Tag: Neera Parmar

Abstract, Love, Couple

पुनरावर्तन

कहीं कोई पत्ता भी नहीं खड़केगा हर बार की तरह ऐसे ही सुलगते पलाश रक्त की चादर ओढ़े चीलों और गिद्धों को खींच ले आएँगेघेरकर मारे जाने...
Woman Reading

अन्तर्सज्जा

बहुत देख लिया नून-तेल, आटा-दाल बटलोई-कड़छुलवाली रसोईघर की खिड़की से बादल का छूटता कोना यह सोफ़ा कुर्सियाँ मेज़ पलंग फूलदान उधर धर दोकैलेण्डर में सुबह-शाम बंधे गलियारे में पूरब-पश्चिम क़ैद उस कोने में वह...
Tribe, Village, Adivasi, Labour, Tribal, Poor

समानान्तर इतिहास

इतिहास राजपथ का होता है पगडण्डियों का नहीं! सभ्यताएँ बनती हैं इतिहास और सभ्य इतिहास पुरुष! समय उन बेनाम क़दमों का क़ायल नहीं जो अनजान दर्रों जंगलों कछारों पर पगडण्डियों की आदिम लिपि— रचते हैं ये कीचड़-सने कंकड़-पत्थर...
Woman reading newspaper

औरत का क़द

तब नींव के कान खड़े हो जाते हैं किसी हादसे की धमक से, मिट्टी की गहराइयों में दूर तक काँप-करक जाती है धरती, जब किसी औरत का क़द पीपल-सा घर की...
Woman Face Painting

दख़ल

कोई उस औरत को बतलाए आख़िर क्यों दे रही है वह किसी को अपनी ज़िन्दगी से जुड़े सवालों के जवाब? आख़िर कब बन्द होगी दीवार में ठुकती कील-सी प्रश्नों की ठक-ठकक्यों आँखें खुलते...
Chapakal

वैतरणी

मंगतू अपनी बस्ती में एक नल लगाने का आग्रह अपने क्षेत्र के विधायक से करता है, लेकिन उसकी इस फ़रियाद के पूर्ण होने के रास्ते में रुकावट हैं वैतरणी के तट पर खड़े विधायक के स्वर्गीय बड़े भैया!

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डेज़ी रॉकवेल के इंटरव्यू के अंश

लेखक ने अपनी बात कहने के लिए अपनी भाषा रची है, इसलिए इसका अनुवाद करने के लिए आपको भी अपनी भाषा गढ़नी होगी। —डेज़ी...
Kalam Ka Sipahi - Premchand Jeevani - Amrit Rai

पुस्तक अंश: प्रेमचंद : कलम का सिपाही

भारत के महान साहित्यकार, हिन्दी लेखक और उर्दू उपन्यासकार प्रेमचंद किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। प्रेमचंद ने अपने जीवन काल में कई रचनाएँ...
Priya Sarukkai Chabria

प्रिया सारुकाय छाबड़िया की कविताएँ

प्रिया सारुकाय छाबड़िया एक पुरस्कृत कवयित्री, लेखिका और अनुवादक हैं। इनके चार कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें नवीनतम 'सिंग ऑफ़ लाइफ़ रिवीज़निंग...
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आधे-अधूरे : एक सम्पूर्ण नाटक

आधे-अधूरे: एक सम्पूर्ण नाटक समीक्षा: अनूप कुमार मोहन राकेश (1925-1972) ने तीन नाटकों की रचना की है— 'आषाढ़ का एक दिन' (1958), 'लहरों के राजहंस' (1963)...
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'कविता में बनारस' संग्रह में उन कविताओं को इकट्ठा किया गया है, जो अलग-अलग भाषाओं के कवियों ने अपने-अपने समय के बनारस को देख...
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लम्बी कविता: डरावना स्वप्न (एक)हर रात वही डरावना सपना लगभग तीन से चार बजे के बीच आता है और रोम-रोम कँपा जाता है बहुत घबराहट के साथ पसीने-पसीने हुआ-सा...
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पहला हर्फ़

पाकिस्तानी शायरा सारा शगुफ़्ता की नज़्मों का पहला संग्रह 'आँखें' उनकी मृत्यु के बाद सन् 1985 में प्रकाशित हुआ था। हाल ही में इसी...
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स्वीडिश कवि मैगनस ग्रेन की कविताएँ

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