Tag: Kavita sangrah

Des - Vinod Padraj

‘देस’ : देशज सन्दर्भों का आख्यान

कविता संग्रह: 'देस' कवि: विनोद पदरज प्रकाशक: बोधि प्रकाशन टिप्पणी: देवेश पथ सारिया विनोद पदरज देशज कवि हैं। वे राजस्थान की खाँटी संस्कृति का हिन्दी कविता में सशक्त...
Yogphal - Arun Kamal

अरुण कमल कृत ‘योगफल’

'योगफल' कविता संग्रह - अरुण कमल "जब तुम हार जाओ जब वापिस लौटो वापिस उनही जर्जर पोथियों पत्रों के पास सुसुम धूप में फिर से ढूंढो वही शब्द लुप्त फिर से...
Samay Ki Nadi Par Pul Nahin Hota - Rahul Boyal

समय की नदी पर पुल नहीं होता (कविता संग्रह)

रोटी प्रेम और भूख पशु आजकल प्रेम जहाँ दो प्रेमी रहते हों तुम और मैं एक दिन अनुत्तरित पत्थर और पानी व्याकरण  
Sarveshwar Dayal Saxena

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना का जूता, मोजा, दस्ताने, स्वेटर और कोट

जूता, मोजा, दस्ताने, स्वेटर और कोट- ये सब चीज़ें कपड़ों की किसी अलमारी से नहीं, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना के कविता संग्रह 'खूटियों पर टंगे लोग' के पन्नों...
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