Tag: Mandi House

Gaurav Bharti

कविताएँ: जून 2020

मुक्तावस्था मंडी हाउस के एक सभागार में बुद्धिजीवियों के बीच बैठी एक लड़की नाटक के किसी दृश्य पर ठहाके मार के हँस पड़ती है सामने बैठे सभी लोग मुड़कर देखते...
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