Tag: Manuj Depawat

Man, Poor, Old

तुम कहते संघर्ष कुछ नहीं

तुम कहते संघर्ष कुछ नहीं, वह मेरा जीवन अवलम्बन! जहाँ श्वास की हर सिहरन में, आहों के अम्बार सुलगते जहाँ प्राण की प्रति धड़कन में, उमस...
Man holding burning book

मैं प्रलय वह्नि का वाहक हूँ

मैं प्रलय वह्नि का वाहक हूँ, मिट्टी के पुतले मानव का संसार मिटाने आया हूँ! शोषित दल के उच्छवासों से, वह काँप रहा अवनी अम्बर उन अबलाओं...
Farmer, Village, Ox, Cow, Field

हे गाँव, तुझे मैं छोड़ चला

हे गाँव, तुझे मैं छोड़ चला, लाचार भरे इस भादों में। था एक दिवस जब तेरे इस आँगन में फूली अमराई था एक दिवस जब मेरे...
Evil, Bad, Hands

शोषक रे अविचल!

शोषक रे अविचल!शोषक रे अविचल! अजेय! गर्वोन्नत प्रतिपल! लख तेरा आतंक त्रसित हो रहा धरातल!भार-वाहिनी धरा, किन्तु तुमको ले लज्जित! अरे नरक के कीट!, वासना-पंक-निमज्जित!मृत मानवता के अधरों...
Heart, Sun, Leaf

मैं किसी आकुल हृदय की प्रीत लेकर क्या करूँगा

मैं किसी आकुल हृदय की प्रीत लेकर क्या करूँगा! सिकुड़ती परछाइयाँ, धूमिल-मलिन गोधूलि-बेला, डगर पर भयभीत पग धर चल रहा हूँ मैं अकेला, ज़िंदगी की साँझ में...
Woman, Flute, Music

आज जीवन गीत बनने जा रहा है

आज जीवन गीत बनने जा रहा है! ज़िंदगी के इस जलधि में ज्वार फिर से आ रहा है! छा गई थी मौन पतझड़ की उदासी! गान जब...
Stars

आ बतलाऊँ क्यों गाता हूँ?

आ बतलाऊँ क्यों गाता हूँ? नभ में घिरती मेघ-मालिका, पनघट-पथ पर विरह गीत जब गाती कोई कृषक बालिका! तब मैं भी अपने भावों के पिंजर खोल उड़ाता...

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डेज़ी रॉकवेल के इंटरव्यू के अंश

लेखक ने अपनी बात कहने के लिए अपनी भाषा रची है, इसलिए इसका अनुवाद करने के लिए आपको भी अपनी भाषा गढ़नी होगी। —डेज़ी...
Kalam Ka Sipahi - Premchand Jeevani - Amrit Rai

पुस्तक अंश: प्रेमचंद : कलम का सिपाही

भारत के महान साहित्यकार, हिन्दी लेखक और उर्दू उपन्यासकार प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। प्रेमचंद ने अपने जीवन काल में कई रचनाएँ...
Priya Sarukkai Chabria

प्रिया सारुकाय छाबड़िया की कविताएँ

प्रिया सारुकाय छाबड़िया एक पुरस्कृत कवयित्री, लेखिका और अनुवादक हैं। इनके चार कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें नवीनतम 'सिंग ऑफ़ लाइफ़ रिवीज़निंग...
aadhe adhoore mohan rakesh

आधे-अधूरे : एक सम्पूर्ण नाटक

आधे-अधूरे: एक सम्पूर्ण नाटक समीक्षा: अनूप कुमार मोहन राकेश (1925-1972) ने तीन नाटकों की रचना की है— 'आषाढ़ का एक दिन' (1958), 'लहरों के राजहंस' (1963)...
Kavita Mein Banaras

‘कविता में बनारस’ से कविताएँ

'कविता में बनारस' संग्रह में उन कविताओं को इकट्ठा किया गया है, जो अलग-अलग भाषाओं के कवियों ने अपने-अपने समय के बनारस को देख...
Kailash Manhar

डरावना स्वप्न

लम्बी कविता: डरावना स्वप्न (एक)हर रात वही डरावना सपना लगभग तीन से चार बजे के बीच आता है और रोम-रोम कँपा जाता है बहुत घबराहट के साथ पसीने-पसीने हुआ-सा...
Pervin Saket

परवीन साकेत की कविताएँ

परवीन साकेत उपन्यास 'उर्मिला' और कविता संग्रह 'ए टिंज ऑफ़ टर्मरिक' की लेखिका हैं। परवीन 'द बॉम्बे लिटरेरी मैगज़ीन' में पोएट्री एडिटर हैं और...
Shivangi

डिस्फ़ोरिया

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Aankhein - Sara Shagufta

पहला हर्फ़

पाकिस्तानी शायरा सारा शगुफ़्ता की नज़्मों का पहला संग्रह 'आँखें' उनकी मृत्यु के बाद सन् 1985 में प्रकाशित हुआ था। हाल ही में इसी...
Magnus Grehn

स्वीडिश कवि मैगनस ग्रेन की कविताएँ

अनुवाद: पंखुरी सिन्हा आंधी के बाद सेंट फ़ेगंस जाने की राह में एम 4 पर हमारी गाड़ी दौड़ गई वेल्स के बीचों-बीच सेंट फ़ेगंस की ओर आंधी के बाद...
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