Tag: Metered Poems

Farmer, Field, Village

गूँजे कूक प्यार की

जिस बरगद की छाँव तले रहता था मेरा गाँव वह बरगद ख़ुद घूम रहा अब नंगे-नंगे पाँव। रात-रात भर इस बरगद से क़िस्से सुनते थे गली, द्वार, बाड़े...
Kaifi Azmi

नज़राना

तुम परेशान न हो, बाब-ए-करम वा न करो और कुछ देर पुकारूँगा, चला जाऊँगा उसी कूचे में जहाँ चाँद उगा करते हैं शब-ए-तारीक गुज़ारूँगा, चला जाऊँगा रास्ता भूल...
Makhdoom Mohiuddin

फिर छिड़ी रात बात फूलों की

फिर छिड़ी रात बात फूलों की रात है या बरात फूलों की फूल के हार, फूल के गजरे शाम फूलों की, रात फूलों की आप का साथ, साथ...
Ramdhari Singh Dinkar

तुम क्यों लिखते हो

तुम क्यों लिखते हो? क्या अपने अन्तरतम को औरों के अन्तरतम के साथ मिलाने को? अथवा शब्दों की तह पर पोशाक पहन जग की आँखों से अपना रूप...
Habib Jalib

उट्ठो, मरने का हक़ इस्तेमाल करो

जीने का हक़ सामराज ने छीन लिया उट्ठो, मरने का हक़ इस्तेमाल करो! ज़िल्लत के जीने से मरना बेहतर है मिट जाओ या क़स्र-ए-सितम पामाल करो! सामराज के...
Trilochan

गाओ

मेरे उर के तार बजाकर जब जी चाहा तुमने गाया गीत। मौन मैं सुनने वाला कृपापात्र हूँ सदा तुम्हारा, चुनने वाला स्वर-सुमनों का। भीड़ भरा है, जो...
Agyeya

घृणा का गान

सुनो, तुम्हें ललकार रहा हूँ, सुनो घृणा का गान! तुम, जो भाई को अछूत कह वस्त्र बचाकर भागे तुम, जो बहिनें छोड़ बिलखती, बढ़े जा रहे...
Gopal Singh Nepali

प्रार्थना बनी रहीं

रोटियाँ ग़रीब की, प्रार्थना बनी रहीं! एक ही तो प्रश्न है रोटियों की पीर का पर उसे भी आसरा आँसुओं के नीर का राज है ग़रीब का,...
Parveen Shakir

इतना मालूम है

अपने बिस्तर पे बहुत देर से मैं नीम-दराज़ सोचती थी कि वो इस वक़्त कहाँ पर होगा मैं यहाँ हूँ मगर उस कूचा-ए-रंग-ओ-बू में रोज़ की तरह...
Sahir Ludhianvi

कभी-कभी मिरे दिल में ख़याल आता है

कभी-कभी मिरे दिल में ख़याल आता है कि ज़िन्दगी तिरी ज़ुल्फ़ों की नर्म छाँव में गुज़रने पाती तो शादाब हो भी सकती थी ये तीरगी जो मिरी...
Adil Mansuri

सियाह चाँद के टुकड़ों को मैं चबा जाऊँ

सियाह चाँद के टुकड़ों को मैं चबा जाऊँ सफ़ेद सायों के चेहरों से तीरगी टपके उदास रात के बिच्छू पहाड़ चढ़ जाएँ हवा के ज़ीने से तन्हाइयाँ...
Sahir Ludhianvi

ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है

ये महलों, ये तख़्तों, ये ताजों की दुनिया ये इंसाँ के दुश्मन समाजों की दुनिया ये दौलत के भूखे रिवाजों की दुनिया ये दुनिया अगर मिल भी जाए...

STAY CONNECTED

32,286FansLike
10,637FollowersFollow
20,710FollowersFollow
629SubscribersSubscribe

Recent Posts

Vijay Sharma

घोष बाबू और उनकी माँ

"हम यहाँ से निकलकर कहाँ जाएँगे?" — शिल्पा ने अनिमेष के कंधे पर सिर रक्खे कहा। "जहाँ क़िस्मत ले जाए!" — अनिमेष की आवाज़ में...
Ahmad Faraz

ले उड़ा फिर कोई ख़याल हमें

ले उड़ा फिर कोई ख़याल हमें साक़िया साक़िया सम्भाल हमें रो रहे हैं कि एक आदत है वर्ना इतना नहीं मलाल हमें ख़ल्वती हैं तेरे जमाल के हम आइने...
Ghumakkad Shastra

राहुल सांकृत्यायन – ‘घुमक्कड़ शास्त्र’

राहुल सांकृत्यायन की किताब 'घुमक्कड़ शास्त्र' से उद्धरण | Quotes from Ghumakkad Shastra, a book by Rahul Sankrityayan चयन: पुनीत कुसुम "वैसे तो गीता को बहुत...
Rahul Sankrityayan

स्‍मृतियाँ

घुमक्कड़ असंग और निर्लेप रहता है, यद्यपि मानव के प्रति उसके हृदय में अपार स्‍नेह है। यही अपार स्‍नेह उसके हृदय में अनंत प्रकार...
Yehuda Amichai

और हम उत्साहित नहीं होंगे

Poem: And We Shall Not Get Excited Poet: Yehuda Amichai Translated from the Hebrew by Barbara and Benjamin Harshav अंग्रेज़ी से अनुवाद: सृष्टि ठाकुर और हम उत्साहित नहीं...
Hands. Separation

कभी न लौटने के लिए मत जाना

सुनो! जब जाना तो इस तरह मत जाना कि कभी लौट न सको उन्हीं रास्तों पर वापस जाते हुए गिराते जाना रास्ते में ख़त का पुर्ज़ा, कोई...
Rabindranath Tagore

साहित्य की सामग्री

राधाकृष्ण प्रकाशन से प्रकाशित 'साहित्य विधाओं की प्रकृति' से  अनुवाद : वंशीधर विद्यालंकार केवल अपने लिए लिखने को साहित्य नहीं कहते हैं—जैसे पक्षी अपने आनंद के...
Faiz Ahmad Faiz

इस वक़्त तो यूँ लगता है

इस वक़्त तो यूँ लगता है, अब कुछ भी नहीं है महताब न सूरज, न अँधेरा न सवेरा आँखों के दरीचों पे किसी हुस्न की चिलमन और...
Bheedtantra - Asghar Wajahat

‘भीड़तंत्र’ से दो लघु कहानियाँ

राजपाल एण्ड सन्ज़ से प्रकाशित असग़र वजाहत की किताब 'भीड़तंत्र' से साभार स्वार्थ का फाटक —“हिंसा का रास्ता कहाँ से शुरू होता है?” —“जहाँ से बातचीत का...
Pratibha Sharma

लाल रिबन

मेरे गाँव में सफ़ेद संगमरमर से बनी दीवारें लोहे के भालों की तरह उगी हुई हैं जिनकी नुकीली नोकों में नीला ज़हर रंगा हुआ है खेजड़ी के ईंट-चूने...
कॉपी नहीं, शेयर करें! ;-)