेना, 1979प्रश्न— आपने अपनी आत्मकथा के प्रथम भाग 'क्या भूलूँ क्या याद करूँ' में...
Mahadevi Verma

डॉ. विजयानन्द का महादेवी वर्मा से साक्षात्कार

डॉ. विजयानन्द का महादेवी वर्मा से साक्षात्कार परिवेश सूर्य अस्ताचल की ओर बढ़ चुका था। सन्ध्या सुन्दरी अपनी उन्नत सीढ़ियों से धीरे-धीरे धरती पर उतर रही...
Gopaldas Neeraj

लिटरेचर का एंज्वायमेंट होंठों पर है

जो समाज के होंठों पर रहेगा, वही भविष्य में जीवित रहेगा। काग़ज़ पर छपकर, घरों और लाइब्रेरी में बन्द होकर नहीं।
Amrita-Imroz

अमृता के इमरोज़ से ‘सात सवाल’

अमृता-इमरोज़ का नाम आते ही या तो प्रेम-तिकोनों के कोण नपने लगते हैं या फिर एक में खुद को भुला चुका कोई दूसरा 'एक'...
shan rahman

जो पढ़ने में आप सहज हैं, वही पढ़ें – शान रहमान

कॉरपोरेट के पिंजरे में फंसे एक साहित्य प्रेमी के आगे अगर एक किताब रख दी जाए जिसका नाम हो "कॉरपोरेट कबूतर", तो उस किताब...

STAY CONNECTED

38,332FansLike
19,561FollowersFollow
27,479FollowersFollow
1,620SubscribersSubscribe

RECENT POSTS

Naresh Mehta

घर की ओर

वह— जिसकी पीठ हमारी ओर है अपने घर की ओर मुँह किये जा रहा है जाने दो उसे अपने घर।हमारी ओर उसकी पीठ— ठीक ही तो है मुँह यदि होता तो...
Upma Richa

या देवी

1सृष्टि की अतल आँखों में फिर उतरा है शक्ति का अनंत राग धूम्र गंध के आवक स्वप्न रचती फिर लौट आयी है देवी रंग और ध्वनि का निरंजन...
Chen Kun Lun

चेन कुन लुन की कविताएँ

चेन कुन लुन का जन्म दक्षिणी ताइवान के काओशोंग शहर में सन 1952 में हुआ। वह एक सुधी सम्पादक रहे हैं। चेन लिटरेरी ताइवान...
Bharat Ke Pradhanmantri - Rasheed Kidwai

किताब अंश: भारत के प्रधानमंत्री

सुपरिचित पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक रशीद किदवई की किताब 'भारत के प्रधानमंत्री : देश, दशा, दिशा' भारत के पहले प्रधानमंत्री से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री...
Muktibodh - Premchand

मेरी माँ ने मुझे प्रेमचन्द का भक्त बनाया

एक छाया-चित्र है। प्रेमचन्द और प्रसाद दोनों खड़े हैं। प्रसाद गम्भीर सस्मित। प्रेमचन्द के होंठों पर अस्फुट हास्य। विभिन्न विचित्र प्रकृति के दो धुरन्धर...
Manish Kumar Yadav

लगभग विशेषण हो चुका शासक

किसी अटपटी भाषा में दिए जा रहे हैं हत्याओं के लिए तर्क'एक अहिंसा है जिसका सिक्का लिए गांधीजी हर शहर में खड़े हैं लेकिन जब भी सिक्का उछालते...
Village, Farmer

किसान को कौन जानता है?

हवा को जितना जानता है पानी कोई नहीं जानतापानी को जितना जानती है आग कोई नहीं जानताआग को जितना जानते हैं पेड़ कोई नहीं जानतापेड़ को जितना...
premchand

सवा सेर गेहूँ

किसी गाँव में शंकर नाम का एक कुरमी किसान रहता था। सीधा-सादा ग़रीब आदमी था, अपने काम-से-काम, न किसी के लेने में, न किसी...
Unsocial Network - Dilip Mandal, Geeta Yadav

वे आपके बारे में बहुत ज़्यादा जानते हैं (किताब अंश: अनसोशल नेटवर्क)

'अनसोशल नेटवर्क' किताब भारत के विशिष्ट सन्दर्भों में सोशल मीडिया का सम्यक् आकलन प्रस्तुत करती है। जनसंचार का नया माध्यम होने के बावजूद, सोशल...
Prayers, Joined Hands

अनुत्तरित प्रार्थना

'परिवर्तन प्रकृति का नियम है' यह पढ़ते-पढ़ाते वक़्त मैंने पूरी शिद्दत के साथ अपने रिश्तों में की स्थिरता की कामनाप्रकृति हर असहज कार्य भी पूरी सहजता के...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;-)