Tag: Nayi Hindi Kitaab

Rinala Khurd - Ishmadhu Talwar

ईशमधु तलवार कृत ‘रिनाला खुर्द’

विवरण: रिनाला खुर्द लेखक ईशमधु तलवार का एक ऐसा उपन्यास है जिसमें भारत विभाजन का दर्द है, जिसमें सरहद के इस पार की हूक...
Ityadi - Gagan Gill

गगन गिल कृत ‘इत्यादि’

विवरण: हम समझते हैं, हमने एक शाम के बाद दूसरी सुबह शुरू की है, समुन्दर में हमारी नौका वहीं पर रुकी रही होगी। नौका बहते-बहते...
Sudin - Shashank

शशांक कृत ‘सुदिन’

विवरण: शशांक ने आँखों से कहानी कही हैं, जो कहने की असम्भव कला है। उसमें सारी दृष्टि है। असगर वज़ाहत ने एक चीज़ कही है-नफ़ासत।...
Yahan Wahan Kahan - Dipti Mishra

दीप्ति मिश्र कृत ‘यहाँ वहाँ कहाँ’

विवरण:दीप्ति जी की शाइरी में जिस औरत के दर्शन होते हैं वो उस औरत से मुख़्तलिफ़ है जिसको सदियों से समाज में दिखाया जा...
Cinema Aur Sahitya Nazi Yatna Shiviron Ki Trasad Gatha - Vijay Sharma

विजय शर्मा कृत ‘सिनेमा और साहित्य: नाज़ी यातना शिविरों की त्रासद गाथा’

विवरण: नाज़ी जर्मनी पर आधारित सिनेमा पर एक शोधपरक रचना ‘सिनेमा और साहित्य: नाज़ी यातना शिविरों की त्रासद गाथा!’“एक फ़िल्म का संवाद है, फ़िल्म केवल मनोरंजन,...
Teesari Parampara Ki Khoj - Sudhish Pachauri

सुधीश पचौरी कृत ‘तीसरी परम्परा की खोज’

विवरण: नयी उत्तर-आधुनिक स्थितियाँ और नये नजरिए, नये इतिहास की माँग करती हैं।‘तीसरी परम्परा की खोज’ इसी माँग का परिणाम है। यह खोज हिन्दी साहित्य...
Akhtari - Yatindra Mishra

यतीन्द्र मिश्र कृत ‘अख़्तरी: सोज़ और साज़ का अफ़साना’

विवरण: उन्होंने अपनी ठुमरियों और दादरों में पूरबी लास्य का जो पुट लगाया, उसने दिल टूटने को भी दिलकश बना दिया। - सलीम किदवईउनके माथे...
Yogphal - Arun Kamal

अरुण कमल कृत ‘योगफल’

'योगफल' कविता संग्रह - अरुण कमल"जब तुम हार जाओ जब वापिस लौटो वापिस उनही जर्जर पोथियों पत्रों के पास सुसुम धूप में फिर से ढूंढो वही शब्द लुप्त फिर से...
Keelein - S R Harnot

एस. आर. हरनोट कृत ‘कीलें’

एस. आर. हरनोट का नया कहानी संग्रह 'कीलें' इक्कीसवीं सदी के उजास और अँधेरों की कहानियों का अनूठा संग्रह है। इन कहानियों में पहाड़ केवल...
Premchand Ek PunarMoolyankan

प्रेमचंद: एक पुनर्मूल्यांकन

विवरण: प्रेमचन्द आज भी साहित्य में महत्त्वपूर्ण हैं और नयी पीढ़ियाँ भी उनके पठन-पाठन तथा अध्ययन-अनुसन्धान में रुचि लेती हैं। जब भी साहित्य-संसार तथा...
New Hindi Book - Chhabbis Kahaniyaan - Shivani

शिवानी की ‘छब्बीस कहानियाँ’

विवरण: "...शिवानी जैसा लेखन केवल अतीत का प्रातःस्मरण, बल्कि वर्तमान के घटिया अंशों के विरुद्ध खड़ा एक दुर्ग भी बन जाता है। वह ऊपरी जीवन...

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Dunya Mikhail

दुन्या मिखाइल की कविता ‘चित्रकार बच्चा’

इराक़ी-अमेरिकी कवयित्री दुन्या मिखाइल (Dunya Mikhail) का जन्म बग़दाद में हुआ था और उन्होंने बग़दाद विश्वविधालय से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। सद्दाम हुसैन...
Muktibodh - T S Eliot

टी. एस. ईलियट के प्रति

पढ़ रहा था कल तुम्हारे काव्य कोऔर मेरे बिस्तरे के पास नीरव टिमटिमाते दीप के नीचे अँधेरे में घिरे भोले अँधेरे में घिरे सारे सुझाव, गहनतम संकेत! जाने...
Jeffrey McDaniel

जेफ़री मैकडैनियल की कविता ‘चुपचाप संसार’

जेफ़री मैकडैनियल (Jeffrey McDaniel) के पाँच कविता संग्रह आ चुके हैं, जिनमें से सबसे ताज़ा है 'चैपल ऑफ़ इनडवर्टेंट जॉय' (यूनिवर्सिटी ऑफ़ पिट्सबर्ग प्रेस,...
Antas Ki Khurchan - Yatish Kumar

‘अन्तस की खुरचन’ से कविताएँ

यतीश कुमार की कविताओं को मैंने पढ़ा। अच्छी रचना से मुझे सार्वजनिकता मिलती है। मैं कुछ और सार्वजनिक हुआ, कुछ और बाहर हुआ, कुछ...
Shivangi

उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ

मेरी भाषा मेरी माँ की तरह ही मुझसे अनजान है वह मेरा नाम नहीं जानती उसके शब्दकोश से मैं ग़ायब हूँ मेरे नाम के अभाव से, परेशान वह बिलकुल माँ...
Savitribai Phule, Jyotiba Phule

सावित्रीबाई फुले का ज्योतिबा फुले को पत्र

Image Credit: Douluri Narayanaप्रिय सत्यरूप जोतीबा जी को सावित्री का प्रणाम,आपको पत्र लिखने की वजह यह है कि मुझे कई दिनों से बुख़ार हो रहा...
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‘खोई चीज़ों का शोक’ से कविताएँ

सविता सिंह का नया कविता संग्रह 'खोई चीज़ों का शोक' सघन भावनात्मक आवेश से युक्त कविताओं की एक शृंखला है जो अत्यन्त निजी होते...
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कविताएँ: दिसम्बर 2021

आपत्तियाँ ट्रेन के जनरल डिब्बे में चार के लिए तय जगह पर छह बैठ जाते थे तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होती थीस्लीपर में रात के समय...
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कविताएँ: दिसम्बर 2021

अंशतः अमान्य विचारों का समीकरण वह प्रभावकारी नहीं है उसमें संवेदन को परिवर्तित करने की क्षमता नहीं उससे समाज नहीं बनता है उसके स्रष्टा दो-तीन प्रकार के नहीं...
J V Pawar

‘दलित पैंथर ने दलित साहित्य का भूमण्डलीकरण किया’

दलित पैंथर के संस्थापक ज. वि. पवार से राजश्री सैकिया की बातचीत ज. वि. पवार दलित-पैंथर के संस्थापकों में एक रहे हैं। इस संगठन ने...
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