Tag: Metered Verses

Faiz Ahmad Faiz

इस वक़्त तो यूँ लगता है

इस वक़्त तो यूँ लगता है, अब कुछ भी नहीं है महताब न सूरज, न अँधेरा न सवेरा आँखों के दरीचों पे किसी हुस्न की चिलमन और...
Subhadra Kumari Chauhan

यह कदम्ब का पेड़

यह कदम्ब का पेड़ | Yah Kadamb Ka Ped यह कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे। मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे॥ ले...
Amir Khusrow

अमीर ख़ुसरो के दोहे

अमीर ख़ुसरो के दोहे | Amir Khusro Ke Dohe ख़ुसरो रैन सुहाग की, जागी पी के संग। तन मेरो मन पियो को, दोउ भए एक रंग॥ ख़ुसरो...
Firaq Gorakhpuri

बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं

बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं तुझे ऐ ज़िन्दगी, हम दूर से पहचान लेते हैं मेरी नज़रें भी ऐसे क़ातिलों का जान...
Ahmad Faraz

रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ

रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ कुछ तो मिरे पिंदार-ए-मोहब्बत का भरम रख तू...
Dushyant Kumar

मेरे स्वप्न तुम्हारे पास सहारा पाने आएँगे

मेरे स्वप्न तुम्हारे पास सहारा पाने आएँगे इस बूढ़े पीपल की छाया में सुस्ताने आएँगे हौले-हौले पाँव हिलाओ, जल सोया है छेड़ो मत हम सब अपने-अपने दीपक...
Zafar Iqbal

अभी किसी के न मेरे कहे से गुज़रेगा

अभी किसी के न मेरे कहे से गुज़रेगा वो ख़ुद ही एक दिन इस दाएरे से गुज़रेगा भरी रहे अभी आँखों में उसके नाम की नींद वो...
Moon, Flower

नील गगन का चाँद

वह नील गगन का चाँद उतर धरती पर आएगा, तुम आज धरा के गीतों को फिर से मुस्‍काने दो। वे गीत कि जिनसे जेठ दुपहरी भी...
Hafeez Merathi

आबाद रहेंगे वीराने, शादाब रहेंगी ज़ंजीरें

आबाद रहेंगे वीराने, शादाब रहेंगी ज़ंजीरें जब तक दीवाने ज़िंदा हैं, फूलेंगी-फलेंगी ज़ंजीरें आज़ादी का दरवाज़ा भी ख़ुद ही खोलेंगी ज़ंजीरें टुकड़े-टुकड़े हो जाएँगी जब हद से...
Hasrat Mohani

चुपके-चुपके रात-दिन आँसू बहाना याद है

चुपके-चुपके रात-दिन आँसू बहाना याद है हमको अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है बा-हज़ाराँ इज़्तिराब ओ सद-हज़ाराँ इश्तियाक़ तुझसे वो पहले-पहल दिल का लगाना याद...
Dilawar Figar

दावतों में शाइरी

दावतों में शाइरी अब हो गई है रस्म-ए-आम यूँ भी शाइर से लिया जाता है अक्सर इंतिक़ाम पहले खाना उसको खिलवाते हैं भूखे की तरह फिर उसे करते...
Akbar Allahabadi

हंगामा है क्यूँ बरपा

हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली है डाका तो नहीं डाला, चोरी तो नहीं की है ना-तजरबा-कारी से वाइज़ की ये हैं बातें इस...

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Vijay Sharma

घोष बाबू और उनकी माँ

"हम यहाँ से निकलकर कहाँ जाएँगे?" — शिल्पा ने अनिमेष के कंधे पर सिर रक्खे कहा। "जहाँ क़िस्मत ले जाए!" — अनिमेष की आवाज़ में...
Ahmad Faraz

ले उड़ा फिर कोई ख़याल हमें

ले उड़ा फिर कोई ख़याल हमें साक़िया साक़िया सम्भाल हमें रो रहे हैं कि एक आदत है वर्ना इतना नहीं मलाल हमें ख़ल्वती हैं तेरे जमाल के हम आइने...
Ghumakkad Shastra

राहुल सांकृत्यायन – ‘घुमक्कड़ शास्त्र’

राहुल सांकृत्यायन की किताब 'घुमक्कड़ शास्त्र' से उद्धरण | Quotes from Ghumakkad Shastra, a book by Rahul Sankrityayan चयन: पुनीत कुसुम "वैसे तो गीता को बहुत...
Rahul Sankrityayan

स्‍मृतियाँ

घुमक्कड़ असंग और निर्लेप रहता है, यद्यपि मानव के प्रति उसके हृदय में अपार स्‍नेह है। यही अपार स्‍नेह उसके हृदय में अनंत प्रकार...
Yehuda Amichai

और हम उत्साहित नहीं होंगे

Poem: And We Shall Not Get Excited Poet: Yehuda Amichai Translated from the Hebrew by Barbara and Benjamin Harshav अंग्रेज़ी से अनुवाद: सृष्टि ठाकुर और हम उत्साहित नहीं...
Hands. Separation

कभी न लौटने के लिए मत जाना

सुनो! जब जाना तो इस तरह मत जाना कि कभी लौट न सको उन्हीं रास्तों पर वापस जाते हुए गिराते जाना रास्ते में ख़त का पुर्ज़ा, कोई...
Rabindranath Tagore

साहित्य की सामग्री

राधाकृष्ण प्रकाशन से प्रकाशित 'साहित्य विधाओं की प्रकृति' से  अनुवाद : वंशीधर विद्यालंकार केवल अपने लिए लिखने को साहित्य नहीं कहते हैं—जैसे पक्षी अपने आनंद के...
Faiz Ahmad Faiz

इस वक़्त तो यूँ लगता है

इस वक़्त तो यूँ लगता है, अब कुछ भी नहीं है महताब न सूरज, न अँधेरा न सवेरा आँखों के दरीचों पे किसी हुस्न की चिलमन और...
Bheedtantra - Asghar Wajahat

‘भीड़तंत्र’ से दो लघु कहानियाँ

राजपाल एण्ड सन्ज़ से प्रकाशित असग़र वजाहत की किताब 'भीड़तंत्र' से साभार स्वार्थ का फाटक —“हिंसा का रास्ता कहाँ से शुरू होता है?” —“जहाँ से बातचीत का...
Pratibha Sharma

लाल रिबन

मेरे गाँव में सफ़ेद संगमरमर से बनी दीवारें लोहे के भालों की तरह उगी हुई हैं जिनकी नुकीली नोकों में नीला ज़हर रंगा हुआ है खेजड़ी के ईंट-चूने...
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