Tag: माँ

Nirmal Gupt

माँ को याद करते हुए

'Maa Ko Yaad Karte Hue', a poem by Nirmal Guptउस रात अँधेरा बहुत घना था मौसम ज़रा गुनगुना माँ ने अपने सर्द हाथों में थाम मेरे हाथ...
Vivek Chaturvedi

विवेक चतुर्वेदी की कविताएँ

Poems: Vivek Chaturvedi उस दिन भी... नहीं रहेंगे हम एक दिन धरती पर उस दिन भी खिले हमारे हिस्से की धूप और गुनगुना जाएदेहरी पर चिड़िया आए उस दिन भी और हाथ...
Prem Shankar Raghuvanshi

मिल-बाँटकर

घर से चलते वक़्त पोटली में गुड़, सत्तू, चबैना रख दिया था माँ ने और जाने क्या-क्या, ठसाठस रेलगाड़ी में देर तक खड़े-खड़े भूख लगने लगी तो पोटली खोली जिसके...

माँ का चेहरा

'Maa Ka Chehra', a poem by Anupama Mishraआँखें उसकी और बड़ी हो गईं जब देखा रंग-बिरंगा लहँगा, किनारों पर जिसके लगे हुए थे सुर्ख़ सुनहले रंग के...
Nida Fazli

बेसन की सौंधी रोटी पर खट्टी चटनी जैसी माँ

'Besan Ki Saundhi Roti', poetry by Nida Fazli बेसन की सौंधी रोटी पर खट्टी चटनी जैसी माँ याद आती है चौका बासन चिमटा फुकनी जैसी माँ बाँस...
Woman

मीना पाण्डेय की कविताएँ

Poems: Meena Pandey सबसे अच्छी कविता सबसे अच्छी कविता उतर रही थी जब मुझे धूप में बोयाम सरकाना था, छत से उतार लाने थे ज़िम्मेदारियों के कपड़े सारा...
Mother Child

सुनो माँ

'Suno Maa', poems by Raginee Srivastava 1 सुनो माँ! धीरे-धीरे सीख रही हूँ जल्दी-जल्दी सब कुछ करना।अलसाई नींद, अल्हड़ हँसी और लापरवाह आदतों को मायके के संदूक में बंद कर आयी...
Parveen Shakir

जुदाई की पहली रात

'Judai Ki Pehli Raat', a nazm by Parveen Shakirआँख बोझल है मगर नींद नहीं आती है मेरी गर्दन में हमाइल तिरी बाँहें जो नहीं किसी करवट भी...
Leopold Staff

लियोपोल्ड स्टाफ की कविताएँ

Poems by Leopold Staff, a Polish poet अनुवाद: आदर्श भूषण क्या तुम? तुम मुझे बुलबुल, गुलाबों और चाँद की प्रशंसा करने से मना करते हो, ये शायद लगते हों...
Mother Child

जब माँ असहाय हो

'Jab Maa Asahay Ho', a poem by Umesh Kushwahaजब माँ असहाय पड़ी हो घर के किसी एक कोने में अकेले, तो उनकी एक ही कमी है- वो अनपढ़ और गृहणी हैं; उदास...
Rituraj

माँ का दुःख

कितना प्रामाणिक था उसका दुःख लड़की को दान में देते वक्त जैसे वही उसकी अन्तिम पूँजी होलड़की अभी सयानी नहीं थी अभी इतनी भोली सरल थी कि उसे सुख...
Prabhat

प्रभात की कविताएँ

क़स्बे का कवि वह कोई अधिकारी नहीं है कि लोग जी सर, हाँ सर कहते हुए काँपें उसके सामने नेता नहीं है कि इंसानों का समूह पालतू कुत्तों के...

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‘ठिठुरते लैम्प पोस्ट’ से कविताएँ

अदनान कफ़ील 'दरवेश' का जन्म ग्राम गड़वार, ज़िला बलिया, उत्तर प्रदेश में हुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय से कम्प्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने...
Vijendra Anil

कहाँ हैं तुम्हारी वे फ़ाइलें

मैं जानता था—तुम फिर यही कहोगे यही कहोगे कि राजस्थान और बिहार में सूखा पड़ा है ब्रह्मपुत्र में बाढ़ आयी है, उड़ीसा तूफ़ान की चपेट में...
Dunya Mikhail

दुन्या मिखाइल की कविता ‘चित्रकार बच्चा’

इराक़ी-अमेरिकी कवयित्री दुन्या मिखाइल (Dunya Mikhail) का जन्म बग़दाद में हुआ था और उन्होंने बग़दाद विश्वविधालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। सद्दाम हुसैन...
Muktibodh - T S Eliot

टी. एस. ईलियट के प्रति

पढ़ रहा था कल तुम्हारे काव्य कोऔर मेरे बिस्तरे के पास नीरव टिमटिमाते दीप के नीचे अँधेरे में घिरे भोले अँधेरे में घिरे सारे सुझाव, गहनतम संकेत! जाने...
Jeffrey McDaniel

जेफ़री मैकडैनियल की कविता ‘चुपचाप संसार’

जेफ़री मैकडैनियल (Jeffrey McDaniel) के पाँच कविता संग्रह आ चुके हैं, जिनमें से सबसे ताज़ा है 'चैपल ऑफ़ इनडवर्टेंट जॉय' (यूनिवर्सिटी ऑफ़ पिट्सबर्ग प्रेस,...
Antas Ki Khurchan - Yatish Kumar

‘अन्तस की खुरचन’ से कविताएँ

यतीश कुमार की कविताओं को मैंने पढ़ा। अच्छी रचना से मुझे सार्वजनिकता मिलती है। मैं कुछ और सार्वजनिक हुआ, कुछ और बाहर हुआ, कुछ...
Shivangi

उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ

मेरी भाषा मेरी माँ की तरह ही मुझसे अनजान है वह मेरा नाम नहीं जानती उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ मेरे नाम के अभाव से, परेशान वह बिलकुल माँ...
Savitribai Phule, Jyotiba Phule

सावित्रीबाई फुले का ज्योतिबा फुले को पत्र

Image Credit: Douluri Narayanaप्रिय सत्यरूप जोतीबा जी को सावित्री का प्रणाम,आपको पत्र लिखने की वजह यह है कि मुझे कई दिनों से बुख़ार हो रहा...
Khoyi Cheezon Ka Shok - Savita Singh

‘खोई चीज़ों का शोक’ से कविताएँ

सविता सिंह का नया कविता संग्रह 'खोई चीज़ों का शोक' सघन भावनात्मक आवेश से युक्त कविताओं की एक शृंखला है जो अत्यन्त निजी होते...
Rahul Tomar

कविताएँ: दिसम्बर 2021

आपत्तियाँ ट्रेन के जनरल डिब्बे में चार के लिए तय जगह पर छह बैठ जाते थे तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होती थीस्लीपर में रात के समय...
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