Tag: संगीत

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Woman holding leaf

मीनाक्षी मिश्र की कविताएँ

अपना पसंदीदा संगीत सुनते हुए अपना पसंदीदा संगीत सुनते हुए मैंने जाना जब कोई धुन पहुँचती है गंतव्य तक सही-सलामत तब पैर थिरकने से पहले थिरकती है आत्मा जीवन...
Couple holding moon

संतुलन, संगीत

संतुलन 1 आश्चर्य है, हँसने के लिए कारण खोजता व्यक्ति रो देता है अकारण! किसी को प्रेम करना उसकी दुःख-निधि पर अपना अधिकार जमाना है, किसी से प्रेम पाना उसके सुखों...
Sandeep Pareek Nirbhay

जाँघों के बीच

कल अरसे बाद उसके वहाँ गया था महाजन गाँव की मटकी का ठण्डा पानी पीते वक़्त सुनायी दी मुझे हारमोनियम की मीठी आवाज़ और धौंकनी चला रहे हाथ से आ...
Naresh Saxena

बाँसुरी

बाँसुरी के इतिहास में उन कीड़ों का कोई ज़िक्र नहीं जिन्होंने भूख मिटाने के लिए बाँसों में छेद कर दिए थे और जब-जब हवा उन छेदों से गुज़रती तो बाँसों का...
Poems by Niki Pushkar

निकी पुष्कर की कविताएँ

Poems: Niki Pushkar आदत सहेजने की पुरानी आदत है मेरी तुमसे भी जब जो मिला, मैंने सहेजकर हृदय में रख लिया, तुम्हारी हर एक बात, हर एक भाव-भंगिमा, सारे संवाद, मुलाक़ात की तारीख़ें, मुलाक़ात...
Fall, Leaf, Tree, Autumn

आदि संगीत

'Aadi Sangeet', a poem by Pushpendra Pathak पता है? हवा और पेड़ शाश्वत प्रेमी हैं योगियों-से ध्यानस्थ वृक्ष बुलाएँ न बुलाएँ चूमती हैं हवाएँ उन्हें झकझोरती हैं नचाती भी उठा ले जाती हैं सूखें...
Woman, Flute, Music

बदले में संगीत

'Badle Mein Sangeet', a poem by Abhishek Ramashankar हर रोज़ सुबह-सुबह जब शहर से कहीं दूर मुण्डेर पर दाना चुग रहे होते हैं कबूतर और किसी गाँव...
Suryakant Tripathi Nirala

प्रेम-संगीत

बम्हन का लड़का मैं, उसको प्यार करता हूँ। जात की कहारिन वह, मेरे घर की है पनहारिन वह, आती है होते तड़का, उसके पीछे मैं मरता हूँ। कोयल-सी काली, अरे, चाल...

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RECENT POSTS

Corona, Covid

उसकी आँखें खुली रहनी चाहिए थीं

(कोरोना से गुज़र गई एक अपरिचित की फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल से गुज़रते हुए) 8 मई, 2021 सत्ता है मछली की आँख और दोनों कर्ता-धर्ता अर्जुन और 'ठाकुर' बने थे चूक...
Usha Priyamvada

छुट्टी का दिन

पड़ोस के फ़्लैट में छोटे बच्चे के चीख़-चीख़कर रोने से माया की नींद टूट गई। उसने अलसाई पलकें खोलकर घड़ी देखी, पौने छह बजे...
Sudha Arora

अकेली औरत का हँसना

अकेली औरत ख़ुद से ख़ुद को छिपाती है। होंठों के बीच क़ैद पड़ी हँसी को खींचकर जबरन हँसती है और हँसी बीच रास्ते ही टूट जाती है... अकेली औरत...
Shamsher Bahadur Singh

चुका भी हूँ मैं नहीं

चुका भी हूँ मैं नहीं कहाँ किया मैनें प्रेम अभी। जब करूँगा प्रेम पिघल उठेंगे युगों के भूधर उफन उठेंगे सात सागर। किन्तु मैं हूँ मौन आज कहाँ सजे मैनें साज अभी। सरल से भी...
Franz Kafka, Milena Jesenska

मिलेना को लिखे काफ़्का के पत्रों के कुछ अंश

किताब अंश: 'लेटर्स टू मिलेना' अनुवाद: लाखन सिंह प्रिय मिलेना, काश! ऐसा हो कि दुनिया कल ख़त्म हो जाए। तब मैं अगली ही ट्रेन पकड़, वियना में...
Woman in front of a door

सुबह

कितना सुन्दर है सुबह का काँच के शीशों से झाँकना इसी ललछौंहे अनछुए स्पर्श से जागती रही हूँ मैं बचपन का अभ्यास इतना सध गया है कि आँखें खुल ही जाती...
Rohit Thakur

सोलेस इन मे

कौन आएगा मई में सांत्वना देने कोई नहीं आएगा समय ने मृत्यु का स्वांग रचा है अगर कोई न आए तो बारिश तुम आना आँसुओं की तरह दो-चार बूँदों की...
Fist, Protest, Dissent

एक छोटी-सी लड़ाई

मुझे लड़नी है एक छोटी-सी लड़ाई एक झूठी लड़ाई में मैं इतना थक गया हूँ कि किसी बड़ी लड़ाई के क़ाबिल नहीं रहा। मुझे लड़ना नहीं अब— किसी...
Saadat Hasan Manto

मंटो

मंटो के मुताल्लिक़ अब तक बहुत कुछ लिखा और कहा जा चुका है। उसके हक़ में कम और ‎ख़िलाफ़ ज़्यादा। ये तहरीरें अगर पेश-ए-नज़र...
Sahir Ludhianvi

ख़ून फिर ख़ून है

ज़ुल्म फिर ज़ुल्म है, बढ़ता है तो मिट जाता है ख़ून फिर ख़ून है, टपकेगा तो जम जाएगा ख़ाक-ए-सहरा पे जमे या कफ़-ए-क़ातिल पे जमे फ़र्क़-ए-इंसाफ़ पे...
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